Axis Securities Top Picks: 3 शेयरों में 3-4 हफ्तों में 10-14% तक तेजी का अनुमान, जानें टारगेट और स्टॉप लॉस

एमफैसिस, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स और आरती इंडस्ट्रीज पर ब्रोकरेज का बुलिश आउटलुक

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Axis Securities Top Picks: शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिम भरा माना जाता है, लेकिन कुछ स्टॉक ऐसे भी होते हैं जो कम समय में ही निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न देने का माद्दा रखते हैं। जाने-माने ब्रोकरेज हाउस एक्सिस सिक्योरिटीज ने अपनी टॉप पिक लिस्ट में तीन प्रमुख शेयरों को शामिल किया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, इन शेयरों में अगले तीन से चार हफ्तों के भीतर 10 से 14 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिल सकती है। यह संभावित रिटर्न बैंक डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले सालाना ब्याज से लगभग दोगुना है। ये सभी सुझाव तकनीकी चार्ट, ब्रेकआउट पैटर्न, वॉल्यूम गतिविधि और मोमेंटम इंडिकेटर्स के गहन विश्लेषण के आधार पर जारी किए गए हैं।

Axis Securities Top Picks: बैंक जमा बनाम शेयर बाजार का रिटर्न

भारतीय शेयर बाजार में खुदरा निवेशकों के लिए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और शेयर बाजार में निवेश के बीच तुलना हमेशा से चर्चा का विषय रही है। सामान्यतः बैंक एफडी पर सालाना 6 से 7 प्रतिशत के आसपास ब्याज मिलता है, जिसे सुरक्षित निवेश तो माना जाता है लेकिन बढ़ती महंगाई दर को देखते हुए इसमें वास्तविक रिटर्न सीमित रहता है। दूसरी ओर, शेयर बाजार में सही समय पर सही स्टॉक चुनने पर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने की संभावना बनी रहती है, हालांकि इसके साथ बाजार का जोखिम भी जुड़ा होता है।
एक्सिस सिक्योरिटीज जैसी प्रतिष्ठित ब्रोकरेज फर्में नियमित आधार पर तकनीकी विश्लेषण के जरिए शॉर्ट टर्म और मीडियम टर्म ट्रेडिंग कॉल्स जारी करती हैं। ये सुझाव मुख्य रूप से साप्ताहिक चार्ट, मूविंग एवरेज, सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तर और कैंडलस्टिक फॉर्मेशन को देखकर तैयार किए जाते हैं। वर्तमान बाजार परिदृश्य में आईटी, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और केमिकल सेक्टर के तीन शेयर तकनीकी रूप से बेहद मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। इनमें एमफैसिस, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया और आरती इंडस्ट्रीज शामिल हैं। भले ही सोमवार के कारोबारी सत्र में इन तीनों शेयरों में मामूली बिकवाली देखी गई हो, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि ब्रेकआउट के बाद इनमें एक बड़ी तेजी का आधार तैयार हो चुका है।

जानिए किन 3 शेयरों पर है ब्रोकरेज का दांव

एक्सिस सिक्योरिटीज ने अपनी ताजा रिपोर्ट में इन तीनों शेयरों के लिए स्पष्ट एंट्री रेंज, स्टॉप लॉस और टारगेट प्राइस तय किए हैं। पहला शेयर आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एमफैसिस (Mphasis) का है। ब्रोकरेज ने इस शेयर के लिए 2535 रुपये से 2485 रुपये के बीच खरीदारी की सलाह दी है। इसके लिए 2363 रुपये का स्टॉप लॉस तय किया गया है, जबकि 12 से 14 प्रतिशत की संभावित वृद्धि के साथ टारगेट 2805 रुपये से 2870 रुपये रखा गया है। साप्ताहिक चार्ट पर इस शेयर ने 2035 से 2497 रुपये के कंसोलिडेशन जोन से ऊपर का मजबूत ब्रेकआउट दिया है, जिसे बुलिश कैंडल का समर्थन प्राप्त है। सोमवार को यह शेयर 1.22 प्रतिशत गिरकर 2514 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।
दूसरा शेयर कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड का है। ब्रोकरेज ने इसे 1710 रुपये से 1675 रुपये की रेंज में खरीदने की सिफारिश की है। इस ट्रेड के लिए स्टॉप लॉस 1610 रुपये और संभावित रिटर्न 10 से 14 प्रतिशत का अनुमानित है। तीन से चार सप्ताह के नजरिए से शेयर का टारगेट प्राइस 1855 रुपये से 1925 रुपये के बीच रहने का अनुमान है। लगभग 1.13 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी का शेयर सोमवार को 3.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1663.40 रुपये पर बंद हुआ था, जिससे निवेशकों को बेहतर निचले स्तर पर एंट्री का मौका मिल रहा है।
तीसरा शेयर केमिकल सेक्टर से जुड़ा आरती इंडस्ट्रीज (Aarti Industries) का है। एक्सिस सिक्योरिटीज ने इस शेयर को 530 रुपये से 520 रुपये के दायरे में खरीदने का सुझाव दिया है। इसमें 495 रुपये का स्टॉप लॉस और 11 से 14 प्रतिशत तक की उछाल का अनुमान लगाया गया है। साप्ताहिक चार्ट पर शेयर ने 522 रुपये के मल्टीपल रेजिस्टेंस स्तर से निर्णायक ब्रेकआउट दिखाया है। ब्रोकरेज के अनुसार, अगले 3-4 हफ्तों में यह स्टॉक 585 रुपये से 599 रुपये का स्तर छू सकता है। सोमवार के दिन यह शेयर 1.67 प्रतिशत गिरकर 525.20 रुपये पर बंद हुआ था।

प्रतिक्रियाएं और बाजार विशेषज्ञों की राय

एक्सिस सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि इन तीनों स्टॉक्स का पॉजिटिव आउटलुक ब्रेकआउट फॉर्मेशन, प्रमुख मूविंग एवरेज से मिलने वाले सपोर्ट और बुलिश कैंडलस्टिक पैटर्न पर आधारित है। ब्रोकरेज का मानना है कि तकनीकी मापदंडों पर ये शेयर पूरी तरह खरे उतरते हैं और शॉर्ट टर्म में ट्रेडर्स को बढ़िया मुनाफा दे सकते हैं। किसी भी विपरीत परिस्थिति में जोखिम को सीमित करने के लिए रिपोर्ट में सख्त स्टॉप लॉस लगाने का निर्देश भी दिया गया है।
बाजार के स्वतंत्र विश्लेषक इस प्रकार की तकनीकी कॉल्स को अल्पकालिक ट्रेडर्स के लिए बेहद उपयोगी मानते हैं। हालांकि, वे निवेशकों को यह चेतावनी भी देते हैं कि शेयर बाजार में कोई भी शॉर्ट टर्म ट्रेड शत-प्रतिशत जोखिम मुक्त नहीं होता। जहां पारंपरिक और जोखिम न लेने वाले निवेशक बैंक जमा की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, वहीं उच्च जोखिम क्षमता वाले ट्रेडर्स ऐसे अल्पकालिक मौकों का फायदा उठाते हैं। ब्रोकरेज हाउस ने भी निवेशकों को सलाह दी है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले वे अपनी व्यक्तिगत जोखिम क्षमता का मूल्यांकन करें और पंजीकृत वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।

तकनीकी संकेत और जोखिम प्रबंधन का महत्व

बैंक डिपॉजिट के सालाना 6-7 प्रतिशत रिटर्न की तुलना में महज तीन से चार हफ्तों में 10 से 14 प्रतिशत का संभावित रिटर्न अत्यधिक आकर्षक प्रतीत होता है। यदि इसे चक्रवृद्धि आधार पर देखा जाए तो यह बैंक ब्याज दर से कहीं अधिक है, लेकिन इसके साथ बाजार का उतार-चढ़ाव भी जुड़ा रहता है। तकनीकी विश्लेषण पर आधारित ये सुझाव पूरी तरह से प्राइस एक्शन और चार्ट पैटर्न पर काम करते हैं। यद्यपि बुलिश ब्रेकआउट अक्सर तेजी का स्पष्ट संकेत देते हैं, फिर भी ये स्टॉक्स वैश्विक आर्थिक स्थितियों, रुपया-डॉलर की चाल या सेक्टर-स्पेसिफिक खबरों से प्रभावित हो सकते हैं।
यदि सेक्टर-वार विश्लेषण करें तो एमफैसिस पर वैश्विक आईटी खर्च और मुद्रा विनिमय दरों का असर रहता है। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का प्रदर्शन घरेलू मांग और त्योहारी सीजन की बिक्री पर निर्भर करता है। वहीं आरती इंडस्ट्रीज के कारोबार पर कच्चे माल की लागत और अंतरराष्ट्रीय रासायनिक बाजार की मांग का प्रभाव पड़ता है। सोमवार को इन तीनों शेयरों में आई मामूली गिरावट बाजार के समग्र सुस्त मूड को दर्शाती है, जिसे तकनीकी भाषा में ‘पुलबैक’ भी कहा जाता है। अल्पकालिक ट्रेडर्स के लिए ऐसे समय में स्टॉप लॉस का कड़ाई से पालन करना और अपने कुल पोर्टफोलियो का सीमित हिस्सा ही इन ट्रेड्स में लगाना समझदारी मानी जाती है।

Axis Securities Top Picks:ट्रेडर्स के लिए क्या है सलाह?

आने वाले तीन से चार हफ्तों का समय इन तीनों शेयरों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये शेयर ब्रोकरेज द्वारा दिए गए अपने नए टारगेट प्राइस को हासिल कर पाते हैं या नहीं। इस दौरान समग्र बाजार की दिशा, त्रैमासिक रुझान और वैश्विक संकेत इन शेयरों की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
तकनीकी आधार पर दांव लगाने वाले निवेशकों को प्रतिदिन चार्ट और ट्रेडिंग वॉल्यूम पर नजर बनाए रखनी चाहिए। यदि बाजार में अचानक गिरावट आती है और शेयर अपने तय स्टॉप लॉस को तोड़ता है, तो अनुशासन दिखाते हुए पोजीशन से बाहर निकल जाना ही नुकसान को सीमित करने का एकमात्र तरीका है। ब्रोकरेज फर्में बाजार के बदले मिजाज के हिसाब से अपनी सूचियों में बदलाव करती रहती हैं। इसलिए ट्रेडर्स को हर समय सतर्क रहते हुए और उचित जोखिम प्रबंधन के साथ ही शेयर बाजार में कदम बढ़ाना चाहिए।

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