UPSSSC JE Result: UPSSSC JE Result में देरी पर अभ्यर्थियों का हंगामा, डिप्टी CM ने चेयरमैन को फटकारा
लखनऊ में डिप्टी सीएम आवास घेरकर छात्रों ने जल्द रिजल्ट और DV शुरू करने की मांग की
UPSSSC JE Result: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती परीक्षा के परिणाम में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर प्रदेश भर के बेरोजगार युवाओं का आक्रोश सड़क पर उतर आया है। मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से राजधानी लखनऊ पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास का अचानक घेराव कर दिया। हाथों में पोस्टर, तख्तियां और बैनर लिए अभ्यर्थियों ने आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द परिणाम जारी करने और दस्तावेज सत्यापन (DV) प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई।
अभ्यर्थियों का कहना था कि वे पिछले दो वर्षों से इस भर्ती प्रक्रिया के पूरा होने की आस लगाए बैठे हैं। चार महीने पहले लिखित परीक्षा संपन्न होने के बावजूद आयोग ने अब तक न तो परिणाम घोषित किया है और न ही कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण दिया है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक तुरंत आवास से बाहर निकले, प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनने के बाद मौके पर ही आयोग के चेयरमैन को फोन लगाकर कड़ी नाराजगी जताई।
UPSSSC JE Result: 4612 पदों के लिए 30 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने मार्च 2024 में जूनियर इंजीनियर (सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल) के कुल 4,612 पदों पर सीधी भर्ती के लिए औपचारिक विज्ञापन जारी किया था। इसके उपरांत आयोजित हुई लिखित परीक्षा में राज्य भर से लगभग 30 हजार से अधिक योग्य डिप्लोमा व डिग्रीधारी परीक्षार्थियों ने भाग लिया था।
परीक्षा संपन्न हुए चार महीने से अधिक का समय बीत चुका है, किंतु आयोग की ओर से परिणाम को लेकर पूर्ण चुप्पी साधी गई है। प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आर्थिक तंगी झेलते हुए वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। भर्ती प्रक्रियाओं के इस तरह वर्षों तक लटकने से उन पर गहरा मानसिक तनाव, अवसाद और गंभीर पारिवारिक व आर्थिक दबाव बन रहा है। छात्रों ने मांग की कि सरकार आयोग को निर्देशित कर तत्काल कट-ऑफ जारी करवाए और डीवी का शेड्यूल घोषित करे।
डिप्टी सीएम का सख्त रुख: मौके से ही आयोग के चेयरमैन को लगाया फोन
आवास के बाहर धरने पर बैठे अभ्यर्थियों के बीच पहुंचकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बेहद संवेदनशील और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अभ्यर्थियों की पीड़ा सुनने के बाद सबके सामने यूपीएसएसएससी के चेयरमैन को फोन मिलाया और परिणाम में हो रहे विलंब का कारण पूछा। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह बच्चे बहुत दूर-दूर से किराया लगाकर आए हैं, पूरी तरह पीड़ित हैं और इनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डिप्टी सीएम ने आयोग प्रमुख को सख्त निर्देश दिए कि वे तत्काल छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करें और भर्ती की वास्तविक स्थिति से उन्हें पारदर्शी तरीके से अवगत कराएं। पाठक के सीधे हस्तक्षेप के बाद आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आनन-फानन में पांच सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए आयोग कार्यालय बुलाया।
आयोग का आधिकारिक पक्ष: हाईकोर्ट में याचिका और स्टे ऑर्डर बनी बाधा
डिप्टी सीएम के निर्देश पर आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया ने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से विस्तृत बातचीत की और परिणाम जारी न हो पाने की विधिक बाध्यताओं को सामने रखा। सचिव ने छात्रों को बताया कि 2024 में विज्ञापन जारी होने के तुरंत बाद कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में रिट याचिका दाखिल कर दी थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि चूंकि उन्होंने 2023 की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) उत्तीर्ण की थी, इसलिए उन्हें भी 2024 की जेई भर्ती में शामिल होने की पात्रता दी जानी चाहिए।
सचिव ने स्पष्ट किया कि उक्त याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने चयन परिणाम घोषित करने पर अंतरिम रोक (Stay) लगा रखी है। न्यायिक आदेश प्रभावी होने के कारण आयोग चाहकर भी अंतिम मेरिट लिस्ट या दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पा रहा है। आयोग के अधिकारियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार और आयोग की विधिक टीम अदालत से स्टे हटवाने के लिए मजबूती से पैरवी कर रही है।
सितंबर माह की अदालती सुनवाई पर टिकीं युवाओं की निगाहें
आयोग के अनुसार, उच्च न्यायालय में इस महत्वपूर्ण मामले की अगली सुनवाई सितंबर माह के दौरान निर्धारित है। आयोग के सचिव ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार के महाधिवक्ता और विशेष अधिवक्ताओं के माध्यम से अदालत के समक्ष अभ्यर्थियों के व्यापक हित और खाली पदों की तात्कालिक आवश्यकता का पक्ष रखा जाएगा, ताकि रोक को जल्द से जल्द खारिज कराया जा सके।
अदालत से कानूनी अड़चन दूर होते ही आयोग बिना किसी अतिरिक्त विलंब के 4,612 पदों का भर्ती परिणाम, संशोधित उत्तर कुंजी और श्रेणीवार कट-ऑफ आधिकारिक पोर्टल पर लाइव कर देगा। अधिकारियों ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न दें और विधिक प्रक्रिया के संपन्न होने तक धैर्य बनाए रखें।
UPSSSC JE Result: भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता की दरकार
लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में अधीनस्थ सेवाओं की भर्ती परीक्षाओं में लगने वाले लंबे समय और बार-बार अदालतों में अटकने वाले मुकदमों पर व्यापक प्रशासनिक बहस छेड़ दी है। रोजगार विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा कैलेंडर का कड़ाई से पालन न होना और विज्ञापन स्तर पर नियमों की विधिक अस्पष्टता के चलते भर्तियां वर्षों तक मुकदमों में उलझ जाती हैं।
डिप्टी सीएम के त्वरित हस्तक्षेप से प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को तात्कालिक आश्वासन जरूर मिला है, किंतु युवाओं का स्पष्ट कहना है कि यदि सितंबर की अदालती सुनवाई के बाद भी आयोग ने परिणाम जारी करने में ढिलाई बरती, तो वे बड़े पैमाने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को विवश होंगे। फिलहाल अभ्यर्थियों की संपूर्ण निगाहें उच्च न्यायालय के आगामी फैसले पर केंद्रित हो गई हैं।
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