मेट गाला 2026 में ईशा अंबानी का राजसी अवतार! सुनहरी साड़ी, गौरव गुप्ता का 1200 घंटे का मास्टरपीस और हाथ में ‘आम’ का कलात्मक क्लच — भारतीय संस्कृति का ग्लोबल जलवा
गौरव गुप्ता की डिजाइन वाली सुनहरी साड़ी और आम के आकार वाले क्लच के साथ ईशा अंबानी ने मेट गाला में भारतीय विरासत को दी नई पहचान
Met Gala 2026: न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में आयोजित मेट गाला 2026 के रेड कार्पेट पर इस बार भारतीय संस्कृति का ऐसा वैभव देखने को मिला, जिसने पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया। रिलायंस इंडस्ट्रीज की कमान संभालने वाली बिजनेसवुमन और फैशन आइकन ईशा अंबानी ने इस वैश्विक मंच पर भारतीय परंपरा और आधुनिक शिल्पकारी का जो संगम पेश किया, वह लंबे समय तक याद रखा जाएगा। सुनहरी साड़ी, हाथ में आम का कलात्मक स्कल्प्चर और एक अप्सरा जैसा दिव्य अवतार—ईशा अंबानी का यह लुक केवल एक परिधान नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध विरासत का एक ग्लोबल घोषणापत्र बनकर उभरा। नई दिल्ली में 5 मई 2026 को जारी रिपोर्ट्स के अनुसार, इस लुक की चर्चा पेरिस से लेकर न्यूयॉर्क तक के फैशन गलियारों में हो रही है।
ईशा अंबानी का रॉयल अवतार: सुनहरी साड़ी और नीता अंबानी की विरासत
ईशा अंबानी ने इस खास शाम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त भारतीय डिजाइनर गौरव गुप्ता द्वारा तैयार की गई एक विशेष सुनहरी साड़ी का चयन किया। इस साड़ी की सबसे बड़ी विशेषता इसमें इस्तेमाल किए गए सोने के असली धागे और पारंपरिक भारतीय जरदोजी की बारीकी थी। यह परिधान भारतीय शाही पोशाकों की याद दिलाता था, जिसमें आधुनिकता का तड़का केप के माध्यम से लगाया गया था। ईशा ने अपने इस लुक को भावनात्मक और ऐतिहासिक महत्व देने के लिए अपनी मां नीता अंबानी के निजी संग्रह से ली गई ज्वेलरी और उनके एक विंटेज ब्लाउज को फिर से स्टाइल किया। इस ब्लाउज पर कीमती हीरे और पन्ने जड़े थे, जो परिधान की भव्यता को कई गुना बढ़ा रहे थे।
लुक को और अधिक शाही बनाने के लिए ईशा ने एक प्राचीन ‘सरपेच’ का इस्तेमाल किया, जो कभी हैदराबाद के निजाम के खजाने का हिस्सा रहा था। यह ज्वेलरी पीस न केवल उनकी सुंदरता को बढ़ा रहा था, बल्कि भारत के गौरवशाली इतिहास की कहानी भी कह रहा था। साड़ी का पल्लू इतना लंबा और विस्तृत था कि वह रेड कार्पेट पर एक राजसी गरिमा बिखेर रहा था। फैशन विशेषज्ञों का मानना है कि ईशा ने नीता अंबानी के गहनों को पहनकर न केवल परिवार की विरासत को सम्मान दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि पुरानी धरोहर को वैश्विक फैशन के साथ कैसे तालमेल बिठाया जा सकता है।
गौरव गुप्ता की कलाकारी: 1200 घंटों का परिश्रम और ‘अप्सरा’ लुक
डिजाइनर गौरव गुप्ता ने इस परिधान के निर्माण के पीछे की मेहनत का खुलासा करते हुए बताया कि इसे तैयार करने में 50 से अधिक कुशल कारीगरों ने लगातार काम किया। कुल 1200 घंटों से अधिक की मेहनत के बाद यह ‘एनसेंबल’ बनकर तैयार हुआ। इस लुक का सबसे क्रांतिकारी हिस्सा इसका मूर्तिकलानुमा रेजिन केप (Resin Cape) था, जो ईशा के कंधों से ढलता हुआ एक कलाकृति जैसा लग रहा था। गौरव गुप्ता ने भारतीय मोटिफ्स को समकालीन सिल्हूट के साथ जोड़कर एक ऐसा मास्टरपीस बनाया, जिसने ईशा को आधुनिक काल की ‘अप्सरा’ के रूप में प्रस्तुत किया।
ईशा अंबानी के बालों में सजा गजरा भी आकर्षण का केंद्र रहा। यह गजरा सामान्य नहीं था, बल्कि इसकी लंबाई साड़ी के पल्लू के बराबर रखी गई थी, जो पारंपरिक भारतीय सौंदर्यबोध का प्रतीक था। मोगरे के फूलों की महक और उनकी सफेदी ने सुनहरी साड़ी के साथ एक बेहतरीन कंट्रास्ट बनाया। गौरव गुप्ता ने कहा कि उनका उद्देश्य भारतीय हस्तशिल्प को उस ऊंचाई पर ले जाना था जहाँ दुनिया के सबसे बड़े लग्जरी ब्रांड्स खड़े होते हैं, और ईशा अंबानी इस संदेश को पहुँचाने के लिए सबसे सटीक व्यक्तित्व साबित हुईं।
हाथ में ‘आम’: सादगी और भारतीयता का अनोखा प्रतीक
पूरे इवेंट के दौरान ईशा अंबानी के हाथ में मौजूद एक अनोखी एक्सेसरी ने सबका ध्यान खींचा। ईशा ने किसी महंगे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड का क्लच या बैग लेने के बजाय ‘आम’ के आकार का एक आर्ट स्कल्प्चर कैरी किया। रेजिन और विशेष कलात्मक सामग्रियों से बना यह आम का बैग भारतीय गर्मियों, मिठास और हमारी जड़ों का प्रतिनिधित्व कर रहा था। आम, जिसे फलों का राजा कहा जाता है, भारतीय संस्कृति और उत्सवों का अभिन्न हिस्सा है। इसे मेट गाला के रेड कार्पेट पर ले जाकर ईशा ने सादगी और सांस्कृतिक पहचान का एक बड़ा संदेश दिया।
सोशल मीडिया पर इस ‘मैंगो क्लच’ की जबरदस्त तारीफ हो रही है। लोगों का कहना है कि जहाँ अन्य सेलिब्रिटीज महंगे पत्थरों और ब्रांड्स के पीछे भागते हैं, वहीं ईशा ने एक सांस्कृतिक प्रतीक को फैशन स्टेटमेंट बनाकर अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय दिया है। यह चॉइस दर्शाती है कि लग्जरी केवल चमक-धमक में नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी से जुड़ाव महसूस करने में भी है। अंबानी परिवार हमेशा से ही भारतीय सॉफ्ट पावर को ग्लोबल स्टेज पर प्रमोट करने के लिए जाना जाता है और ईशा ने इस परंपरा को एक नई ऊंचाई दी है।
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