सिर्फ वॉकिंग से क्या शरीर पूरी तरह फिट रह सकता है? फिटनेस एक्सपर्ट्स की राय जानकर हो जाएंगे हैरान; जानें सही स्पीड, कदमों का लक्ष्य और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की जरूरत
150 मिनट मध्यम स्पीड वॉक + 7,000-10,000 कदम फायदेमंद, लेकिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी जरूरी; जानें पूरा गणित
Walking For Health: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहने के लिए लोग जिम, योग, पिलेट्स, रनिंग और हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग जैसे कई विकल्प अपनाते हैं। लेकिन इन सबके बीच एक बेहद आसान और पूरी तरह मुफ्त तरीका भी है जो सदियों से भारतीय घरों में प्रचलित है और वह है वॉकिंग यानी टहलना। न किसी महंगे उपकरण की जरूरत, न जिम की मेंबरशिप फीस, बस एक जोड़ी अच्छे जूते और सड़क पर निकल पड़िए। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या केवल वॉकिंग से शरीर पूरी तरह फिट रह सकता है?
Walking For Health: वॉकिंग के क्या हैं फायदे? (शारीरिक और मानसिक लाभ)
फिटनेस विशेषज्ञों के अनुसार वॉकिंग एक बेहतरीन फिजिकल एक्टिविटी है जो शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी है:
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हृदय और रक्त संचार: नियमित रूप से चलने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी यह बहुत फायदेमंद मानी जाती है।
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जोड़ों की सेहत: यह जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने में सहायक है, जिससे अर्थराइटिस जैसी समस्याओं का जोखिम कम होता है।
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वजन और तनाव: वजन नियंत्रण में वॉकिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही, इससे मूड अच्छा रहता है और मानसिक तनाव में उल्लेखनीय कमी आती है।
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शुरुआत करने वालों के लिए: विशेष रूप से जो लोग फिटनेस की दुनिया में नए हैं, जो बुजुर्ग हैं या जो किसी बीमारी और चोट के बाद दोबारा सक्रिय होना चाहते हैं, उनके लिए तेज चाल से नियमित वॉकिंग एक आदर्श शुरुआत है।
Walking For Health: क्या सिर्फ वॉकिंग पर्याप्त है? (विशेषज्ञों का गहन विश्लेषण)
हालांकि वॉकिंग के अनेक फायदे हैं लेकिन विशेषज्ञों की राय है कि इसे संपूर्ण वर्कआउट नहीं माना जा सकता। इसके पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
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मांसपेशियों का निर्माण: केवल चलने से मांसपेशियां उस हद तक मजबूत नहीं बनतीं जितनी एक स्वस्थ शरीर को जरूरत होती है।
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उम्र के साथ गिरावट: उम्र के साथ-साथ शरीर की मांसपेशियां स्वाभाविक रूप से कमजोर पड़ने लगती हैं। यदि उन्हें नियमित रूप से चुनौती (Resistance) न दी जाए तो यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है।
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संपूर्णता का अभाव: विशेषज्ञों का मानना है कि केवल चलना दीर्घकालिक फिटनेस और शारीरिक मजबूती के लिए अकेले पर्याप्त नहीं होता।
Walking For Health: स्ट्रेंथ ट्रेनिंग क्यों है जरूरी? (मेटाबॉलिज्म और मजबूती)
फिटनेस का स्तर बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों ने स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर जोर दिया है:
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साप्ताहिक लक्ष्य: हफ्ते में 2 से 4 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसे वेट लिफ्टिंग या बॉडी वेट एक्सरसाइज करना आवश्यक माना जाता है।
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हड्डियों का घनत्व: इससे मेटाबॉलिज्म सक्रिय रहता है, हड्डियां मजबूत होती हैं और शरीर टोंड (Toned) दिखता है।
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एथलेटिक लुक: जो लोग शरीर को एथलेटिक और मजबूत बनाना चाहते हैं, उनके लिए वॉकिंग के साथ-साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का संयोजन बेहद जरूरी है।
Walking For Health: सही वॉकिंग कैसे करें? (स्पीड, पोश्चर और लक्ष्य)
यह जानना भी जरूरी है कि हर तरह की चलना एक समान नहीं होती। बाजार में इत्मीनान से टहलना और फिटनेस के उद्देश्य से तेज चाल से चलना दोनों में बड़ा फर्क है:
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टॉक टेस्ट (Talk Test): सही स्पीड जांचने का एक आसान तरीका यह है कि यदि आप चलते हुए बात कर सकते हैं लेकिन गाना नहीं गा सकते, तो आपकी रफ्तार बिल्कुल सही है।
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समय का लक्ष्य: विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम गति से चलें।
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दैनिक कदम: रोजाना 7,000 से 10,000 कदम का लक्ष्य रखें।
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सत्र की अवधि: 30 से 45 मिनट तेज चाल से वॉक करना सबसे प्रभावी होता है।
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सही पोश्चर: चलते समय रीढ़ सीधी रखें, कंधे ढीले हों और हाथों की स्वाभाविक मूवमेंट बनाए रखें। सीढ़ियां चढ़ना या ढलान पर चलना वॉक की तीव्रता को और अधिक प्रभावी बना देता है।
निष्कर्ष क्या है?
अगर आपका लक्ष्य केवल सामान्य रूप से स्वस्थ रहना, तनाव दूर करना और रोजाना सक्रिय रहना है, तो नियमित तेज चाल से वॉकिंग एक बढ़िया विकल्प है। लेकिन अगर आप मांसपेशियों को मजबूत करना चाहते हैं या शरीर को एथलेटिक बनाना चाहते हैं, तो वॉकिंग के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और अन्य एक्सरसाइज को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है। संक्षेप में, वॉकिंग फिटनेस की एक अच्छी नींव है लेकिन संपूर्ण फिटनेस के लिए यह अकेले पर्याप्त नहीं है।
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