Ram Temple CEO: राम मंदिर के पहले CEO बने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, बोले- आगे सब अच्छा होगा

43 साल देशसेवा के बाद जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे राम मंदिर की प्रशासनिक जिम्मेदारी, बोले भविष्य पर ध्यान दें

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Ram Temple CEO: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को एक युगांतकारी निर्णय लेते हुए भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। नियुक्ति के कुछ ही घंटों बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मिश्रा ने बेहद भावुक और सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतीत की बातों और विवादों को पीछे छोड़कर अब भविष्य के नवनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की कृपा से आने वाला समय निश्चय ही भव्य और व्यवस्थित होगा।

अयोध्या में नित्यप्रति लाखों की संख्या में उमड़ रहे श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन, सुरक्षा और विश्वस्तरीय तीर्थ प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए ट्रस्ट ने एक अनुशासित सैन्य नेतृत्व पर भरोसा जताया है। अपनी नियुक्ति को प्रभु श्रीराम का परम आशीर्वाद बताते हुए नए सीईओ ने कहा कि 43 वर्षों तक देश की सीमाओं की रक्षा करने के बाद अब जीवन का शेष समय राम भक्तों की सेवा में समर्पित करना उनके लिए सर्वोच्च सौभाग्य की बात है।

Ram Temple CEO: 5585 आवेदकों में से हुआ चयन, एआई और 600 अंकों के पारदर्शी फ्रेमवर्क से तय हुआ नाम

राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी का चयन भारतीय प्रशासनिक इतिहास की सबसे कठोर और पारदर्शी प्रक्रियाओं में से एक रहा है। इस शीर्ष पद के लिए देश भर से कुल 5,585 दिग्गजों के आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्क्रीनिंग के साथ-साथ उच्चस्तरीय मैन्युअल मूल्यांकन का सहारा लिया गया।

उम्मीदवारों की योग्यता, प्रशासनिक अनुभव और संकट प्रबंधन क्षमताओं को परखने के लिए 600 अंकों का एक बहुस्तरीय मूल्यांकन ढांचा तैयार किया गया था। इस प्रारंभिक कसौटी पर 3,000 से अधिक योग्य उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया, जिसमें से 470 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले शीर्ष अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए चुना गया।

इसके बाद 108 अधिकारियों के साथ गहन वर्चुअल साक्षात्कार संपन्न हुए और अंततः चयन समिति ने तीन नामों को अंतिम रूप से शॉर्टलिस्ट किया। ट्रस्ट की उच्चस्तरीय बैठक में अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की उपस्थिति में एयर मार्शल (रिटा.) जितेंद्र मिश्रा के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई।

सैन्य कौशल और रणनीतिक अनुभव: फाइटर पायलट से रामकाज तक का सफर

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपार रानी क्षेत्र स्थित भोपतपुरा गांव के मूल निवासी जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर अत्यंत गौरवशाली रहा है। दिसंबर 1986 में भारतीय वायुसेना में बतौर फाइटर पायलट कमीशन पाने वाले मिश्रा ने चार दशकों तक देश के सबसे संवेदनशील अभियानों का नेतृत्व किया।

वे भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे रणनीतिक अभियानों में उन्होंने अत्यंत निर्णायक भूमिका निभाई थी। अपने सेवाकाल में 18 से अधिक श्रेणियों के आधुनिक लड़ाकू विमानों पर 3,000 से अधिक घंटों का सुरक्षित उड़ान अनुभव रखने वाले इस जांबाज अधिकारी को उनकी असाधारण सेवाओं के लिए देश के प्रतिष्ठित ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ (UYSM) से भी अलंकृत किया जा चुका है।

अप्रैल 2026 में वायुसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद अब उनका रणनीतिक प्रबंधन और अनुशासन राम मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को नई दिशा प्रदान करेगा।

पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार मुख्य प्राथमिकता

अपने पहले वक्तव्य में जितेंद्र मिश्रा ने अपनी कार्ययोजना का खाका प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि उनका संपूर्ण ध्यान मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर रहेगा।

वे किसी भी राजनीतिक विवाद से पूरी तरह दूर रहकर विशुद्ध प्रशासनिक सुधारों पर काम करेंगे। हाल के दिनों में दान प्रबंधन और श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रण को लेकर जो व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आई हैं, उन्हें दूर करने के लिए वे शीघ्र ही एक समर्पित पेशेवर टीम का गठन करेंगे। उनका प्राथमिक उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले प्रत्येक राम भक्त के लिए दर्शन की सुगम, सुरक्षित और आध्यात्मिक अनुभव से परिपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

Ram Temple CEO: स्वामी गोविंददेव गिरि बने महामंत्री

सीईओ की इस ऐतिहासिक नियुक्ति के साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने आंतरिक सांगठनिक ढांचे में भी व्यापक बदलाव किए हैं। ट्रस्ट की बैठक में कोषाध्यक्ष रहे स्वामी गोविंददेव गिरि को सर्वसम्मति से ट्रस्ट के महामंत्री (जनरल सेक्रेटरी) का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया।

इसके अतिरिक्त, ट्रस्ट में रिक्त चल रहे तीन न्यासी पदों पर भी नई नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया गया। प्रतिष्ठित उद्योगपति व समाजसेवी महेश भागचंदका, वरिष्ठ विधिवेत्ता मदन मोहन पांडे और शिक्षाविद डॉ. निर्मला यादव को नए न्यासी के रूप में शामिल किया गया है।

इस सांगठनिक फेरबदल और एक युद्ध-अनुभवी सैन्य अधिकारी के सीईओ बनने से राम मंदिर के प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन, गति और पारदर्शिता का एक नया युग प्रारंभ होने की प्रबल उम्मीद बंधी है।

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