पश्चिम बंगाल के राज्यपाल CV आनंद बोस ने राष्ट्रपति को भेजा इस्तीफा, लद्दाख के LG कवींद्र गुप्ता ने भी छोड़ा पद; जानें ममता बनर्जी ने क्या कहा
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल CV आनंद बोस ने राष्ट्रपति को भेजा इस्तीफा, लद्दाख के LG कवींद्र गुप्ता ने भी छोड़ा पद, ममता से विवाद
Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर आया है। राज्य के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा भेज दिया। इसी के साथ लद्दाख के उपराज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सीवी आनंद बोस और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी।
Bengal Politics: राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच लंबे समय से था विवाद
सीवी आनंद बोस को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद से ही उनके और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच संबंध सहज नहीं रहे। कई मुद्दों पर राजभवन और नबान्न यानी राज्य सरकार के बीच खुली तकरार देखने को मिली। विश्वविद्यालयों की नियुक्तियों से लेकर कानून-व्यवस्था तक के मसलों पर दोनों पक्षों में अनेक बार सीधा टकराव हुआ। राज्यपाल ने कई बार राज्य सरकार के फैसलों पर आपत्ति जताई थी और राज्य सरकार ने भी राज्यपाल के कामकाज पर सवाल उठाए थे।
Bengal Politics: ममता बनर्जी का आया बयान
राज्यपाल के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। हालांकि इस खबर के लिखे जाने तक उनके बयान का विस्तृत विवरण सामने आ रहा था। ममता बनर्जी और सीवी आनंद बोस के बीच का विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है और दोनों के बीच कई मसलों पर टकराव सार्वजनिक रूप से सामने आता रहा था।
Bengal Politics: लद्दाख के LG कवींद्र गुप्ता ने भी दिया इस्तीफा
इसी के साथ लद्दाख के उपराज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। एक ही दिन में दो महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों का इस्तीफा देना राजनीतिक दृष्टि से बेहद असाधारण घटना है। इन दोनों इस्तीफों ने देश की राजनीति में बड़ी हलचल मचा दी है।
Bengal Politics: राजनीतिक हलकों में मची हलचल
विपक्षी दल इसे केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध के संकेत के रूप में देख रहे हैं जबकि सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राष्ट्रपति भवन की ओर से भी इन इस्तीफों को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार किया रहा है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल और लद्दाख दोनों ही क्षेत्रों के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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