जुबिन गर्ग की मौत पर सिंगापुर पुलिस का बड़ा खुलासा, कोर्ट में पेश किए सबूत
सिंगापुर कोर्ट में पुलिस ने कहा- नशे में लाइफ जैकेट ठुकराई, असम सरकार हत्या का दावा, 7 गिरफ्तार
Zubeen Garg: असमिया गायक जुबिन गर्ग की रहस्यमय मौत के मामले में सिंगापुर पुलिस ने अदालत में अहम जानकारी साझा की है। बुधवार को हुई सुनवाई में पुलिस ने स्पष्ट रूप से बताया कि गायक की मौत किसी हत्या का नतीजा नहीं थी, बल्कि उनकी मौत एक दुखद हादसे के कारण हुई।
पुलिस के मुख्य जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि घटना के समय जुबिन गर्ग अत्यधिक नशे में थे और उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से मना कर दिया था। यही मुख्य कारण बना कि वे लाजरस द्वीप के पास गहरे पानी में डूब गए।
Zubeen Garg: क्या हुआ था उस दिन, घटना का पूरा विवरण
रिपोर्ट के अनुसार, जांच अधिकारी ने कोर्ट में पूरी घटना का सिलसिलेवार विवरण पेश किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में जुबिन गर्ग (Zubeen Garg) ने लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने उसे उतार दिया। जब चालक दल के सदस्यों ने उन्हें दूसरी लाइफ जैकेट देने की कोशिश की, तो उन्होंने उसे पहनने से साफ इनकार कर दिया।
पुलिस ने अदालत को बताया कि गायक उस वक्त बहुत ज्यादा नशे में थे। कई गवाहों ने उन्हें उस समय देखा जब वे नाव की तरफ तैरकर वापस जाने की कोशिश कर रहे थे। बिना लाइफ जैकेट के तैरते समय अचानक वे पानी के बीच ही बेहोश हो गए और उनका चेहरा पानी में डूब गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाई और उन्हें बचाने की कोशिश की। उन्हें जल्दी से नाव पर वापस लाया गया, जहाँ उन्हें सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया गया। यह एक आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया है जो जान बचाने के लिए की जाती है। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और कुछ ही समय बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
Zubeen Garg: जुबिन गर्ग की सेहत से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
सिंगापुर की अदालत को यह भी जानकारी दी गई कि जुबिन गर्ग को पहले से कुछ गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं थीं। उन्हें उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) की बीमारी थी और वे मिर्गी (Epilepsy) के मरीज भी थे।
मिर्गी एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है जिसमें अचानक दौरे पड़ सकते हैं। पुलिस ने बताया कि जुबिन गर्ग (Zubeen Garg) को आखिरी बार 2024 में मिर्गी का दौरा पड़ा था। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि पानी में रहने के दौरान स्वास्थ्य संबंधी इन जटिलताओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया होगा। इन समस्याओं के बावजूद गर्ग संगीत कार्यक्रमों में सक्रिय थे और वे ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ में परफॉर्म करने के लिए ही सिंगापुर गए थे।
कब हुई थी यह घटना?
52 वर्षीय लोकप्रिय असमिया गायक जुबिन गर्ग (Zubeen Garg) की मौत पिछले साल सितंबर में हुई थी। वे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में अपनी प्रस्तुति देने से महज एक दिन पहले ही चल बसे थे। यह घटना न केवल असम बल्कि पूरे देश के संगीत प्रेमियों के लिए एक बड़ा झटका थी। जुबिन गर्ग पूर्वोत्तर भारत के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में से एक थे और उनकी अचानक मौत ने पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री को शोक में डुबो दिया था।
Zubeen Garg: सिंगापुर पुलिस का स्पष्टीकरण और क्लीन चिट
सिंगापुर पुलिस ने कोर्ट में साफ शब्दों में कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह की साजिश के सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस की जांच के अनुसार, यह पूरी तरह से एक दुर्घटना थी। गवाहों के बयान और मौके से मिले सबूत यही साबित करते हैं कि गर्ग की मौत उनकी अपनी लापरवाही और नशे की हालत में तैरने के कारण हुई। अदालत में पेश रिपोर्ट में कहा गया कि वहां सभी सुरक्षा उपाय मौजूद थे, लेकिन गायक (Zubeen Garg) ने स्वयं सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने से मना कर दिया था।
असम सरकार का रुख – हत्या का गंभीर आरोप
सिंगापुर पुलिस की रिपोर्ट के विपरीत, असम सरकार का इस मामले पर कड़ा स्टैंड है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम सरकार ने इस मौत को एक सुनियोजित हत्या करार दिया है। असम पुलिस की सीआईडी (CID) की विशेष जांच टीम ने 12 दिसंबर को हत्या के मामले में चार्जशीट दायर की थी।
इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से चार पर हत्या का सीधा आरोप लगाया गया है। गिरफ्तार लोगों में फेस्टिवल के आयोजक, जुबिन (Zubeen Garg) के सचिव, उनके बैंड के सदस्य, उनके चचेरे भाई और दो निजी सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं। असम पुलिस का दावा है कि यह एक गहरी साजिश का हिस्सा था।
असम में कानूनी कार्रवाई और विशेष टीम
असम सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पांच सदस्यीय विशेष लोक अभियोजकों (Special Public Prosecutors) की टीम का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि:
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वरिष्ठ अधिवक्ता जियाउल कमर विशेष लोक अभियोजक होंगे।
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ब्रोजेंद्र मोहन चौधरी अतिरिक्त लोक अभियोजक होंगे।
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किशोर दत्ता, प्रांजल दत्ता और बिकाश जमर सहायक लोक अभियोजक की भूमिका निभाएंगे।
सरकार ने वादा किया है कि इस मामले में तेजी से ट्रायल चलाया जाएगा ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
दो अलग जांच, दो अलग नतीजे – क्या है सच्चाई?
अब यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेचीदा हो गया है क्योंकि दो देशों की पुलिस की जांच रिपोर्ट एक-दूसरे के विपरीत है। जहाँ सिंगापुर पुलिस इसे ‘दुर्घटना’ मान रही है, वहीं असम पुलिस इसे ‘हत्या’ बता रही है। सिंगापुर पुलिस के पास मौके के गवाह और मेडिकल रिपोर्ट है, जबकि असम पुलिस का दावा है कि उनके पास साजिश के पुख्ता सबूत हैं।
यह मामला अब कूटनीतिक और कानूनी रूप से काफी जटिल हो गया है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सकता है।
Zubeen Garg: जुबिन गर्ग का संगीत सफर

जुबिन गर्ग (Zubeen Garg) केवल एक गायक नहीं, बल्कि असम की सांस्कृतिक पहचान थे। उन्होंने असमिया, हिंदी और बंगाली सहित कई भाषाओं में हजारों गाने गाए। बॉलीवुड में भी उनके गानों ने धूम मचाई थी। पूर्वोत्तर भारत में उनकी लोकप्रियता किसी सुपरस्टार से कम नहीं थी। उनके प्रशंसक आज भी न्याय की मांग कर रहे हैं और सच जानने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल, सबकी निगाहें कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हैं।
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