Amrapali Dubey New Movie: ‘बहू हो तो आम्रपाली दुबे जैसी’ ट्रेलर वायरल, फैंस बोले– ये तो सुपरहिट है

Amrapali Dubey New Movie: आम्रपाली दुबे की नई फिल्म का ट्रेलर वायरल; फैंस बोले सुपरहिट!

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Amrapali Dubey New Movie: भोजपुरी सिनेमा की दुनिया में इन दिनों ‘क्वीन’ कही जाने वाली अभिनेत्री आम्रपाली दुबे की खूब चर्चा हो रही है। उनकी नई फिल्म ‘लाखों में एक पावले बनी हम बहुरानी’ का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। हाल ही में रिलीज हुए इस फिल्म के ट्रेलर ने यूट्यूब पर कामयाबी के नए झंडे गाड़ दिए हैं। महज तीन दिनों के भीतर इस फिल्म के ट्रेलर को 10 लाख से ज्यादा यानी 1 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। फिल्म के ट्रेलर को मिल रहे इस जबरदस्त रिस्पॉन्स को देखकर फिल्म समीक्षक हैरान हैं। दर्शकों का कहना है कि लंबे समय बाद भोजपुरी सिनेमा में कोई ऐसी फिल्म आई है जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है। आम्रपाली दुबे की सादगी और उनके अभिनय ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह केवल ग्लैमर के लिए नहीं बल्कि अपनी दमदार अदाकारी के लिए भी जानी जाती हैं।

Amrapali Dubey New Movie: संयुक्त परिवार और रिश्तों की जद्दोजहद की अनोखी कहानी

फिल्म ‘लाखों में एक पावले बनी हम बहुरानी’ की कहानी एक बड़े और खुशहाल संयुक्त परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। इस घर में तीन भाई हैं और उनके अपने-अपने परिवार हैं। घर में तीन सास हैं जो अपनी बड़ी बहुओं के बर्ताव से काफी परेशान रहती हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि बड़ी बहुओं की मानसिकता बेहद आधुनिक और स्वार्थी है, जो मानती हैं कि घर में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए सास को हमेशा दबाकर रखना चाहिए। घर का माहौल काफी तनावपूर्ण रहता है और बुजुर्ग अपनी ही बहुओं के सामने बेबस नजर आते हैं। इसी बीच कहानी में मोड़ आता है जब परिवार के सबसे छोटे बेटे की शादी होती है और आम्रपाली दुबे यानी ‘शीतल’ की बहू के रूप में घर में एंट्री होती है। शीतल का किरदार एक ऐसी लड़की का है जो पारंपरिक मूल्यों में विश्वास रखती है और मानती है कि परिवार तभी टिक सकता है जब बड़ों का सम्मान हो।

छोटी बहू के आने से कैसे बदला घर का माहौल

आम्रपाली दुबे द्वारा निभाया गया शीतल का किरदार अपनी जेठानियों से बिल्कुल अलग है। जहां जेठानियां सास-ससुर की सेवा को बोझ समझती हैं, वहीं शीतल घर की जिम्मेदारी को अपना सौभाग्य मानती है। ट्रेलर में दिखाया गया है कि छोटी बहू के आने के बाद घर के बुजुर्गों को वह सम्मान और प्यार मिलने लगता है जिसकी वे उम्मीद छोड़ चुके थे। अब उन्हें समय पर खाना मिलता है और उनकी छोटी-बड़ी जरूरतों का ख्याल रखा जाता है। शीतल की यह अच्छाई बड़ी बहुओं को बिल्कुल रास नहीं आती। उन्हें लगता है कि शीतल के आने से उनका वर्चस्व खत्म हो रहा है। इसके बाद जेठानियों और छोटी बहू के बीच जो मीठी और खट्टी नोकझोंक होती है, वह दर्शकों को खूब हंसाती भी है और इमोशनल भी करती है। फिल्म में कॉमेडी और इमोशन का बहुत ही सुंदर संतुलन बिठाया गया है।

साजिश का शिकार और समाज की पंचायत

फिल्म केवल हंसी-मजाक तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मध्यांतर के बाद कहानी काफी गंभीर मोड़ लेती है। शीतल को नीचा दिखाने के लिए उसकी जेठानियां मिलकर एक बड़ा षडयंत्र रचती हैं। वे शीतल पर घर तोड़ने और बड़ों का अपमान करने जैसे झूठे और गंभीर आरोप लगाती हैं। स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि पूरे गांव के सामने पंचायत बुलाने की नौबत आ जाती है। क्या अपनी अच्छाई और सच के दम पर शीतल खुद को बेगुनाह साबित कर पाएगी? क्या जेठानियों की नफरत शीतल के प्यार के आगे हार जाएगी? इन सवालों के जवाब फिल्म के क्लाइमेक्स में छिपे हैं। फिल्म की कहानी यह संदेश देती है कि घर को जोड़कर रखना किसी एक की नहीं बल्कि सबकी जिम्मेदारी है, लेकिन एक अच्छी बहू पूरे घर की किस्मत बदल सकती है।

निर्माण और संगीत की शानदार टीम

इस फिल्म का निर्देशन अनुभवी डायरेक्टर अजय झा ने किया है, जिन्होंने कहानी के हर पहलू को बहुत बारीकी से पर्दे पर उतारा है। फिल्म के लेखक अरविंद तिवारी हैं और उन्होंने संवादों में भोजपुरी मिट्टी की खुशबू को बरकरार रखा है। फिल्म का निर्माण निशांत उज्जवल के साथ डॉ. संदीप उज्जवल और सुशांत उज्जवल ने रेनू विजय फिल्म्स एंटरटेनमेंट के बैनर तले किया है। संगीत की बात करें तो ओम झा और रजनीश मिश्रा ने बेहतरीन धुनें तैयार की हैं जो कहानी को आगे बढ़ाने में मदद करती हैं। फिल्म में आम्रपाली दुबे के साथ संगीता तिवारी ने भी अहम भूमिका निभाई है और दोनों की जुगलबंदी पर्दे पर साफ नजर आ रही है।

दर्शकों और प्रशंसकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया और यूट्यूब पर कमेंट सेक्शन में फैंस की भीड़ उमड़ पड़ी है। एक यूजर ने लिखा है कि आज के दौर में जब हर तरफ एक्शन और मसाला फिल्में हैं, ऐसे में आम्रपाली की यह पारिवारिक फिल्म मन को सुकून देने वाली है। कई महिला दर्शकों ने कमेंट किया है कि ‘बहू हो तो आम्रपाली दुबे जैसी’ होनी चाहिए जो परिवार को टूटने से बचा ले। भोजपुरी सिनेमा के जानकारों का मानना है कि ‘लाखों में एक पावले बनी हम बहुरानी’ साल 2026 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हो सकती है। फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है और बॉक्स ऑफिस पर इसकी शुरुआत काफी दमदार रही है। आम्रपाली दुबे के चाहने वाले देशभर में फैले हुए हैं और इस फिल्म ने उनके स्टारडम को एक नई ऊंचाई दी है। यदि आप भी एक अच्छी और साफ-सुथरी पारिवारिक फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।

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