खेत में उगने वाला यह खरपतवार है लिवर का सबसे बड़ा दुश्मन, जानें मकोय के चमत्कारी फायदे!
खेतों में उगने वाला खरपतवार मकोय लिवर-किडनी की संजीवनी, खांसी-छाले-पेट की बीमारियां ठीक करता है, जानें सेवन का तरीका
Makoy health benefits: प्रकृति ने हमें अनगिनत औषधीय पौधों का वरदान दिया है लेकिन हम अक्सर उन्हें पहचान नहीं पाते या उनकी अनदेखी कर देते हैं। ऐसा ही एक अनमोल पौधा है मकोय जिसे लोग आमतौर पर एक साधारण खरपतवार समझकर उखाड़ फेंकते हैं। लेकिन आयुर्वेद के जानकार मकोय को एक बेहद शक्तिशाली औषधि मानते हैं। आचार्य बाल कृष्ण के अनुसार मकोय लिवर के लिए संजीवनी की तरह काम करता है। यह पौधा खेतों, बगीचों और जंगल की मेड़ों पर आसानी से उग जाता है। इसके फल, फूल, पत्ते और जड़ें सभी औषधीय गुणों से भरपूर हैं।
Makoy health benefits: मकोय को पहचानें, कहीं आप भी तो नहीं फेंक देते इसे
मकोय को पहचानना बेहद आसान है। इसके पत्ते लाल मिर्च के पत्तों की तरह हरे रंग के होते हैं। पौधे पर बहुत छोटे सफेद रंग के नाजुक फूल आते हैं। इसका फल दिखने में रसभरी यानी छोटी बेरी जैसा होता है लेकिन आकार में काफी छोटा होता है। कच्चा फल हरे रंग का होता है और पकने के बाद यह पीला, लाल या गहरे नारंगी रंग का हो जाता है। फल के अंदर टमाटर की तरह छोटे बीज होते हैं और भरपूर रस होता है। मकोय में साल भर फूल और फल आते रहते हैं। इसकी तासीर गर्म होती है और आयुर्वेद के अनुसार यह वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करने में सहायक है।
Makoy health benefits: लिवर की बीमारियों में मकोय है अचूक दवा
लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है, पाचन में मदद करता है और सैकड़ों जरूरी रासायनिक क्रियाएं संपन्न करता है। मकोय लिवर के लिए एक प्राकृतिक टॉनिक की तरह काम करता है। आयुर्वेद के अनुसार मकोय की जड़, तना, पत्ता, फूल और फल सभी का रस निकालकर 10 से 15 मिलीग्राम मात्रा में पीने से लिवर संबंधी विकार धीरे-धीरे ठीक होते हैं। जिन लोगों का लिवर बढ़ा हुआ हो उनके लिए यह नुस्खा विशेष रूप से फायदेमंद है। एक खास तरीका यह है कि मिट्टी के बर्तन में मकोय का रस उबालकर सुबह खाली पेट पीएं।
Makoy health benefits: किडनी की सूजन और दर्द में मिलती है राहत
मकोय किडनी के विकारों को दूर करने में भी काफी कारगर माना जाता है। प्रदूषित पानी, गलत खानपान और तनाव से किडनी पर बुरा असर पड़ता है। प्रतिदिन सुबह 10 से 15 मिलीग्राम मकोय का अर्क पीने से किडनी में सूजन की समस्या धीरे-धीरे कम होती है। किडनी में दर्द होने पर भी यह राहत दिलाता है। मकोय में मूत्रवर्धक गुण होते हैं यानी यह पेशाब की मात्रा बढ़ाता है जिससे किडनी की सफाई बेहतर तरीके से होती है। हालांकि किडनी की किसी भी गंभीर समस्या में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Makoy health benefits: खांसी और सर्दी में मकोय का काढ़ा है असरदार
मौसम बदलने पर खांसी और सर्दी-जुकाम की समस्या बहुत आम है। मकोय के पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से लंबे समय से चली आ रही खांसी में आराम मिलता है। मकोय के फूल और फल का काढ़ा बनाकर पीने से खांसी और नाक की सूजन कम होती है। यह काढ़ा नाक में जमे बलगम को बाहर निकालने में बेहद मददगार है। सर्दी-जुकाम के दौरान इस काढ़े का सेवन न केवल राहत देता है बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। यह प्राकृतिक विकल्प बाजार की दवाओं के दुष्प्रभावों से बचने में मदद कर सकता है।
Makoy health benefits: मुंह के छाले और दांतों की तकलीफ में भी कमाल
मुंह के छाले बेहद दर्दनाक होते हैं और खाना खाना तक मुश्किल कर देते हैं। मकोय के पत्ते इसका एक सरल और प्रभावी इलाज हो सकते हैं। पांच से छह मकोय के ताजे पत्तों को मुंह में रखकर धीरे-धीरे चबाने से मुंह के छाले जल्दी ठीक होते हैं। पत्तों में मौजूद एंटीइन्फ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण छालों की जलन और सूजन को कम करते हैं। इसके अलावा मकोय के पत्तों का रस निकालकर उसे घी में मिलाकर मसूड़ों पर लगाने से छोटे बच्चों के दांत निकलते समय होने वाली तकलीफ भी कम होती है।
Makoy health benefits: पेट की समस्याओं में मकोय का सत्त है लाभकारी
पेट की बीमारियां जैसे अपच, पेट फूलना और पेट में पानी भरना काफी कष्टदायक होती हैं। मकोय पेट से जुड़ी तमाम समस्याओं में लाभकारी है। मकोय के पत्ते, फल और डालियों को पानी में उबालकर उसका सत्त निकाला जाता है। इस सत्त को दो से तीन दिनों तक प्रतिदिन 2 से 8 ग्राम की मात्रा में लेने से पेट की समस्याएं दूर होती हैं। पेट में पानी भरने की गंभीर बीमारी में भी यह उपाय राहत दिला सकता है। यह औषधि पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करती है।
Makoy health benefits: मकोय का सेवन कैसे करें
मकोय को कई तरीकों से उपयोग किया जा सकता है। इसके पके फल का रस निकालकर 5 से 10 मिलीग्राम तक एक बार में पिया जा सकता है। फल को सुखाकर चूर्ण बनाया जाए तो 1 से 3 ग्राम की मात्रा उचित रहती है। मकोय का काढ़ा 10 से 30 मिलीग्राम तक पी सकते हैं। मकोय के पत्तों की सब्जी बनाकर भी खाई जा सकती है। लेकिन किसी भी औषधि का सेवन करने से पहले किसी अनुभवी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरूर लें क्योंकि हर व्यक्ति की प्रकृति और शारीरिक स्थिति अलग होती है।
read more here
भारत की जीत के बाद खिसिया गए आमिर, शोएब अख्तर बोले “उनका मेरिट जीता, उनका सिस्टम जीता!”
OTT की अफवाहें हुईं धड़ाम! आलिया-शरवरी की ‘Alpha’ थिएटर में आएगी, तारीख का हुआ ऐलान