Government Action on Onion Prices: आज से चलेगी ‘कांदा एक्सप्रेस’; बफर स्टॉक से सस्ता प्याज पहुंचाकर मिलेगी आम लोगों को राहत

बढ़ती कीमतों पर सरकार ने उठाया कदम, नासिक से बड़े शहरों तक पहुंचेगा बफर स्टॉक का प्याज

0
Government Action on Onion Prices: देशभर के खुदरा बाजारों में रसोई के सबसे अनिवार्य घटक प्याज की लगातार बढ़ती कीमतों और आम जनता की जेब पर पड़ते अतिरिक्त वित्तीय बोझ को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। त्योहारी सीजन से पूर्व खाद्य महंगाई को काबू में रखने और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 से बहुप्रतीक्षित ‘कांदा एक्सप्रेस’ (Kanda Express) विशेष मालगाड़ी सेवा को पुनः शुरू करने का रणनीतिक निर्णय लिया है।
इस विशेष रेल परिवहन पहल के तहत देश के प्रमुख प्याज उत्पादक केंद्र नासिक (महाराष्ट्र) से प्याज की भारी खेप सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे उन बड़े उपभोग केंद्रों तक त्वरित गति से पहुंचाई जाएगी, जहां वर्तमान में खुदरा कीमतें राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक दर्ज की जा रही हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय बफर स्टॉक से प्याज को चरणबद्ध और सुनियोजित तरीके से रियायती दरों पर खुले बाजार में उतारा जाएगा ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन स्थापित कर आम परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।

Government Action on Onion Prices: देशभर में प्याज की खुदरा कीमतों में 45% तक का भारी उछाल

केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा जारी किए गए नवीनतम मूल्य निगरानी आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को देश भर में प्याज की औसत खुदरा कीमत 42 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। यह मूल्य स्तर पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत और पिछले माह की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। महानगरों में स्थिति और भी अधिक गंभीर बनी हुई है, जहां बिचौलियों और आपूर्ति में कमी के चलते प्याज के भाव आम आदमी की पहुंच से बाहर होने लगे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के खुदरा बाजारों में शनिवार को प्याज 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिका, जबकि पिछले साल इसी समय दिल्ली में प्याज की कीमत मात्र 35 रुपये प्रति किलो थी। इसी प्रकार दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में प्याज का भाव 58 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष 33 रुपये के स्तर पर था। इसके अलावा केरल और असम के कई पूर्वोत्तर जिलों में भी स्थानीय आवक कम होने के कारण प्याज की कीमतें काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं।

क्या है ‘कांदा एक्सप्रेस’ और कैसे काम करेगा आपूर्ति का यह मॉडल?

कांदा एक्सप्रेस भारतीय रेल और केंद्रीय उपभोक्ता सहकारी संस्थाओं के समन्वय से संचालित होने वाली एक विशेष बल्क रेल परिवहन प्रणाली है। इसके अंतर्गत महाराष्ट्र के नासिक और लासलगांव रेलवे स्टेशनों से विशेष रेक लोड करके प्रमुख राज्यों के मुख्य वितरण केंद्रों तक बिना किसी रुकावट के तीव्र गति से माल पहुंचाया जाता है। सड़क मार्ग से ट्रकों द्वारा ढुलाई की तुलना में रेल परिवहन न केवल समय की भारी बचत करता है, बल्कि माल ढुलाई की लागत में भी प्रति रेक लाखों रुपये की कमी लाता है, जिससे उपभोक्ताओं तक कम दाम में प्याज पहुंचाना संभव हो पाता है।
इससे पूर्व केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2024 में इसी सफल मॉडल को अपनाकर दिल्ली और पूर्वोत्तर के राज्यों में प्याज की कीमतों में आई अप्रत्याशित तेजी को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया था। इस वर्ष भी भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) मिलकर रेल रैक के माध्यम से पहुंचे स्टॉक को थोक मंडियों (जैसे दिल्ली की आजादपुर मंडी) में नीलाम करेंगे तथा सफल (Safal), केंद्रीय भंडार और मोबाइल वैन के जरिए सीधे उपभोक्ताओं को रियायती दर पर उपलब्ध कराएंगे।

महाराष्ट्र में खरीफ उत्पादन में गिरावट और कीमतों में उछाल के प्रमुख कारण

कृषि अर्थशास्त्रियों और कमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार देश में प्याज की कीमतों में आई इस हालिया तेजी का प्राथमिक कारण देश के सबसे बड़े प्याज उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में खरीफ सीजन के उत्पादन में 5 से 7 प्रतिशत की संभावित गिरावट की खबरें हैं। बुआई के रकबे में कमी और शुरुआती मानसूनी बारिश के असमान वितरण के चलते उत्पादक क्षेत्रों में फसल की आवक प्रभावित हुई है।
इसके परिणामस्वरूप एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव सहित महाराष्ट्र की प्रमुख थोक मंडियों में प्याज की कीमतें चढ़कर 3,800 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर को छूने लगी हैं। हालांकि कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2025-26 के फसल वर्ष में कुल प्याज उत्पादन 307 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के उत्पादन स्तर के ही बराबर है। अतः आपूर्ति में आई यह कमी अल्पकालिक और कृत्रिम मानी जा रही है, जिसे बफर स्टॉक के माध्यम से आसानी से पाटा जा सकता है।

1.2 लाख टन बफर स्टॉक तैयार, खरीद मूल्य बढ़ाकर किसानों को दिया गया प्रोत्साहन

चालू वित्त वर्ष के दौरान केंद्र सरकार की ओर से नाफेड और एनसीसीएफ ने मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के तहत लगभग 1.2 लाख टन रबी प्याज की बफर स्टॉक के रूप में खरीद की है। शुरुआत में मई महीने में दोनों एजेंसियों ने किसानों से प्याज की खरीद दर 1,270 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की थी।
हालांकि किसानों को उनकी उपज का उचित लाभकारी मूल्य दिलाने और बफर खरीद प्रक्रिया को तीव्र करने के उद्देश्य से सरकार ने हाल ही में खरीद मूल्य को संशोधित कर 2,645 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। सरकारी खरीद दरों में हुई इस दोगुनी बढ़ोतरी से उत्पादक किसानों को तो सीधा आर्थिक लाभ मिला है, किंतु स्थानीय बाजारों में व्यापारियों द्वारा मुनाफावसूली और कृत्रिम जमाखोरी की आशंका को देखते हुए सरकार ने अब अपने बफर स्टॉक को सीधे उपभोग केंद्रों पर उतारने का फैसला लिया है।

चीनी के दामों पर भी सरकार की सख्त निगरानी, पर्याप्त भंडार मौजूद

प्याज के साथ-साथ खुदरा बाजार में खुले चीनी (Loose Sugar) के दामों में भी बढ़ोतरी का रुख देखा जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार शनिवार को देश में खुली चीनी की औसत खुदरा कीमत 62.5 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई, जो पिछले महीने की 46 रुपये प्रति किलो की कीमत से लगभग 28.5 प्रतिशत और एक साल पहले से 34 प्रतिशत अधिक है। महानगरों की बात करें तो दिल्ली में चीनी 65 रुपये प्रति किलो और मुंबई में 69 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बिक रही है।
केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि देश में चीनी का पर्याप्त घरेलू भंडार उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की आपूर्ति कमी नहीं है। सरकार ने सभी राज्य सरकारों और प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे चीनी और आवश्यक जिंसों की जमाखोरी व कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखें ताकि आगामी रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और गणेशोत्सव जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का कोई अनावश्यक दबाव न बने।

Government Action on Onion Prices: आम उपभोक्ताओं को मिलने वाली राहत और सरकार की दीर्घकालिक नीति

कांदा एक्सप्रेस के संचालन और केंद्रीय बफर स्टॉक से दैनिक आधार पर प्याज की आपूर्ति बढ़ने से आगामी दो से तीन दिनों के भीतर दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई, गुवाहाटी और कोच्चि के खुदरा बाजारों में प्याज के दामों में 15 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट आने की प्रबल संभावना है। सरकारी आउटलेट्स और मोबाइल वैन के जरिए सस्ता प्याज उपलब्ध होने से निजी खुदरा विक्रेताओं पर भी कीमतें कम करने का स्वाभाविक दबाव बनेगा।
दीर्घकालिक स्तर पर केंद्र सरकार कोल्ड स्टोरेज के आधुनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार, विकिरण (इरैडिएशन) आधारित भंडारण तकनीक और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने की व्यापक कार्ययोजना पर काम कर रही है। उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार सरकार बाजार के दैनिक रुझानों की चौबीसों घंटे समीक्षा कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य प्रभावित शहरों के लिए भी विशेष ट्रेनें रवाना की जाएंगी ताकि देश के किसी भी हिस्से में आवश्यक रसोई वस्तुओं के दामों में अनियंत्रित वृद्धि न होने पाए।

Read More Here

Guinea Conakry Landfill Collapse: गिनी की राजधानी कोनाक्री में भीषण हादसा, बारिश के बाद कचरे का विशाल पहाड़ ढहा; कम से कम 22 लोगों की मौत, कई घर मलबे में दबे

Srinagar Jail Escape: श्रीनगर सेंट्रल जेल से दो विचाराधीन कैदी फरार, दीवार फांदकर भागे आरोपी; पूरे कश्मीर में हाई अलर्ट, पुलिस ने जारी किया लुकआउट नोटिस

Raksha Bandhan Tech Gifts: इस रक्षाबंधन, कपड़ों और मिठाई से हटकर दें ये 5 शानदार टेक गिफ्ट्स, जो सालों-साल काम आएंगे

Airport Immigration Rule 2026: विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव! अब एयरपोर्ट पर बोर्डिंग पास पर नहीं लगेगी इमिग्रेशन स्टैंप, 1 सितंबर से लागू होगा नियम

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.