स्कूल में दो छात्राओं पर आरी से हमला, एक की 12 घंटे चली सर्जरी; आरोपी गिरफ्तार

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के राप्टाडु स्थित सरकारी स्कूल में कक्षा 10वीं की दो छात्राओं पर धारदार हथियार से हमला किया गया।

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Andhra Pradesh School Attack: आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे राज्य के शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के राप्टाडु स्थित जिला परिषद हाईस्कूल में कक्षा 10वीं की पढ़ाई के दौरान एक सिरफिरे युवक ने क्लासरूम में घुसकर दो नाबालिग छात्राओं पर आरी (तेज धारदार हथियार) से जानलेवा हमला कर दिया। इस नृशंस हमले में दोनों छात्राएं गंभीर रूप से लहूलुहान हो गईं। मुख्य रूप से शिकार बनी छात्रा को नाजुक स्थिति में तत्काल बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल रेफर किया गया, जहां वरिष्ठ सर्जनों की टीम ने करीब 12 घंटे तक मैराथन प्लास्टिक और ऑर्थोपेडिक सर्जरी कर उसकी जान बचाई। घटना के बाद पूरे इलाके में जनआक्रोश फैल गया है और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को धर दबोचा है।

Andhra Pradesh School Attack: गणित की क्लास के दौरान क्लासरूम में घुसा हमलावर, मची चीख-पुकार

यह खौफनाक वारदात राप्टाडु मंडल मुख्यालय स्थित सरकारी जिला परिषद उच्च विद्यालय की है। शुक्रवार की सुबह जब कक्षा 10वीं के छात्र-छात्राएं गणित विषय की पढ़ाई में व्यस्त थे और शिक्षक कक्षा में मौजूद थे, तभी एक अज्ञात युवक अचानक स्कूल परिसर की सुरक्षा को धता बताते हुए सीधे क्लासरूम में घुस गया। इससे पहले कि शिक्षक या कोई छात्र कुछ समझ पाता, हमलावर ने अपने थैले से आरी निकाली और एक विशेष छात्रा पर अंधाधुंध वार करना शुरू कर दिया।

क्लासरूम में अचानक हुए इस हमले से मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कक्षा में बैठी एक अन्य सहेली ने अदम्य साहस दिखाते हुए अपनी दोस्त की जान बचाने का प्रयास किया, किंतु सिरफिरे हमलावर ने उस पर भी प्रहार कर उसे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसके बाद सहमे शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों ने खून से लथपथ दोनों छात्राओं को तत्काल स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में 12 घंटे चली जटिल सर्जरी

प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल मुख्य पीड़िता की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत पड़ोसी राज्य कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित मणिपाल अस्पताल के लिए एयरलिफ्ट/ग्रीन कॉरिडोर से रेफर किया। वहां प्लास्टिक सर्जनों, न्यूरोलॉजिस्ट्स और ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम ने बच्ची के गहरे घावों, कटी हुई नसों और हड्डियों को जोड़ने के लिए लगातार 12 घंटे तक अत्यंत जटिल सर्जरी की।

आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास एवं आईटी मंत्री नारा लोकेश ने स्वयं बेंगलुरु पहुंचकर अस्पताल में पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की और डॉक्टरों की टीम से बच्ची की स्वास्थ्य स्थिति का विस्तृत ब्योरा लिया। मंत्री ने पत्रकारों को बताया कि गहन सर्जरी के बाद छात्रा की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट के साथ आईसीयू में सघन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों के अनुसार, संक्रमण के खतरे से बचाव के लिए अगले 48 घंटे उसके स्वास्थ्य के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील बने हुए हैं।

रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया मुख्य आरोपी हेमंत, रिश्तेदारी का पहलू सामने आया

वारदात की सूचना मिलते ही अनंतपुर के पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीमों का गठन कर जिले भर के निकास मार्गों पर सघन नाकेबंदी कराई। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 वर्षीय आरोपी हेमंत उर्फ डुम्मू को ध्रुवरम रेलवे स्टेशन के पास से उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह ट्रेन पकड़कर राज्य से भागने की फिराक में था।

पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी छात्रा का दूर का रिश्तेदार है। हालांकि, हमलावर ने स्कूल के भीतर घुसकर इस दुस्साहसिक वारदात को क्यों अंजाम दिया, इसकी गहन पड़ताल की जा रही है। पुलिस स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर अन्य चश्मदीद छात्रों और अध्यापकों के बयान दर्ज कर रही है, ताकि अदालत में आरोपी के खिलाफ एक पुख्ता और गैर-जमानती चार्जशीट दाखिल की जा सके।

परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सख्त सजा की मांग

सरकारी स्कूल परिसर के भीतर दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज घटना के बाद छात्रों के परिजनों और स्थानीय नागरिक संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। आक्रोशित ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल के बाहर एकत्र होकर शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्कूल बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित और संरक्षित स्थान होना चाहिए, लेकिन बिना किसी रोक-टोक के हथियारबंद अपराधी का क्लासरूम तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था की भारी विफलता को दर्शाता है। पीड़ित परिवारों और छात्र संगठनों ने आरोपी के खिलाफ त्वरित अदालत (फास्ट ट्रैक कोर्ट) में मुकदमा चलाकर कठोरतम कानूनी सजा दिलाने की मांग की है ताकि भविष्य में कोई अपराधी ऐसी घिनौनी हरकत करने का दुस्साहस न कर सके।

Andhra Pradesh School Attack: सरकार उठाएगी इलाज का पूरा खर्च, सहमे बच्चों की होगी मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग

मामले की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव कानूनी और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है। शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने स्पष्ट किया कि घायल छात्रा के उच्चस्तरीय उपचार का सारा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे अन्य मासूम स्कूली बच्चों के मन से इस खौफनाक मंजर के डर को मिटाने के लिए विशेष मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता (काउंसलर्स) की टीम स्कूल भेजी जा रही है, जो विद्यार्थियों और शिक्षकों को मानसिक आघात से उबारने के लिए काउंसलिंग सत्र आयोजित करेगी।

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