बंगाल चुनाव 2026: मतदान से ठीक पहले योगी का जोरासांको में शक्ति प्रदर्शन; टीएमसी, कांग्रेस और वामदलों पर जमकर बरसे

"बंगाल की पहचान मां काली बाड़ी से है"; योगी ने कानून व्यवस्था पर ममता सरकार को घेरा।

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Jorasanko rally: पश्चिम बंगाल की धरती पर चुनावी बिगुल बज चुका है और राजनीतिक दलों की रैलियां अपने चरम पर हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोरासांको विधानसभा क्षेत्र में सत्तारूढ़ दल पर जोरदार हमला बोला और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को चुनावी केंद्र में ला खड़ा किया।

Jorasanko rally: योगी ने जोरासांको में क्या कहा जिसने सबका ध्यान खींचा?

योगी आदित्यनाथ ने अपनी रैली में स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल की पहचान काबा से नहीं बल्कि माँ काली बाड़ी से है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग इस पहचान को बदलने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें बंगाल की जनता उचित जवाब देगी। उन्होंने राज्य में धार्मिक आयोजनों पर पाबंदियां लगाने और अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए कहा, “भगवान राम के नाम से चिढ़ है ममता दीदी को।”

Jorasanko rally: कांग्रेस, वाम और टीएमसी पर क्या आरोप लगाए?

योगी आदित्यनाथ ने बंगाल की राजनीतिक विरासत पर करारा हमला करते हुए कहा कि पहले कांग्रेस ने राज्य को लूटा, उसके बाद वामदलों ने बंगाल की आर्थिक और सामाजिक नींव को खोखला किया। उन्होंने आगे कहा कि पिछले 15 वर्षों में टीएमसी सरकार ने राज्य को “कंगाल” बनाने का काम किया है। उनके अनुसार इन तीनों दलों की नीतियों के कारण बंगाल अपनी असली क्षमता से वंचित रहा है।

Jorasanko rally: उत्तर प्रदेश का मॉडल योगी ने कैसे पेश किया?

अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि अब यूपी में “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में है सब चंगा” की स्थिति है। माफिया पर कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “माफिया या गुंडा जो कोई कहीं भी सर उठाता है तो बुलडोज़र उनकी हड्डी पसली को हाईवे बनाने में उपयोग कर देता है।”

Jorasanko rally: जोरासांको विधानसभा सीट का राजनीतिक महत्व

जोरासांको कोलकाता का एक ऐतिहासिक क्षेत्र है, जो गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक निवास के लिए जाना जाता है। इसी क्षेत्र में रैली करके योगी आदित्यनाथ ने संदेश दिया कि भाजपा इस बार शहरी और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण सीटों पर पूरी ताकत झोंक रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह भाजपा की बंगाल में गहरी पैठ बनाने की रणनीति का हिस्सा है।

बंगाल चुनाव 2026: मुख्य मुद्दे और मतदान

इस बार के चुनाव में कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, सांस्कृतिक पहचान और विकास जैसे मुद्दे केंद्र में हैं। पहले चरण में 23 अप्रैल और दूसरे चरण में 29 अप्रैल 2026 को मतदान होना है। भाजपा योगी आदित्यनाथ जैसे मुखर नेताओं के जरिए अपने आधार वोटरों को एकजुट करने और नए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

निष्कर्ष: कल का मतदान तय करेगा बंगाल की दिशा

योगी आदित्यनाथ की जोरासांको रैली ने स्पष्ट कर दिया कि भाजपा इस बार कानून व्यवस्था और सांस्कृतिक अस्मिता के मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है। कल 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान यह तय करेगा कि बंगाल की जनता किस दिशा में जाना चाहती है।

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