Asian Games 2026: चिकिता-साहिल की जोड़ी ने तीरंदाजी में जीता गोल्ड, लॉस एंजिल्स ओलंपिक का टिकट पक्का
Asian Games 2026: चिकिता-साहिल की जोड़ी ने तीरंदाजी में जीता गोल्ड, लॉस एंजिल्स ओलंपिक का टिकट पक्का
Asian Games 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने एक और सुनहरी सफलता हासिल की है। साहिल राजेश जाधव और उनकी जोड़ीदार ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही जोड़ी ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भारत का टिकट भी पक्का कर लिया है।
इस कामयाबी के पीछे बिहार के सारण जिले के लाल हरेश कुमार का नाम भी चर्चा में है। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के वरिष्ठ तीरंदाजी प्रशिक्षक हरेश कुमार के मार्गदर्शन में साहिल प्रशिक्षण ले रहे हैं। सारण से लेकर पूरे बिहार में इस उपलब्धि पर खुशी का माहौल है।
Asian Games 2026: कंपाउंड मिक्स्ड टीम में भारत को मिला स्वर्ण
जापान के आयची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में साहिल राजेश जाधव और उनकी जोड़ीदार ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। जोड़ी ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस सफलता को भारतीय तीरंदाजी के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
हालांकि फाइनल मुकाबले के स्कोर और विरोधी टीम की जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। उपलब्ध सूचना के अनुसार जीत ने भारत को तीरंदाजी के मंच पर बड़ी पहचान दिलाई है और जोड़ी की मेहनत रंग लाई है।
ओलंपिक का टिकट पक्का, अब लॉस एंजिल्स 2028 पर नजर
इस स्वर्ण पदक का सबसे बड़ा फायदा यह रहा कि भारत ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया। किसी भी खिलाड़ी या टीम के लिए ओलंपिक कोटा हासिल करना बड़ी उपलब्धि होती है, क्योंकि इससे दुनिया के सबसे बड़े खेल मंच पर उतरने का रास्ता खुलता है।
अब सबकी नजर इस पर रहेगी कि ओलंपिक में भारतीय तीरंदाज किस तरह की तैयारी करते हैं। फिलहाल ओलंपिक में कौन-से खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, इसकी आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।
सारण के कोडराव गांव के रहने वाले हैं हरेश कुमार
हरेश कुमार सारण जिले के मढ़ौरा अनुमंडल के मशरक प्रखंड स्थित कोडराव गांव के निवासी हैं। वह भारतीय खेल प्राधिकरण में वरिष्ठ तीरंदाजी प्रशिक्षक के रूप में काम कर रहे हैं। लंबे समय से वह देश के प्रतिभाशाली तीरंदाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करते आ रहे हैं।
उनके प्रशिक्षण में कई तीरंदाज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। एशियन गेम्स 2026 में उनके शिष्य साहिल राजेश जाधव ने जोड़ीदार के साथ गोल्ड जीतकर इस सिलसिले को आगे बढ़ाया।
शिष्य की जीत में प्रशिक्षण और अनुशासन की भूमिका
साहिल की इस कामयाबी के पीछे हरेश कुमार के निरंतर मार्गदर्शन, अनुशासन और कठिन परिश्रम की अहम भूमिका बताई जा रही है। वह लंबे समय से खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और प्रतियोगिता की तैयारी पर काम करते रहे हैं।
उनके प्रशिक्षण में तैयार हुए खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्तर की प्रतियोगिताओं में पहचान बनाई है। इसी वजह से एशियन गेम्स की यह जीत उनके प्रशिक्षण की सफलता के तौर पर भी देखी जा रही है।
सारण से लेकर पूरे बिहार में खुशी की लहर
इस उपलब्धि से सारण जिले सहित पूरे बिहार में खुशी का माहौल है। गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने सफलता पर हर्ष जताया है। लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय तीरंदाज की जीत में सारण के प्रशिक्षक की भूमिका जिले के लिए गर्व की बात है।
यह उपलब्धि इस बात का भी संकेत है कि छोटे गांवों और कस्बों से निकले लोग भी राष्ट्रीय खेल जगत में अपनी अलग जगह बना सकते हैं। स्थानीय खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि इससे युवाओं को तीरंदाजी जैसे खेलों की ओर प्रेरणा मिलेगी।
तीरंदाजी से पुराना नाता, बहन अंजली भी रह चुकी हैं राज्य स्तरीय खिलाड़ी
हरेश कुमार का परिवार भी तीरंदाजी से जुड़ा रहा है। उनकी बहन अंजली राज्य स्तर की तीरंदाज रह चुकी हैं और कई पदक अपने नाम कर चुकी हैं। परिवार में खेल के प्रति रुचि और जुड़ाव का यह सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है।
इस पारिवारिक पृष्ठभूमि ने भी हरेश कुमार को खेल और प्रशिक्षण के क्षेत्र में आगे बढ़ने का माहौल दिया होगा, हालांकि इस बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल उनकी पहचान एक सफल प्रशिक्षक के रूप में बनी हुई है।
आगे की चुनौती: ओलंपिक की तैयारी
एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने के बाद अब असली चुनौती लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 की तैयारी की है। ओलंपिक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कहीं ज्यादा कठिन होती है, इसलिए तकनीक, फिटनेस और मानसिक मजबूती पर लगातार काम करना होगा।
प्रशिक्षक हरेश कुमार और खिलाड़ियों की आगे की रणनीति क्या होगी, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। आने वाले समय में भारतीय खेल प्राधिकरण और तीरंदाजी संघ की ओर से तैयारियों को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।
एशियन गेम्स 2026 में साहिल राजेश जाधव और उनकी जोड़ीदार ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम तीरंदाजी में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया है। इस जीत से लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का टिकट भी पक्का हो गया। जीत में सारण के कोडराव गांव के रहने वाले SAI कोच हरेश कुमार के मार्गदर्शन की अहम भूमिका मानी जा रही है। सारण से लेकर पूरे बिहार में खुशी की लहर है और अब सबकी नजर ओलंपिक की तैयारियों पर रहेगी।
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