Aaj Ka Mausam 3 November 2026: 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट? दिल्ली-UP समेत जानें देशभर के मौसम का हाल

दक्षिण भारत में चक्रवात मुरासु के प्रभाव से भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका, जबकि उत्तर भारत में सुबह-शाम बढ़ेगी ठंड।

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Aaj Ka Mausam 3 November 2026: नवंबर माह के पदार्पण के साथ ही देश के विभिन्न भूभागों में मौसमी गतिविधियों में गहरा और व्यापक बदलाव देखा जा रहा है। उत्तर और पश्चिमोत्तर भारत के मैदानी अंचलों में जहां गुलाबी ठंड की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है और सुबह-शाम धुंध व कोहरे का असर गहराने लगा है, वहीं दक्षिण प्रायद्वीपीय और पूर्वी तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती तूफान ने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Severe Cyclonic Storm Murasu) तटीय इलाकों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु और ओडिशा के कई जनपदों में मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली विनाशकारी हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। इसके विपरीत, उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में तापमान में गिरावट और मौसम के शुष्क बने रहने का अनुमान है।

Aaj Ka Mausam 3 November 2026: दक्षिण और पूर्वी भारत में रेड अलर्ट की स्थिति

वर्तमान मौसम का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु पश्चिम-मध्य और उससे सटी दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ है। मौसम विभाग द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार, यह मौसमी प्रणाली निरंतर उत्तर-पश्चिम दिशा में गतिमान है और 3 नवंबर की सुबह तक इसके दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की संभावना है।

तूफान के लैंडफॉल की प्रक्रिया के दौरान समुद्र में भयानक हलचल, आठ से दस फीट ऊंची तूफानी लहरें और तटीय इलाकों में खारे पानी के प्रवेश की गंभीर आशंका बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने आंध्र प्रदेश के नेल्लोर, प्रकाशम, बापटला और गुंटूर जैसे जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तरी तमिलनाडु के तटीय जनपदों और दक्षिण ओडिशा के कुछ इलाकों में भी गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। मछुआरों को अगले 48 घंटों तक खुले समुद्र में न जाने और तटीय निवासियों को सुरक्षित आश्रय स्थलों में रहने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली-एनसीआर में शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-शाम हल्की ठंड और धुंध का साया

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) में चक्रवाती तूफान का कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। मौसम विज्ञान विभाग के सफदरजंग मौसम केंद्र के अनुसार, 3 नवंबर को दिल्ली और आसपास के नोएडा, गाजियाबाद व गुरुग्राम में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट और हवा की गति धीमी रहने के कारण सुबह के समय हल्की धुंध और उथला कोहरा छाया रह सकता है।

तापमान के आंकड़ों की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर लगभग 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दिन के समय खिली हुई धूप रहने से मौसम सुहावना रहेगा, परंतु देर शाम और भोर के समय लोगों को हल्की ऊनी चादर या जैकेट की आवश्यकता महसूस होने लगी है। इसके साथ ही मौसमी बदलाव और पराली के धुएं के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पर भी असर दिखने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में गुलाबी ठंड की दस्तक, कुछ इलाकों में छिटपुट बादल

उत्तर प्रदेश में नवंबर की शुरुआत के साथ ही मौसमी मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और आगरा सहित अधिकांश जनपदों में दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय अंतर दर्ज किया जा रहा है। सुबह के समय हल्की ठंडक और ओस की बूंदें सर्दियों के आगमन का स्पष्ट संकेत दे रही हैं। हालांकि, पूरे प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है और अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा, लेकिन प्रदेश के सुदूर पूर्वी तटीय संपर्कों और सीमावर्ती इलाकों में आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है।

पड़ोसी राज्य बिहार की बात करें तो यहां मौसम मिलाजुला रहने वाला है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती प्रणाली की परिधि से उठने वाली नमी के प्रभाव से राज्य के दक्षिणी और पूर्वी जिलों—जैसे भागलपुर, बांका, किशनगंज और पूर्णिया—में आंशिक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। राज्य के शेष जिलों में सुबह-शाम ठंड और दिन में धूप का सामान्य क्रम जारी रहेगा।

राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी राज्यों की स्थिति

पश्चिमी भारत के राजस्थान और मध्य प्रदेश में अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ और शुष्क बने रहने का पूर्वानुमान है। राजस्थान के चुरू, सीकर, बीकानेर और माउंट आबू जैसे इलाकों में रात का तापमान तेजी से गिर रहा है, जिससे रातें ठंडी होने लगी हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भोपाल और इंदौर संभागों में भी रात के पारे में गिरावट दर्ज की जा रही है, यद्यपि दोनों राज्यों में दिन के समय धूप खिली रहेगी और बारिश की कोई बड़ी संभावना नहीं है।

पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे हिमालयी शिखरों पर न्यूनतम तापमान शून्य के करीब या उससे नीचे पहुंच चुका है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, मनाली, रोहतांग और लाहौल-स्पीति जैसे पर्यटन स्थलों पर सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले दर्रों पर पाला जमने की चेतावनी दी है, जिसके चलते वहां यात्रा करने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को गर्म कपड़ों के साथ सुरक्षित गति से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।

Aaj Ka Mausam 3 November 2026: मौसमी उथल-पुथल के बीच सावधानियां और प्रशासनिक दिशा-निर्देश

3 नवंबर को देश के मौसम में व्यापक क्षेत्रीय विषमता देखने को मिलेगी। दक्षिण भारत के तूफान प्रभावित तटीय राज्यों में नागरिकों को स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी चक्रवात एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करना चाहिए। आंधी-तूफान के समय कच्चे मकानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और धातु की छतों के नीचे खड़े होने से बचना जीवन सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। वहीं, उत्तर और मध्य भारत में सुबह-शाम बढ़ते तापमान के उतार-चढ़ाव को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए गर्म कपड़ों का समुचित उपयोग शुरू करने की आवश्यकता है। किसी भी लंबी दूरी की यात्रा पर निकलने से पहले गंतव्य क्षेत्र के वास्तविक और नवीनतम जिला-स्तरीय मौसम बुलेटिन की जांच करना हितकर रहेगा।

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