जंतर-मंतर नहीं, मुंबई से शुरू हुआ CJP का ‘CJP Jail Bharo Andolan’, अभिजीत दीपके ने बताया शिवाजी पार्क चुनने की वजह
जंतर-मंतर नहीं, मुंबई से शुरू हुआ CJP का 'CJP Jail Bharo Andolan', अभिजीत दीपके ने बताया शिवाजी पार्क चुनने की वजह
CJP Jail Bharo Andolan: अभिजीत दीपके की अगुआई वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई के शिवाजी पार्क से ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू कर दिया है। यह प्रोटेस्ट शुक्रवार शाम को छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क के गेट नंबर 6 के पास से शुरू हुआ। खास बात यह है कि इस बार पार्टी ने प्रदर्शन के लिए दिल्ली के बजाय मुंबई को चुना है। दीपके के मुताबिक यह फैसला सोच-समझकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते। प्रदर्शन बाद में गोवा, कोलकाता और देश के दूसरे हिस्सों में जाएगा और आखिर में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना होगा।
CJP Jail Bharo Andolan: शिवाजी पार्क के गेट नंबर 6 से हुई शुरुआत
सीजेपी का यह आंदोलन शुक्रवार शाम मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क के गेट नंबर 6 के पास से शुरू हुआ। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और पार्टी नेता सौरव दास इस मुहिम का चेहरा बने हुए हैं।
आंदोलन का नाम जेल भरो रखा गया है और निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं। हालांकि उपलब्ध जानकारी में प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या या पुलिस की कार्रवाई को लेकर कोई ब्योरा सामने नहीं आया है।
दिल्ली छोड़ मुंबई क्यों चुना गया
इससे पहले सीजेपी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर जोरदार आंदोलन कर चुकी है। उस आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।
इस बार पार्टी ने राजधानी की जगह मुंबई को चुना। दीपके ने कहा कि यह फैसला सोच-समझकर लिया गया है। उन्होंने मराठी में कहा कि दिल्ली की गद्दी भी महाराष्ट्र संभालता है, यानी देश की राजनीति में इस राज्य की बड़ी भूमिका है।
आंदोलन का रोडमैप: गोवा, कोलकाता और फिर जंतर-मंतर
दीपके के मुताबिक आंदोलन मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा। इसे आगे गोवा और कोलकाता समेत देश के दूसरे हिस्सों में ले जाया जाएगा।
सबसे आखिर में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा। यानी जंतर-मंतर को पूरी तरह छोड़ा नहीं गया है, बल्कि उसे अंतिम पड़ाव बनाया गया है। अलग-अलग शहरों की तारीखें अभी सामने नहीं आई हैं।
महाराष्ट्र के चुनावी नतीजों का हवाला
मुंबई चुनने की वजह बताते हुए दीपके ने महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 48 सीटों में बीजेपी को सिर्फ 9 सीटें मिली थीं। इसके करीब छह महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
उनके सवाल का सार यही है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। इसी सवाल को आधार बनाकर सीजेपी ने महाराष्ट्र से अपने आंदोलन की शुरुआत की।
लोकसभा और विधानसभा के आंकड़ों की तुलना
2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने महाराष्ट्र में 28 सीटों पर चुनाव लड़ा और 9 सीटें जीतीं। महायुति में शिवसेना को 7 और एनसीपी को 1 सीट मिली, यानी गठबंधन के खाते में कुल 17 सीटें आईं। दूसरी ओर कांग्रेस को 13, शिवसेना-यूबीटी को 9 और एनसीपी को 8 सीटें मिलीं। एक सीट निर्दलीय को मिली।
विधानसभा चुनाव में बीजेपी 132 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। शिवसेना की 57 और एनसीपी की 41 सीटों को जोड़कर महायुति के पास 288 में से 230 सीटें हो गईं। कांग्रेस को 16, शिवसेना-यूबीटी को 20 और एनसीपी-एसपी को 10 सीटें मिलीं।
वोट चोरी का मुद्दा फिर गरमाने के आसार
इस आंदोलन के पीछे एक खबर का भी जिक्र है, जिसमें चुनाव आयोग के भीतर मतभेद का दावा किया गया है। महाराष्ट्र के नतीजों को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं।
विधानसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप लगाए थे और विदर्भ की कुछ सीटों का भी हवाला दिया था। ऐसे में मुंबई में सीजेपी के आंदोलन से यह मुद्दा और गरम हो सकता है। ये आरोप राजनीतिक हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
CJP Jail Bharo Andolan: आगे क्या
अब नजर इस पर रहेगी कि मुंबई के बाद आंदोलन गोवा और कोलकाता कब पहुंचता है। चुनाव आयोग या ज्ञानेश कुमार की ओर से इन मांगों पर कोई प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है। दीपके का दावा है कि आंदोलन इस्तीफे तक जारी रहेगा। क्या यह मुहिम जमीन पर कितना असर डाल पाती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई के शिवाजी पार्क से जेल भरो आंदोलन शुरू किया है। दिल्ली की जगह महाराष्ट्र को चुनने की वजह 2024 के लोकसभा और विधानसभा नतीजों में आया बड़ा फर्क बताया गया है। दीपके के मुताबिक आंदोलन गोवा, कोलकाता समेत कई शहरों से गुजरकर अंत में जंतर-मंतर पहुंचेगा और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा। चुनाव आयोग की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
Read More Here:-
Range Rover Sport Electric: भारत में अनवील, 609 किमी रेंज और 550 HP
Supreme Court On E-Challan: ई-चालान नहीं भरा तो जब्त हो सकती है गाड़ी, RC और PUC सेवाएं रुकेंगी