Aaj Ka Mausam 29 July 2026: IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में झमाझम बारिश के आसार
IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, जानें आपके राज्य का मौसम हाल
Aaj Ka Mausam 29 July 2026: देश भर में मानसून 2.0 की सक्रियता अपने चरम पर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, आज 29 जुलाई 2026, बुधवार को मध्य भारत, पूर्वी भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्सों में व्यापक और मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सुबह से ही घने बादल छाए रहेंगे और कई दौर की हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलेगी।
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा और तापमान का मिजाज
राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम व फरीदाबाद में आज आसमान पूरी तरह बादलों से ढका रहेगा। सुबह से ही ठंडी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम स्तर की मानसूनी बारिश होने के आसार जताए गए हैं। दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
बारिश के कारण तापमान में तो गिरावट आएगी, लेकिन हवा में नमी का स्तर अधिक रहने से बीच-बीच में चिपचिपी गर्मी का अहसास भी हो सकता है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों और दफ्तर जाने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम से बचने के लिए छाता या रेनकोट साथ रखने और यात्रा के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय निकालने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी वर्षा की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्यवर्ती जिलों में आज मूसलाधार बारिश होने के पूरे आसार हैं। पूर्वांचल के जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। वहीं, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानसून की रफ्तार लगातार तेज बनी हुई है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
उत्तराखंड के संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और चट्टानें खिसकने के खतरे को देखते हुए राज्य प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने का निर्देश दिया है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बहुत भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट
मध्य भारत में मानसूनी सिस्टम सबसे ज्यादा प्रभाव दिखा रहा है। मध्य प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में आज अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी 29 जुलाई को कई जगहों पर मूसलाधार से अति मूसलाधार बारिश को लेकर अलर्ट जारी है।
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी अगले 48 घंटों तक मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। लगातार हो रही बारिश के कारण नर्मदा, ताप्ती और इंद्रावती जैसी प्रमुख नदियों और उनके सहायक नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र, कोंकण और मुंबई का मौसम
महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। कोंकण क्षेत्र और गोवा में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और ठाणे के तटीय इलाकों में दिनभर बादलों की आवाजाही के साथ मध्यम से तेज बारिश दर्ज की जा सकती है।
मुंबई में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। तटीय क्षेत्रों में ऊंची समुद्री लहरें उठने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है।
पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों का हाल
पूर्वी भारत के राज्यों ओडिशा, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में मानसूनी हवाओं की वजह से बारिश का माहौल बना रहेगा। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे ओडिशा और झारखंड के जिलों में भारी बारिश होने के आसार हैं। गंगा के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
यह बारिश खरीफ फसलों, विशेषकर धान की रोपाई के लिए बेहद वरदान साबित हो रही है, हालांकि किसानों को खेतों में अत्यधिक जलभराव से जल निकासी का उचित प्रबंध करने की सलाह भी दी गई है।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में मानसून की स्थिति
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी राज्यों पंजाब और हरियाणा में आज मानसूनी बौछारें पड़ने की संभावना है। दिल्ली से लगे इलाकों जैसे झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
राजस्थान के पूर्वी हिस्से में आज घने काले बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर मध्यम स्तर की बारिश दर्ज होगी, जबकि पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत कम बारिश वाला या शुष्क बना रह सकता है।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर का मौसम
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन के चलते कई प्रमुख संपर्क मार्ग अस्थायी रूप से बाधित हो सकते हैं।
किश्तवाड़, डोडा, मंडी और कुल्लू के संवेदनशील इलाकों में नदी-नालों के किनारे न जाने की चेतावनी दी गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे पहाड़ी रास्तों पर जाने से पहले ट्रैफिक पुलिस और कंट्रोल रूम से रास्ते की स्थिति जरूर जान लें।
दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज
दक्षिण भारत के राज्यों में मानसून का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। केरल और तटीय कर्नाटक में मानसून की रफ्तार तेज रहेगी, जहां तटीय जिलों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है।
तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की मानसूनी बौछारें पड़ सकती हैं। दक्षिण भारत के अंदरूनी इलाकों में तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा।
Aaj Ka Mausam 29 July 2026: अगले 4-5 दिनों का मानसूनी दृष्टिकोण
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, मानसून की अक्षीय रेखा यानी मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसकी हुई है, जिसके कारण मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां अगले चार से पांच दिनों तक इसी तरह जारी रहेंगी।
तापमान (Aaj Ka Mausam 29 July 2026) में आई इस गिरावट से लोगों को भयंकर गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, जर्जर इमारतों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा मौसम से जुड़े किसी भी अपडेट के लिए आधिकारिक IMD वेबसाइट या मोबाइल ऐप की मदद लें।
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