Bhopal ISBT Fire: भोपाल बस स्टैंड पर भीषण आग, 7 बसें जलकर खाक; कई रूट की ट्रिप रद्द

भोपाल के डॉ. भीमराव अंबेडकर ISBT परिसर में निजी बसों में आग लगने से मचा हड़कंप। नागपुर, अहमदाबाद समेत कई रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित होने की खबर।

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Bhopal ISBT Fire: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) परिसर में रविवार शाम एक भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई है। बस स्टैंड की पार्किंग में कतारबद्ध खड़ी निजी ट्रेवल्स की बसों में अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में आने से प्रतिष्ठित वर्मा ट्रेवल्स की स्लीपर और एसी बसों सहित करीब सात बसें बुरी तरह प्रभावित हुईं और जलकर खाक हो गईं। शाम के व्यस्त समय में आसमान में उठे काले धुएं के गुबार और ऊंची लपटों को देखकर बस स्टैंड परिसर और आसपास के बाजार में भारी अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।

Bhopal ISBT Fire: देखते ही देखते भड़की आग, एक बस से दूसरी में फैलती गईं लपटें

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे के आसपास हुआ जब आईएसबीटी के मुख्य यार्ड में कई अंतरराज्यीय बसें अपनी-अपनी रवानगी के समय का इंतजार कर रही थीं। आग सबसे पहले वर्मा ट्रेवल्स की एक बस के केबिन से शुरू हुई और चंद मिनटों के भीतर ही उसने विकराल रूप ले लिया। चूंकि बसें एक-दूसरे से काफी सटकर पार्क की गई थीं और उनमें फाइबर व फोम की सीटें मौजूद थीं, इसलिए आग तेजी से फैलती हुई पास खड़ी अन्य गाड़ियों को अपनी जद में लेती चली गई।

बस स्टैंड पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और चालकों ने आग बुझाने के शुरुआती प्रयास किए, लेकिन लपटों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि किसी को पास जाने का साहस नहीं हुआ। आग लगते ही टायरों के फटने की जोरदार आवाजें आने लगीं, जिससे वहां मौजूद यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए अपने सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े।

दमकल विभाग का त्वरित एक्शन, डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रित

अग्निकांड की सूचना मिलते ही गोविंदपुरा, पुल बोगदा, माता मंदिर और कस्तूरबा नगर फायर स्टेशनों से दमकल की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां तुरंत मौके के लिए रवाना की गईं। इसके साथ ही अशोका गार्डन और गोविंदपुरा थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके की बैरिकेडिंग की और तमाशबीनों की भीड़ को दूर हटाया ताकि फायर ब्रिगेड के वाहनों को पानी के रीफिलिंग और आवागमन में कोई बाधा न आए।

दमकल कर्मियों ने फोम और पानी की तेज बौछारों की मदद से आग पर चारों तरफ से पानी डालना शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की निरंतर मशक्कत के बाद रात करीब आठ बजे तक आग की लपटों को पूरी तरह शांत किया जा सका। अधिकारियों के अनुसार सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त बसें खाली खड़ी थीं और किसी भी यात्री या परिचालक के बस के अंदर फंसे होने की सूचना नहीं मिली, जिससे एक बहुत बड़ा मानवीय हादसा टल गया।

नागपुर, अहमदाबाद, सूरत और इंदौर रूट की ट्रिप रद्द, यात्री हलकान

इस भीषण अग्निकांड का सीधा असर अंतरराज्यीय बस सेवाओं पर पड़ा। जिन बसों में आग लगी, वे रात के समय भोपाल से नागपुर, अहमदाबाद, सूरत, पुणे और इंदौर जैसे महत्वपूर्ण शहरों के लिए रवाना होने वाली थीं। अचानक हुए इस हादसे के कारण संबंधित ट्रेवल्स कंपनी को इन सभी रूटों की अपनी ट्रिप तुरंत प्रभाव से रद्द करनी पड़ीं।

दीपावली और छठ पर्व के चलते इन बसों में पहले से ही भारी संख्या में यात्रियों की बुकिंग थी। बसें जल जाने और संचालन रद्द होने की खबर मिलते ही टर्मिनल पर पहुंचे यात्रियों में रोष और चिंता फैल गई। कई यात्री अपने छोटे बच्चों और बुजुर्ग परिजनों के साथ रात में परेशान होते नजर आए। ट्रेवल्स संचालकों और बस स्टैंड प्रबंधन की ओर से प्रभावित यात्रियों को टिकट का पूरा रिफंड देने या उन्हें दूसरी वैकल्पिक बसों से रवाना करने की व्यवस्था की जा रही है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, फॉरेंसिक और सुरक्षा जांच के निर्देश

बस टर्मिनल की पार्किंग में आग लगने के प्राथमिक कारणों में वाहनों की वायरिंग में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे सफर से लौटने के बाद कई बार बसों के इंजन या इनवर्टर गर्म रहते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट होने की संभावना बनी रहती है। हालांकि, पुलिस और नगर निगम प्रशासन ने किसी भी तकनीकी खामी, बैटरी ब्लास्ट या मानवीय लापरवाही की संभावना से इनकार नहीं किया है।

भोपाल नगर निगम और जिला प्रशासन ने घटना की विस्तृत तकनीकी जांच के आदेश जारी किए हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल से जले हुए तारों और उपकरणों के नमूने संकलित किए हैं ताकि आग के सही उद्गम स्थल की वैज्ञानिक पुष्टि की जा सके। इसके साथ ही बस स्टैंड के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह तय किया जा सके कि घटना के समय बसों के आसपास किसी की संदिग्ध गतिविधि तो नहीं थी।

Bhopal ISBT Fire: सार्वजनिक परिवहन स्थलों पर अग्निशमन मानकों की समीक्षा पर जोर

भोपाल के आईएसबीटी जैसे विशाल और व्यस्ततम बस टर्मिनल पर हुई इस घटना ने सार्वजनिक स्थलों पर फायर सेफ्टी ऑडिट और आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले इस परिसर में पार्किंग की उचित दूरी, स्वचालित स्प्रिंकलर सिस्टम, पर्याप्त जल आपूर्ति और त्वरित निकासी मार्गों की व्यवस्था होना अनिवार्य है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे से सबक लेते हुए आईएसबीटी परिसर में खड़े होने वाले सभी सार्वजनिक व निजी वाहनों के सुरक्षा मानकों की दोबारा जांच की जाएगी। इसके अलावा सभी ट्रेवल्स कंपनियों को अपनी बसों में चालू हालत में अग्निशामक यंत्र रखने और स्टाफ को आपातकालीन स्थितियों से निपटने का नियमित प्रशिक्षण देने के कड़े निर्देश जारी किए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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