Delhi News: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष की सुरक्षा में बड़ा इजाफा, विजेंद्र गुप्ता को मिली ‘Z’ कैटेगरी की सुरक्षा, बम धमकियों और घुसपैठ के बाद गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला

बम धमकियों और घुसपैठ के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को मिली Z कैटेगरी सुरक्षा, गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला

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Delhi News: दिल्ली विधानसभा को लगातार मिल रही बम से उड़ाने की धमकियों और हालिया सुरक्षा चूक के बाद एक बड़ा सुरक्षा कदम उठाया गया है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की सुरक्षा बढ़ाते हुए उन्हें अब ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी गई है।

दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक बयान जारी कर यह जानकारी दी है। बयान में कहा गया है कि बजट सत्र शुरू होने के बाद से विधानसभा को 6-7 बम धमकी वाले ईमेल मिले हैं। इसके अलावा हाल ही में एक शख्स ने अपनी कार से विधानसभा गेट नंबर-2 पर लगे अवरोधक तोड़ते हुए अंदर घुसने की कोशिश की और अध्यक्ष के कार्यालय के पास गुलदस्ता व माला रखकर भाग निकला। इन घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला लिया गया है।

सुरक्षा प्रोटोकॉल: Z श्रेणी का सुरक्षा घेरा

‘Z’ श्रेणी देश की चौथी सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणी है। यह आमतौर पर उन व्यक्तियों को दी जाती है जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गंभीर खतरे का आकलन किया जाता है।

Z श्रेणी सुरक्षा में कुल लगभग 22 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं। इसमें दिल्ली पुलिस, ITBP, CRPF या CISF के प्रशिक्षित जवान और NSG कमांडो शामिल होते हैं। कम से कम 4-5 NSG या अर्धसैनिक बल के कमांडो व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO) के रूप में 24 घंटे अध्यक्ष के साथ रहेंगे।

सुरक्षा घेरे में आगे एक ‘पायलट’ वाहन चलेगा जो रास्ता साफ करेगा। पीछे एक समर्पित एस्कॉर्ट कार रहेगी जिसमें हथियारबंद जवान तैनात होंगे। यात्रा के दौरान पूरे काफिले में सभी वाहन उन्नत संचार सुविधाओं से लैस होंगे।

अध्यक्ष के आवास पर स्टेटिक गार्ड तैनात रहेगा। प्रवेश और निकास द्वार पर सशस्त्र पहरा होगा। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की कड़ी जांच होगी और लॉग बुक मेंटेन की जाएगी। सुरक्षा टीम के पास मेटल डिटेक्टर, विस्फोटक जांच उपकरण और अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध रहेंगे। स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां अध्यक्ष के रूट और सार्वजनिक कार्यक्रमों की पहले से रेकी करेंगी।

खतरे का आकलन: धमकियां और सुरक्षा चूक

दिल्ली विधानसभा को बजट सत्र शुरू होने के बाद से लगातार बम से उड़ाने की धमकियों मिल रही हैं। कुल 6-7 धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए हैं। इन धमकियों में विधानसभा परिसर को निशाना बनाने की बात कही गई थी।

इसके अलावा हाल ही में एक गंभीर सुरक्षा चूक हुई। एक शख्स अपनी कार से गेट नंबर-2 पर लगे अवरोधक तोड़ते हुए अंदर घुस गया। वह अध्यक्ष के कार्यालय के पास पहुंचा और वहां गुलदस्ता व माला रखकर भाग निकला। इस घटना ने पूरे परिसर में हड़कंप मचा दिया था।

इन दोनों घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत समीक्षा की और अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को Z श्रेणी सुरक्षा देने का फैसला लिया गया।

सचिवालय की चिंता: सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

हालिया घटनाओं ने दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधानसभा परिसर में घुसपैठ जैसी घटना होना गंभीर चूक मानी जा रही है। दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की प्रक्रिया में हैं।

विधानसभा सचिवालय ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं। सभी गेटों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है और प्रवेश पर कड़ी जांच की जा रही है।

प्रमुख भूमिका: विधानसभा अध्यक्ष का दायित्व

विजेंद्र गुप्ता दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष हैं। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और दिल्ली राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। अध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारी सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने, अनुशासन बनाए रखने और विधायी प्रक्रिया को मजबूत करने की है।

हाल ही में बजट सत्र के दौरान सदन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस हुई। सुरक्षा धमकियों के बीच अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ाना इसलिए भी जरूरी था क्योंकि वे सदन की सर्वोच्च पदाधिकारी हैं।

उच्च जोखिम: Z श्रेणी सुरक्षा का महत्व

Z श्रेणी सुरक्षा आमतौर पर उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों को दी जाती है। इसमें शामिल प्रमुख हस्तियां अक्सर राजनीतिक नेता, न्यायाधीश, पत्रकार या सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चिह्नित व्यक्ति होते हैं। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष को यह सुरक्षा मिलने से उनकी सुरक्षा व्यवस्था अब काफी मजबूत हो गई है।

आधुनिक तकनीक: सुरक्षा सुधार की जरूरत

हालिया घटनाओं ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा को और आधुनिक बनाना चाहिए। ड्रोन निगरानी, AI आधारित फेस रिकग्निशन और ज्यादा NSG कमांडो तैनात करने की मांग उठ रही है।

दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय अब पूरे मामले की समीक्षा कर रहे हैं। भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए नए प्रोटोकॉल बनाए जा रहे हैं।

सियासी हलचल: राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

भाजपा ने इस फैसले का स्वागत किया है। पार्टी का कहना है कि अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ाना जरूरी था क्योंकि धमकियां गंभीर थीं।

विपक्षी दलों ने भी सुरक्षा बढ़ाए जाने का समर्थन किया है लेकिन साथ ही विधानसभा की समग्र सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि पूरे परिसर की सुरक्षा को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में कोई भी घुसपैठ न हो सके।

जांच का दायरा: दिल्ली की सुरक्षा स्थिति

दिल्ली में राजनीतिक और प्रशासनिक भवनों की सुरक्षा हमेशा संवेदनशील मुद्दा रहा है। हाल के वर्षों में कई बार सुरक्षा चूक की घटनाएं सामने आई हैं। विधानसभा की यह घटना एक और उदाहरण है।

गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। धमकी ईमेल भेजने वाले व्यक्तियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

Delhi News: निष्कर्ष

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को Z श्रेणी सुरक्षा दिए जाने का फैसला समय की मांग था। लगातार बम धमकियों और हालिया सुरक्षा चूक को देखते हुए यह कदम जरूरी था। अब उन्हें 24 घंटे NSG कमांडो और एस्कॉर्ट कार के साथ सुरक्षा मिलेगी।

यह घटना दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर करती है। विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा को और आधुनिक और कड़ा बनाना चाहिए। ड्रोन निगरानी, AI फेस रिकग्निशन और ज्यादा कमांडो तैनाती जैसे उपायों पर तुरंत काम होना चाहिए।

दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय को इस मामले से सबक लेते हुए पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगा। ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी घटना दोहराई न जा सके।

विजेंद्र गुप्ता की सुरक्षा बढ़ाए जाने से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकेगी और अध्यक्ष को कोई खतरा महसूस नहीं होगा। लेकिन लंबे समय में दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने की जरूरत है।

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