PM Modi on Women Reservation: संसद में गूंजी पीएम मोदी की हुंकार ‘महिला आरक्षण का विरोध करने वाले हारेंगे चुनाव’, सर्वसम्मति की अपील, कहा ‘क्रेडिट आप ले लो, मैं विज्ञापन देकर दूंगा धन्यवाद’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण पर विपक्ष को चेताया, कहा विरोध करने वालों को चुनावी नुकसान उठाना पड़ेगा

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PM Modi on Women Reservation: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जोरदार संबोधन दिया। पीएम मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण देश की 50 प्रतिशत आबादी को नीति-निर्माण में हिस्सेदारी देने का ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि बिल को सर्वसम्मति से पास करें। पीएम ने साफ चेतावनी दी कि जो इस बिल का विरोध करेगा, वह लंबे समय तक चुनावी कीमत चुकाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “राष्ट्र के जीवन में कुछ महत्वपूर्ण पल आते हैं। आज हम ऐसा ही एक पल कैप्चर कर रहे हैं। हम भारतीय मिलकर देश को नई दिशा देने जा रहे हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि 25-30 साल पहले जब यह विचार सामने आया था, तब इसे लागू कर दिया जाना चाहिए था। अब हम इसे परिपक्वता तक पहुंचा रहे हैं। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि बिल पास होने के बाद वे कल ही विज्ञापन देकर सभी का क्रेडिट देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, “आप जिसकी फोटो छपवाना चाहते हैं, मैं सरकारी खर्चे से छपवाने को तैयार हूं।”

संबोधन के अंश: पीएम मोदी के भाषण की मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर विस्तृत भाषण दिया। उन्होंने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया:

  • महिलाओं की भागीदारी समय की मांग: पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का मतलब सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक आंकड़े नहीं है। देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या को नीति-निर्माण में शामिल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम पहले ही काफी देर कर चुके हैं।

  • पंचायत अनुभव का जिक्र: पीएम ने याद दिलाया कि पंचायत चुनावों में महिला आरक्षण लागू होने के बाद लाखों महिलाएं सक्रिय हो गई हैं। वे अब चुप नहीं रहतीं। आज वे वोकल हैं और अपना हक मांग रही हैं। इसलिए बिल का विरोध करने वाले लोग लाखों बहनों के आंदोलन को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

  • विरोध करने वालों को चेतावनी: पीएम मोदी ने साफ कहा कि जो आज इस बिल का विरोध करेगा, वह लंबे समय तक कीमत चुकाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं उन लोगों को माफ नहीं करेंगी जिन्होंने उनके अधिकारों का विरोध किया। 2024 के चुनाव में बिल पास होने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक नहीं रहा। अब इसे और देरी नहीं होनी चाहिए।

  • सर्वसम्मति की अपील: प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से अपील की कि बिल को सर्वसम्मति से पास करें। उन्होंने कहा कि यह किसी एक पार्टी का मुद्दा नहीं है। यह देश के लोकतंत्र का मुद्दा है। “हम सब साथ आ जाते हैं तो इतिहास गवाह है, यह किसी एक के राजनीतिक पक्ष में नहीं जाएगा, बल्कि देश के लोकतंत्र के पक्ष में जाएगा।”

  • क्रेडिट का ऑफर: पीएम मोदी ने विपक्ष को बड़ा ऑफर दिया। उन्होंने कहा कि बिल पास होने के बाद वे विज्ञापन देकर सभी का धन्यवाद करेंगे। “आप क्रेडिट ले लो, मैं सरकारी खर्चे से फोटो छपवाने को तैयार हूं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें क्रेडिट की जरूरत नहीं है, देश की महिलाओं को उनका हक मिलना चाहिए।

  • परिसीमन पर स्पष्टीकरण: पीएम मोदी ने परिसीमन को लेकर भी स्पष्ट किया कि किसी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा। सभी राज्यों की सीटों में आनुपातिक बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि उनकी नीयत साफ है और वे किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करेंगे।

भविष्य की राजनीति: बिल का महत्व और गहरा असर

महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) 2023 में पास हुआ था। लेकिन इसे लागू करने के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में सीटों का परिसीमन जरूरी है। आज पेश किए गए तीन बिल इसी उद्देश्य से हैं। इनके पास होने के बाद लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 850 हो जाएंगी। इनमें 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

यह बिल भारतीय राजनीति की दशा और दिशा बदल देगा। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से नीति-निर्माण में लैंगिक संवेदनशीलता आएगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। लंबे समय में यह सामाजिक परिवर्तन भी लाएगा।

क्षेत्रीय चिंताएं: विपक्ष के सवाल और सरकारी आश्वासन

विपक्ष बिल का विरोध नहीं कर रहा है, लेकिन परिसीमन के तरीके पर सवाल उठा रहा है। कुछ दक्षिण भारतीय राज्य चिंतित हैं कि 2011 की जनगणना के आधार पर उनका प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सभी राज्यों को आनुपातिक 50 प्रतिशत बढ़ोतरी मिलेगी। तमिलनाडु की 39 सीटें बढ़कर 59 हो जाएंगी, केरल की 20 सीटें बढ़कर 30 हो जाएंगी।

पीएम मोदी ने कहा कि बिल को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। यह देश की महिलाओं का हक है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि सर्वसम्मति से बिल पास करें ताकि इतिहास में यह पल गर्व के साथ याद किया जाए।

नया चुनावी स्वरूप: लागू होने के बाद बड़े बदलाव

बिल पास होने के बाद 2029 के लोकसभा चुनाव में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। राज्य विधानसभाओं में भी यही व्यवस्था लागू होगी। राजनीतिक दल अब महिलाओं को ज्यादा टिकट देंगे। नए महिला चेहरे उभरेंगे।

परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों का नया गणित बनेगा। बड़े राज्यों की सीटें बढ़ेंगी लेकिन सरकार का दावा है कि किसी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा। यह बदलाव भारतीय लोकतंत्र को और समावेशी बनाएगा।

रणनीतिक पहल: मोदी का विशेष राजनीतिक संदेश

प्रधानमंत्री का आज का संबोधन सिर्फ बिल पर नहीं था। उन्होंने विपक्ष को क्रेडिट का ऑफर देकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बिल पास होने के बाद वे खुद विज्ञापन देकर सभी का धन्यवाद करेंगे। यह कदम विपक्ष को बिल पास करने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास है।

पीएम मोदी ने बार-बार जोर दिया कि यह बिल किसी एक पार्टी का नहीं है। यह देश का है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का यह कदम पूरे राष्ट्र के लिए फायदेमंद होगा।

नारी शक्ति: राजनीतिक भागीदारी में नया अध्याय

महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका मजबूत होगी। पंचायत स्तर पर महिला आरक्षण के बाद अब संसद और विधानसभाओं में भी एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए होंगी। इससे नीति-निर्माण में महिलाओं की आवाज मजबूत होगी।

पीएम मोदी ने कहा कि पंचायत में महिलाएं पहले शांत रहती थीं, अब वे वोकल हैं। संसद में भी उनकी आवाज नई सोच लाएगी। यह बदलाव देश की सामाजिक संरचना को भी प्रभावित करेगा।

PM Modi on Women Reservation: सुदृढ़ लोकतंत्र की दिशा में ऐतिहासिक कदम

लोकसभा में पीएम मोदी का संबोधन महिला आरक्षण बिल को लेकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षण है। प्रधानमंत्री ने सर्वसम्मति से बिल पास करने की अपील की और विपक्ष को क्रेडिट का ऑफर दिया। उन्होंने साफ कहा कि जो बिल का विरोध करेगा, वह चुनावी कीमत चुकाएगा।

सरकार 2029 से पहले महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी कर रही है। लोकसभा सीटें बढ़कर 850 हो जाएंगी और 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह कदम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई ऊंचाई देगा।

अब देखना होगा कि विपक्ष इस बिल पर क्या रुख अपनाता है। अगर सर्वसम्मति से बिल पास होता है तो यह भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक पल होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम पहले ही काफी देर कर चुके हैं। अब समय है कि हम इस बिल को पास करके महिलाओं को उनका हक दें।

महिला आरक्षण बिल से देश की राजनीति की दशा और दिशा बदलने वाली है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से नीतियां ज्यादा समावेशी और संवेदनशील होंगी। यह बदलाव न सिर्फ संसद बल्कि पूरे देश के सामाजिक ढांचे को प्रभावित करेगा।

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