हर मुलाकात के बाद खाली और थका हुआ क्यों महसूस होता है? जानें Energy Protection क्या है और अपनी मानसिक ऊर्जा बचाने के आसान तरीके

इमोशनल डंपिंग और सेंसरी ओवरलोड से बचाव, अपनी मानसिक ऊर्जा बचाने के 5 आसान तरीके

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Energy Protection: क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि किसी दोस्त से मिलकर लौटे या किसी पार्टी में शामिल हुए और घर आते-आते ऐसा लगा जैसे किसी ने आपकी सारी ऊर्जा खींच ली हो? आप शारीरिक रूप से नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह खाली महसूस करते हैं। आजकल सोशल मीडिया पर ‘Energy Protection’ यानी ऊर्जा की सुरक्षा का विषय बहुत तेजी से चर्चा में आया है।

Energy Protection: कुछ मुलाकातें इतनी थका क्यों देती हैं

हर इंसान की एक सीमित इमोशनल क्षमता होती है। जब हम किसी से मिलते हैं तो केवल बातों का ही नहीं बल्कि भावनात्मक ऊर्जा का भी आदान-प्रदान होता है।

  • इमोशनल डंपिंग: जब कोई व्यक्ति आपसे मिलते ही अपनी सारी समस्याएं, शिकायतें और नकारात्मकता आप पर उड़ेल देता है तो आपका दिमाग उन सब चीजों को प्रोसेस करते-करते थक जाता है।

  • दिखावा करने का दबाव: कई बार हम ऐसे लोगों के बीच होते हैं जहां परफेक्ट दिखने या उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का बोझ होता है।

  • सेंसरी ओवरलोड: शोर-शराबे वाली जगहें और बहुत सारे लोगों की एकसाथ मौजूदगी भी हमारे नर्वस सिस्टम को थका देती है।

Energy Protection: आखिर क्या है Energy Protection

Energy Protection का सीधा और सरल मतलब है अपनी मानसिक और भावनात्मक शांति को बाहरी नकारात्मकता से बचाना।

  1. यह खुद को दुनिया से काटकर अलग कर लेने की बात नहीं है।

  2. यह तय करने की बात है कि आप अपनी कीमती ऊर्जा कहां और किसके लिए खर्च करेंगे।

  3. समय से भी ज्यादा कीमती चीज है ऊर्जा। अगर आपके पास भरपूर समय है लेकिन मानसिक ऊर्जा नहीं तो आप न किसी काम का आनंद ले पाएंगे और न ठीक से सोच पाएंगे।

Energy Protection: अपनी ऊर्जा बचाने के व्यावहारिक तरीके

  • हेल्दी सीमाएं तय करना: हर किसी को हर बात पर हां कहना बंद करें। तनाव महसूस कराने वाले लोगों से दूरी बनाना या मिलने का समय कम करना आपका अधिकार है।

  • बिना अपराधबोध के ना कहना: जो काम या मुलाकातें आपको अंदर से खाली महसूस कराती हैं उन्हें मना करने में कोई बुराई नहीं है। यह स्वार्थ नहीं बल्कि आत्म-सम्मान है।

  • डिजिटल डिटॉक्स: सोशल मीडिया पर नकारात्मक खबरें पढ़ना और दूसरों की जिंदगी से अपनी तुलना करना भी ऊर्जा चुराता है।

  • छोटा रीसेट: किसी गहरी बातचीत के बाद कुछ देर अकेले बैठें, गहरी सांस लें या संगीत सुनें। यह आपकी ऊर्जा को दोबारा संतुलित करता है।

Energy Protection: मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर

जब आप अपनी ऊर्जा की रक्षा करना सीख जाते हैं तो इसका असर आपके पूरे जीवन पर दिखने लगता है:

  • चिंता और बेचैनी कम होने लगती है।

  • फैसले लेने की क्षमता बेहतर होती है।

  • प्रियजनों के साथ आप ज्यादा गुणवत्तापूर्ण समय बिता पाते हैं।

  • रिश्तों में भी सुधार आता है क्योंकि जब आप भीतर से शांत होते हैं तो बाहर से भी सहज और प्रेमपूर्ण रहते हैं।

निष्कर्ष: Energy Protection कोई फैशनेबल शब्द नहीं बल्कि आज के दौर में खुद को स्वस्थ और संतुलित रखने की एक जरूरी कला है। अपनी ऊर्जा को पहचानें, उसे संभालें और उसे उन लोगों और कामों पर लगाएं जो वाकई आपके जीवन को बेहतर बनाते हैं।

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