Udhayanidhi Stalin: उदयनिधि स्टालिन बोले- मेरे साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार हुआ, डबल मीनिंग बयान के आरोपों को बताया साजिश
रिहाई के बाद डबल मीनिंग बयान के आरोप नकारे, कावेरी मुद्दे पर TVK सरकार पर साधा निशाना
Udhayanidhi Stalin: सोमवार को तंजावुर में कावेरी जल विवाद और किसानों की समस्याओं को लेकर डीएमके की ओर से एक विरोध सभा आयोजित की गई थी। इस सभा में उदयनिधि स्टालिन मुख्य वक्ता थे। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक से कावेरी का पानी समय पर नहीं छोड़ा जा रहा है और मेकेदातु बांध परियोजना का भी पर्याप्त विरोध नहीं हो रहा है। सभा के दौरान भीड़ के एक हिस्से ने अभिनेत्री तृषा का नाम चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद उदयनिधि ने एक टिप्पणी की, जिसे कुछ लोगों ने दोहरे अर्थ वाला बताया। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि उनकी बात अभिनेत्री तृषा की ओर इशारा करती थी और इससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची। टीवीके की महिला विंग की ओर से तंजावुर पुलिस स्टेशन में अश्लील भाषा और महिला की गरिमा के अपमान की धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई गई।
गिरफ्तारी और भारी पुलिस बल की तैनाती
मंगलवार सुबह चेन्नई स्थित अपने आवास से उदयनिधि स्टालिन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उन्हें तंजावुर ले जाया गया, जहां सेन्गिपट्टी पुलिस स्टेशन में पूछताछ हुई। उदयनिधि ने बाद में बताया कि करीब तीन हजार पुलिसकर्मियों के साथ उन्हें चेन्नई से तंजावुर तक लगभग चार सौ किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से ले जाया गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया। डीएमके नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र से दूर रखने के लिए यह कदम उठाया गया। मद्रास हाईकोर्ट में दायर याचिका के बाद सरकार के वकील ने स्पष्ट किया कि उन्हें न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जाएगा। अदालत के निर्देश पर पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें स्टेशन बेल पर रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद उदयनिधि का बयान
रिहाई के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उनके साथ आतंकवादी जैसा बर्ताव किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल पूछताछ के लिए इतने बड़े पुलिस बल और इतनी दूर ले जाने की क्या जरूरत थी। उन्होंने डबल मीनिंग बयान के आरोप को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनके भाषण को काट-छांट कर और अलग-अलग हिस्सों को जोड़कर गलत अर्थ निकाला गया। उनका एकमात्र उद्देश्य किसानों के लिए कावेरी का पानी सुनिश्चित करना था। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं का अपमान करने का उनका कोई इरादा नहीं था और वे तमिलनाडु की हर महिला को अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं।
टीवीके सरकार पर निशाना
उदयनिधि स्टालिन ने सत्तारूढ़ टीवीके सरकार को सर्कस कैंप करार देते हुए कहा कि झूठे मामले बनाकर विपक्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के असली मुद्दों, जैसे कावेरी पानी की कमी और मेकेदातु परियोजना पर नाकामी, से ध्यान हटाने के लिए इस विवाद को हवा दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार रील्स बनाने और दिखावे में व्यस्त है। डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी बेटे की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि अहंकार विनाश की राह खोलता है और सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने का प्रयास कर रही है।
कावेरी विवाद का व्यापक संदर्भ
यह विवाद तमिलनाडु में कावेरी जल विवाद से सीधे जुड़ा हुआ है, जो किसानों की आजीविका के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है। कर्नाटक से पानी न मिलने के कारण डेल्टा क्षेत्र के किसान प्रभावित हुए हैं। डीएमके सरकार पर दबाव बना रही है कि कावेरी वॉटर मैनेजमेंट अथॉरिटी और केंद्र सरकार के स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जाएं। उदयनिधि की सभा भी इसी मुद्दे पर केंद्रित थी, जहां भीड़ की ओर से नारेबाजी के बाद की प्रतिक्रिया को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ।
Udhayanidhi Stalin: राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आगे की राह
इस घटना के बाद तमिलनाडु की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। डीएमके कार्यकर्ता कई जगहों पर प्रदर्शन कर इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बता रहे हैं, जबकि सत्ताधारी दल इसे महिलाओं के सम्मान की रक्षा का मुद्दा ठहरा रहा है। मद्रास हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उदयनिधि की रिहाई हुई और उन्होंने साफ किया कि वे कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे तथा किसानों के मुद्दों पर आवाज उठाना जारी रखेंगे। यह घटना राज्य में सत्ता और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव और किसानों से जुड़े मुद्दों के महत्व को रेखांकित करती है।
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