Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, चेन्नई और तिरुवल्लुर में स्कूल-कॉलेज बंद
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात मुरासु को लेकर आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में सतर्कता बढ़ाई गई है।
Cyclone Murasu: बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Cyclone Murasu) अब अत्यधिक तीव्र होकर तटीय क्षेत्रों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह मौसमी प्रणाली समुद्र से नमी खींचकर ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ (Severe Cyclonic Storm) में बदल चुकी है और लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा में आंध्र प्रदेश के तट की ओर अग्रसर है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह चक्रवात 2 नवंबर की देर रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाके में दस्तक देगा। तूफान के असर से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के विस्तृत इलाकों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु प्रशासन ने चेन्नई और तिरुवल्लुर जिलों में सोमवार, 2 नवंबर को सभी स्कूल और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है।
Cyclone Murasu: 3 नवंबर की भोर में ओंगोल के पास लैंडफॉल का अनुमान
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव क्षेत्र तेजी से सक्रिय हुआ और गंभीर चक्रवात का रूप ले चुका है। यह प्रणाली वर्तमान में उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण आंध्र प्रदेश तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच, विशेष रूप से ओंगोल के आसपास के क्षेत्र में भूभाग से टकराएगी। लैंडफॉल की यह प्रक्रिया 2 नवंबर की रात लगभग 11:30 बजे से शुरू होकर 3 नवंबर की सुबह 4:00 बजे तक चलने की संभावना है।
जब तूफान तट को पार करेगा, उस समय हवा की निरंतर गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जो बीच-बीच में 120 किलोमीटर प्रति घंटे के खतरनाक झोंकों तक पहुंच सकती है। इतनी भीषण गति की हवाएं कच्चे मकानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और संचार लाइनों को व्यापक क्षति पहुंचा सकती हैं। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए अगले 24 से 48 घंटे अत्यधिक संवेदनशील और सतर्क रहने के हैं।
आंध्र प्रदेश के कई जिलों में रेड अलर्ट, मूसलाधार बारिश की आशंका
चक्रवात मुरासु का सर्वाधिक प्रभाव दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के जिलों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बापटला, प्रकाशम, नेल्लोर, गुंटूर और कृष्णा जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना के चलते ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। 3 और 4 नवंबर के दौरान इन क्षेत्रों में 200 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में गंभीर जलभराव और स्थानीय नदियों व नालों में उफान आने का खतरा है।
इसके साथ ही समुद्र में 8 से 10 फीट ऊंची विनाशकारी लहरें उठने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने समुद्र तट से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी है। गहरे समुद्र में मौजूद सभी नौकाओं को तत्काल नजदीकी सुरक्षित बंदरगाहों पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।
चेन्नई और तिरुवल्लुर में स्कूल-कॉलेज बंद, तमिलनाडु में ऑरेंज अलर्ट
आंध्र प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के उत्तरी तटीय जिलों पर भी मुरासु का व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग द्वारा जारी भारी से बहुत भारी वर्षा के ‘ऑरेंज अलर्ट’ को ध्यान में रखते हुए चेन्नई की जिला कलेक्टर एस. मालथी हेलन और तिरुवल्लुर की जिला कलेक्टर एस. कविता ने सोमवार, 2 नवंबर को सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों व कॉलेजों में अवकाश घोषित किया है।
इसके अतिरिक्त चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और पर्वतीय क्षेत्र नीलगिरी में भी प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है। चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर मध्यम से तेज बारिश दर्ज की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आगामी दिनों में मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद ही आगे की कक्षाओं के संचालन पर निर्णय लिया जाएगा।
आंध्र प्रदेश सरकार की युद्धस्तर पर तैयारी, NDRF और SDRF की टीमें तैनात
प्राकृतिक आपदा की आशंका को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर आपातकालीन राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील तटीय बस्तियों और कच्चे मकानों में रहने वाले नागरिकों को बिना किसी देरी के सुरक्षित राहत शिविरों (साइक्लोन शेल्टर्स) में पहुंचाया जाए।
आपदा से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 6 विशेष टीमें और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 7 टीमें सबसे संवेदनशील जिलों में तैनात कर दी गई हैं। राज्य और जिला स्तर पर चौबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे तूफान के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और पुराने वृक्षों के नीचे खड़े होने से बचें।
Cyclone Murasu: चक्रवात अर्नब के तुरंत बाद नए तूफान से तटीय आबादी पर दोहरा संकट
आंध्र प्रदेश की तटीय आबादी अभी हाल ही में आए चक्रवात अर्नब के कारण हुए नुकसान और जलभराव से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि चक्रवात मुरासु ने दस्तक दे दी है। एक के बाद एक लगातार दो चक्रवाती प्रणालियों के सक्रिय होने से तटीय जिलों में कृषि, बागवानी और बुनियादी ढांचे पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग लगातार उपग्रह और रडार चित्रों के माध्यम से मुरासु की दिशा और तीव्रता की निगरानी कर रहा है, ताकि समय रहते सटीक सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकें।
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