CJP Protest: जंतर मंतर पर धरना जारी, ‘कॉकरोच’ ने दी चेतावनी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
जंतर मंतर पर प्रदर्शन जारी, पुलिस अलर्ट, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
CJP Protest: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी है। जंतर मंतर पर अभिजीत दीपके के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बारिश के बावजूद समर्थक जुट रहे हैं और ‘चलो संसद’ मार्च की तैयारी में लगे हैं।
सोमवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बावजूद CJP शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है और धरना खत्म करने से पूरी तरह इनकार कर दिया है।
सोमवार को हुई हिंसक झड़प
सोमवार को CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और इस दौरान पथराव भी हुआ।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। बारिश के बीच हुए इस प्रदर्शन ने पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।
CJP की मांगें और सरकार से बातचीत
CJP ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मुख्य मांग रखी है। जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक में कोई ठोस आश्वासन न मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पीछे हटने से साफ मना कर दिया है।
अभिजीत दीपके ने कहा है कि बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जरूरी है। प्रदर्शनकारी जंतर मंतर छोड़ने को तैयार नहीं हैं और अपना मार्च जारी रखने पर अड़े हैं।
सोनम वांगचुक और अन्य नेताओं का समर्थन
लद्दाख के प्रसिद्ध कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सहित कई प्रमुख हस्तियां CJP के इस प्रदर्शन का समर्थन कर रही हैं। अभिजीत दीपके के आह्वान पर देश भर से युवा और छात्र बड़ी संख्या में एकत्र हो रहे हैं।
कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने भी प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कथित बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा की है। ओडिशा कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना सभी का अधिकार है और इस तरह लाठीचार्ज करना पूरी तरह गलत है।
दिल्ली पुलिस की सुरक्षा तैयारियां
स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है। जंतर मंतर और संसद भवन के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
लगातार हो रही बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती जा रही है। पुलिस ने पथराव और तोड़फोड़ के आरोप में कई लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
CJP का यह प्रदर्शन मुख्य रूप से NEET पेपर लीक और पूरी शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर है।
युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और बार-बार होने वाले परीक्षा पेपर लीक के मुद्दों ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार तुरंत जवाबदेही तय करे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और संसद में हलचल
विपक्षी दलों ने सरकार पर छात्रों और युवाओं के अहम मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, सरकार की ओर से कहा गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाएगी और किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संसद के मॉनसून सत्र में भी ये मुद्दे काफी गरमाए हुए हैं और जमकर हंगामा हो रहा है।
प्रदर्शन का असर और आगे की रणनीति
प्रदर्शन के कारण दिल्ली में यातायात व्यवस्था काफी प्रभावित हुई है। कई स्कूल और कॉलेजों में सतर्कता बरती जा रही है।
CJP ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अभिजीत दीपके का कहना है कि धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।
CJP Protest: युवाओं की आवाज और लोकतंत्र
यह प्रदर्शन देश के युवाओं की आवाज को मजबूत करता है। शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत से जल्द ही कोई समाधान निकलने की उम्मीद है (CJP Protest) ताकि स्थिति सामान्य हो सके। CJP का यह आंदोलन देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जंतर मंतर पर धरना जारी है और आगे क्या रुख रहता है, इस पर सबकी नजर है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
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