Apple iPhone Fold: ऐपल के पहले फोल्डेबल फोन पर बड़ी अपडेट, सैमसंग और एलजी के साथ नई साझेदारी से BOE को झटका
Apple iPhone Fold:ऐपल के पहले फोल्डेबल फोन पर बड़ी अपडेट, सैमसंग और एलजी के साथ नई साझेदारी से BOE को झटका
Apple iPhone Fold: टेक जगत की दिग्गज कंपनी ऐपल अपने आगामी गैजेट्स को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। कंपनी अब अपने भविष्य के आईफोन्स और फोल्डेबल डिवाइसेज के लिए डिस्प्ले सप्लाई चेन में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब तक चीनी कंपनी BOE ऐपल के लिए डिस्प्ले बनाती थी, लेकिन ताजा जानकारी के मुताबिक ऐपल ने अपने पुराने पार्टनर से दूरी बना ली है। अब ऐपल अपने सभी आगामी प्रीमियम डिवाइसेज के लिए दक्षिण कोरिया की दो बड़ी कंपनियों सैमसंग और एलजी पर पूरी तरह से भरोसा जता रही है। यह बदलाव ऐपल की गुणवत्ता और यूजर एक्सपीरियंस को लेकर कंपनी की नई रणनीति को दर्शाता है।
ऐपल की आने वाली 2026 की गैजेट लाइनअप में सैमसंग और एलजी का दबदबा देखने को मिलेगा। कंपनी ने अपने पहले फोल्डेबल फोन के डिस्प्ले का काम सैमसंग को सौंपा है। वहीं, आने वाली आईफोन 18 सीरीज के लिए भी इन दोनों कोरियाई दिग्गजों को भारी भरकम ऑर्डर दिए गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऐपल ने करीब 9 करोड़ डिस्प्ले पैनल बनाने का लक्ष्य रखा है। यह फैसला स्पष्ट करता है कि ऐपल अपने प्रीमियम फोल्डेबल फोन के अनुभव को लेकर कोई भी समझौता नहीं करना चाहती।
Apple iPhone Fold: क्यों बाहर हुई चीनी कंपनी BOE?
ऐपल और चीनी डिस्प्ले निर्माता कंपनी BOE के बीच का रिश्ता काफी पुराना रहा है। पिछले साल आईफोन 17 प्रो सीरीज के लिए भी BOE ने डिस्प्ले सप्लाई किए थे। लेकिन जानकारों के मुताबिक, डिस्प्ले की गुणवत्ता को लेकर कुछ चुनौतियां सामने आई थीं। पैनल में तकनीकी कमियों और शिपमेंट में देरी जैसी समस्याओं के चलते ऐपल ने यह कड़ा कदम उठाया है। एक बड़ी कंपनी होने के नाते ऐपल के लिए स्क्रीन की क्वालिटी सबसे अहम होती है, क्योंकि डिस्प्ले ही किसी स्मार्टफोन का सबसे जरूरी हिस्सा है।
BOE को बाहर का रास्ता दिखाकर ऐपल ने फिर से दक्षिण कोरियाई पार्टनर्स के साथ अपने पुराने रिश्तों को मजबूत किया है। अब आईफोन 18 सीरीज हो या कंपनी का बहुप्रतीक्षित फोल्डेबल फोन, हर जगह अब आपको सैमसंग या एलजी की स्क्रीन देखने को मिलेगी। मार्केट एनालिस्ट इसे एक बड़ी रणनीतिक चाल मान रहे हैं, क्योंकि प्रीमियम फोन बाजार में स्क्रीन का अनुभव ही ग्राहकों को सबसे ज्यादा आकर्षित करता है।
कौन से गैजेट में मिलेगी किसकी स्क्रीन?

ऐपल के आगामी गैजेट्स की लिस्ट काफी लंबी है और हर डिवाइस के लिए खास डिस्प्ले पैनल तैयार किए जा रहे हैं। नई जानकारी के अनुसार, ऐपल के पहले फोल्डेबल आईफोन में सैमसंग का OLED पैनल इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए ऐपल ने लगभग एक करोड़ पैनल का ऑर्डर दिया है। वहीं, आईपैड मिनी की नई सीरीज में भी सैमसंग के बनाए डिस्प्ले देखने को मिलेंगे।
बात अगर आईफोन 18 प्रो और 18 प्रो मैक्स की करें, तो इन दोनों मॉडल्स के लिए सैमसंग और एलजी मिलकर डिस्प्ले सप्लाई करेंगे। इन दोनों कंपनियों को करीब 9 करोड़ पैनल बनाने का ऑर्डर मिला है, जो दर्शाता है कि ऐपल अपने इन फ्लैगशिप फोन की बिक्री को लेकर काफी आश्वस्त है। इसके अलावा ऐपल वॉच सीरीज 12 में एलजी की स्क्रीन का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके लिए लगभग 3.4 करोड़ पैनल तैयार किए जा रहे हैं। मैकबुक प्रो के नए मॉडल्स के लिए भी सैमसंग को मुख्य सप्लायर के तौर पर चुना गया है।
डिस्प्ले की तकनीक में क्या है नया?
ऐपल अपने आईफोन 18 प्रो सीरीज में LTPO प्लस OLED तकनीक का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। यह तकनीक न केवल स्क्रीन को बेहद चमकीला और स्पष्ट बनाती है, बल्कि बैटरी की खपत को भी काफी कम कर देती है। प्रीमियम आईफोन यूजर्स के लिए यह एक बड़ा अपग्रेड साबित हो सकता है। सैमसंग और एलजी अपनी अत्याधुनिक निर्माण इकाइयों में इन डिस्प्ले पैनल को तैयार कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐपल की तय की गई उच्च गुणवत्ता मानकों पर वे पूरी तरह खरे उतरें।
Apple iPhone Fold: यूजर और मार्केट पर क्या पड़ेगा असर?
डिस्प्ले सप्लायर बदलने का सीधा असर ग्राहकों को मिलने वाली स्क्रीन की क्लेरिटी और उसके टिकाऊपन पर पड़ेगा। अक्सर देखा गया है कि चीनी सप्लायर्स के साथ क्वालिटी कंट्रोल को लेकर समस्याएं आती हैं, जिसे सैमसंग और एलजी जैसे पुराने खिलाड़ी ज्यादा बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। हालांकि, दक्षिण कोरियाई कंपनियों पर निर्भरता बढ़ने से उत्पादन लागत में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, जिसका असर डिवाइस की कीमत पर भी पड़ सकता है।
लेकिन ऐपल के लिए ब्रांड वैल्यू और बेहतरीन परफॉर्मेंस सर्वोपरि है। आने वाले सितंबर में जब नई सीरीज के आईफोन लॉन्च होंगे, तब यह साफ हो जाएगा कि सैमसंग और एलजी की साझेदारी ऐपल के प्रीमियम अनुभव को किस हद तक और बेहतर बना पाई है। फिलहाल, तकनीकी बाजार की नजरें ऐपल के उस पहले फोल्डेबल आईफोन पर हैं, जो फोल्डेबल बाजार में नई चुनौती पेश कर सकता है।
Apple iPhone Fold: भविष्य की राह
कुल मिलाकर कहें तो ऐपल एक बार फिर सुरक्षित और विश्वसनीय राह पर चल पड़ी है। चीन की कंपनी BOE को बाहर करना एक संकेत है कि ऐपल अपने प्रीमियम डिवाइसेज के लिए केवल सर्वश्रेष्ठ सप्लायर्स के साथ ही काम करना चाहती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ऐपल भविष्य में अपनी डिस्प्ले सप्लाई के लिए किसी अन्य विकल्प को ढूंढती है या फिर पूरी तरह से कोरियाई कंपनियों पर ही अपनी निर्भरता बनाए रखेगी।
ऐपल के गैजेट्स पर नजर रखने वाले लोगों और टेक प्रेमियों के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। अगर आप भी नई आईफोन सीरीज का इंतजार कर रहे हैं, तो तैयार रहिए क्योंकि इस बार आपको स्क्रीन के मामले में पहले से कहीं ज्यादा बेहतरीन और शानदार अनुभव मिलने वाला है। कंपनी अपनी इस नई नीति से स्मार्टफोन डिस्प्ले की दुनिया में एक नए मानक स्थापित करने की ओर बढ़ रही है।
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