BJP की नई संगठनात्मक टीम में महिलाओं की बड़ी हिस्सेदारी, नितिन नवीन की टीम में एक-तिहाई जिम्मेदारी महिला के हाथ
BJP की नई संगठनात्मक टीम में महिलाओं की बड़ी हिस्सेदारी, नितिन नवीन की टीम में एक-तिहाई जिम्मेदारी महिला के हाथ
BJP: आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नई सूची जारी कर दी है। बुधवार को घोषित इस नई टीम की सबसे खास बात यह है कि इसमें महिलाओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कुल 65 नेताओं की इस सूची में 21 महिलाएं शामिल हैं, जो लगभग 32 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्शाता है। यह बदलाव राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में नई टीम गठित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। चार महिला नेताओं को सीधे राज्य प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि 17 अन्य महिलाओं को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कई वरिष्ठ नेताओं को एक साथ दो-दो राज्यों का प्रभार सौंपकर संगठनात्मक तालमेल मजबूत करने की कोशिश की गई है। पार्टी की मीडिया और सोशल मीडिया विंग में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
BJP: 65 नेताओं की टीम में महिलाओं की एक-तिहाई हिस्सेदारी
बीजेपी की नई राज्य प्रभारी और सह-प्रभारी सूची में कुल 65 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनमें से 21 महिलाएं हैं। यह आंकड़ा लगभग 32 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्शाता है, जो यह संकेत देता है कि पार्टी अब संगठनात्मक फैसलों में महिलाओं को हर स्तर पर शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इन 21 महिला नेताओं में से चार को सीधे राज्य प्रभारी की भूमिका दी गई है, जबकि बाकी 17 महिलाओं को सह-प्रभारी के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। खास बात यह है कि पार्टी ने सभी बड़े राज्यों में कम से कम एक महिला को प्रभारी या सह-प्रभारी के पद पर नियुक्त किया है।
स्मृति ईरानी और अन्य महिला नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
नई सूची में बीजेपी महासचिव स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़, दोनों राज्यों का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा डी पुरंदेश्वरी को ओडिशा की और भारती पवार को गोवा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्षाबेन दोशी को दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव का प्रभारी बनाया गया है। सह-प्रभारियों की सूची में भी कई जाने-पहचाने नाम शामिल हैं, जिनमें कविता पाटीदार, बांसुरी स्वराज, कमलजीत सहरावत, रेखा वर्मा, रेखा शर्मा, पिंकी कुशवाहा, डीके अरुणा, दर्शना सिंह, दर्शनबेन जरदोश और वनथी श्रीनिवासन प्रमुख हैं।
वरिष्ठ नेताओं को मिला दो-दो राज्यों का प्रभार
पार्टी ने संगठनात्मक तालमेल को बेहतर बनाने के मकसद से पांच वरिष्ठ नेताओं को एक साथ दो-दो राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी है। बीजेपी महासचिव राम माधव को तमिलनाडु के साथ-साथ उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया है, जबकि सुनील बंसल को तेलंगाना और पश्चिम बंगाल का प्रभार दिया गया है। बंसल इससे पहले भी इन्हीं दोनों राज्यों में प्रभारी के तौर पर काम कर चुके हैं। सतीश पूनिया के पास पहले से मौजूद पंजाब के प्रभार के साथ अब जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी भी आ गई है। वहीं हरीश द्विवेदी को कर्नाटक और बिहार, दोनों राज्यों का प्रभार सौंपा गया है।
बड़े राज्यों में अतिरिक्त सह-प्रभारियों की तैनाती
चुनावी दृष्टि से अहम माने जाने वाले उत्तर प्रदेश को इस बार चार सह-प्रभारी दिए गए हैं, जो अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक है। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों को भी तीन-तीन सह-प्रभारियों की टीम मिली है। उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े के साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह महाराष्ट्र में बीजेपी उपाध्यक्ष जय पांडा को प्रभारी बनाया गया है, जिनके साथ तीन सह-प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं, जिनमें पार्टी की आईटी सेल के पूर्व प्रमुख अमित मालवीय का नाम भी शामिल है।
मध्य प्रदेश और दिल्ली में भी हुए अहम बदलाव
बीजेपी महासचिव बिप्लब देब को मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो राज्य में संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम नियुक्ति मानी जा रही है। वहीं राजधानी दिल्ली के लिए विनय सहस्रबुद्धे को प्रभारी नियुक्त किया गया है, जिसके साथ ही वे एक बार फिर नियमित संगठनात्मक जिम्मेदारी में सक्रिय हो गए हैं। इस पूरी सूची में चार पूर्व प्रदेश अध्यक्षों को भी शामिल किया गया है, जिनमें राजस्थान के सतीश पूनिया, केरल के के. सुरेंद्रन, गोवा के सदानंद तनावड़े और दिल्ली के वीरेंद्र सचदेवा के नाम प्रमुख हैं।
मीडिया और सोशल मीडिया विंग में हुआ बड़ा फेरबदल
संगठनात्मक नियुक्तियों के साथ-साथ बीजेपी ने अपनी मीडिया टीम में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। बेहतर तालमेल और समन्वय सुनिश्चित करने के मकसद से मौजूदा मीडिया प्रभारी अनिल बालूनी को अब कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट का कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत मीडिया और सोशल मीडिया, दोनों विंग एक साथ काम करेंगी, जो कि आरएसएस के मौजूदा संगठनात्मक ढांचे से काफी मिलता-जुलता माना जा रहा है। इसके अलावा आशीष अग्रवाल को प्रमोशन देते हुए मीडिया डिपार्टमेंट का कन्वीनर नियुक्त किया गया है, जो इससे पहले सह-कन्वीनर के पद पर कार्यरत थे।
संगठन में महिलाओं की भागीदारी का क्या है संकेत
बीजेपी की इस नई नियुक्ति सूची को पार्टी की आंतरिक रणनीति में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। लगभग एक-तिहाई जिम्मेदारियां महिला नेताओं को सौंपना यह दर्शाता है कि पार्टी संगठनात्मक ढांचे में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करना चाहती है। सभी प्रमुख राज्यों में कम से कम एक महिला नेता को प्रभारी या सह-प्रभारी के तौर पर तैनात करने का फैसला भी इसी दिशा में उठाया गया एक कदम माना जा रहा है, जो आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
बीजेपी की यह नई टीम आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति को धार देने के लिए बनाई गई है, जिसमें अनुभवी नेताओं के साथ-साथ महिला शक्ति को भी खास तरजीह दी गई है। दो-दो राज्यों का प्रभार संभालने वाले वरिष्ठ नेता और बड़े राज्यों में अतिरिक्त सह-प्रभारियों की तैनाती संगठनात्मक मजबूती की दिशा में उठाया गया कदम है। मीडिया विंग में हुए बदलाव भी पार्टी की संचार रणनीति को बेहतर बनाने के मकसद से किए गए हैं। यह पूरी कवायद बताती है कि बीजेपी आगामी चुनावों से पहले अपने संगठन को हर स्तर पर चुस्त-दुरुस्त बनाने में जुटी हुई है।
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