Stock Market Today: शेयर बाजार में हफ्ते की धमाकेदार शुरुआत, सेंसेक्स 200 अंक चढ़ा और निफ्टी 24,300 के पार; कच्चे तेल की नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, मेटल और आईटी शेयरों में तेजी
Stock Market Today: अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रुख और मजबूती के साथ की। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन दलाल स्ट्रीट पर लिवाली का माहौल देखने को मिला, जिससे प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स लगभग 200 अंकों की तेजी के साथ मजबूती से आगे बढ़ा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 24,300 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की औपचारिक घोषणा से ठीक पहले वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिसने घरेलू स्तर पर निवेशकों और संस्थागत खरीदारों के मनोबल को मजबूती प्रदान की।
Stock Market Today: कच्चे तेल में आई नरमी बनी भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ी राहत
भारतीय अर्थव्यवस्था और पूंजी बाजार के दृष्टिकोण से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की चाल अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि भारत अपनी कुल पेट्रोलियम आवश्यकताओं का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में हर एक डॉलर का उछाल देश के आयात बिल, चालू खाते के घाटे (CAD) और घरेलू खुदरा महंगाई पर सीधा दबाव डालता है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों के दौरान मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अस्थिरता और होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के चलते ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ था।
सोमवार के कारोबारी सत्र में ब्रेंट क्रूड में लगभग 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 93 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.3 से 1.4 प्रतिशत फिसलकर 85 से 86 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार करता दिखा। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव द्वारा ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा से पहले सटोरियों और वैश्विक फंड्स द्वारा की गई मुनाफावसूली ने कच्चे तेल के दामों को नीचे धकेल दिया। तेल कीमतों में आई इस गिरावट से घरेलू कंपनियों की उत्पादन और लॉजिस्टिक्स लागत कम होने की उम्मीद बंधी है, जिसने बाजार में खरीदारी की नई लहर पैदा की।
शुरुआती सत्र में मेटल और आईटी शेयरों का दबदबा
बाजार में दर्ज की गई इस बढ़त में मेटल (धातु) और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) सेक्टर के शेयरों का सबसे बड़ा योगदान देखने को मिला। वैश्विक कमोडिटी बाजार में नरमी और मांग में सुधार की उम्मीद से मेटल इंडेक्स में जोरदार लिवाली दर्ज की गई, जिसमें टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और हिंडाल्को जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में लगभग एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज हुई।
आईटी क्षेत्र में भी पिछले सप्ताह की सुस्ती के बाद मजबूत रिकवरी देखी गई। अमेरिका और यूरोपीय बाजारों से आउटसोर्सिंग ऑर्डर्स में स्थिरता के संकेतों के बीच इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो और एचसीएल टेक जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में 0.8 से 1.2 प्रतिशत तक की मजबूती दर्ज की गई।
बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र में भी मिला-जुला लेकिन सकारात्मक रुझान रहा, जहां एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शेयरों ने निफ्टी को 24,300 के ऊपर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। ऑटोमोबाइल सेक्टर में मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी तेजी का रुख देखा गया, जबकि फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में कुछ मुनाफावसूली के कारण दबाव दर्ज हुआ।
बाजार का दायरा और वोलैटिलिटी इंडेक्स में गिरावट
एनएसई (NSE) पर मार्केट ब्रैड्थ यानी शेयरों के चढ़ने और गिरने का अनुपात पूरी तरह से बुल्स (खरीदारों) के पक्ष में नजर आया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर एडवांस करने वाले शेयरों की संख्या डिक्लाइन करने वाले शेयरों की तुलना में काफी अधिक रही। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला, जिससे खुदरा निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ।
बाजार में अनिश्चितता और जोखिम को मापने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स यानी इंडिया वीआईएक्स (India VIX) 3 प्रतिशत से अधिक टूटकर निचले स्तर पर आ गया। वीआईएक्स में आई यह गिरावट स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि निकट भविष्य में अत्यधिक तेज उतार-चढ़ाव की आशंका कम हुई है और बाजार में स्थिरता लौट रही है।
वैश्विक बाजार के संकेत और विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख
एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग के हैंगसेंग में हल्का दबाव देखा गया। अमेरिकी शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह दर्ज की गई गिरावट के बाद फ्यूचर्स मार्केट में ठहराव के संकेत मिले।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की हालिया बिकवाली की गति में कमी आई है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) द्वारा लगातार की जा रही व्यवस्थित खरीदारी ने बाजार को मजबूत तकनीकी सपोर्ट प्रदान किया है। यदि कच्चे तेल के दाम 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे टिकने में सफल रहते हैं, तो आने वाले दिनों में विदेशी पूंजी का प्रवाह भारतीय इक्विटी बाजार में पुनः तेज हो सकता है।
Stock Market Today: तकनीकी स्तर और निवेशकों के लिए बाजार रणनीति
कमोडिटी और इक्विटी बाजार के तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर एक मजबूत और तात्कालिक सपोर्ट बेस के रूप में काम करेगा। ऊपर की ओर यदि निफ्टी 24,350 के स्तर को पार करके टिकता है, तो यह 24,500 से 24,600 के अगले रेसिस्टेंस स्तर की ओर बढ़ सकता है।
बाजार विशेषज्ञों ने आम और खुदरा निवेशकों को सलाह दी है कि वे वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और कच्चे तेल के घटनाक्रमों पर सतर्क नजर बनाए रखें। मौजूदा बाजार माहौल में शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग में सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करना चाहिए, जबकि लंबी अवधि के निवेशकों को वित्तीय रूप से मजबूत, कम कर्ज वाली और मजबूत बैलेंस शीट वाली दिग्गज कंपनियों (लार्ज-कैप और क्वालिटी मिड-कैप) में चरणबद्ध निवेश की रणनीति जारी रखनी चाहिए।
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