मनरेगा बचाओ अभियान हुआ तेज, पंजाब में चार बड़ी रैलियां करेंगे राहुल गांधी, केंद्र सरकार पर जमकर बरसेंगे

केंद्र के VB-G RAM-G नाम बदलाव पर कांग्रेस का विरोध, राहुल पंजाब में 4 रैलियां करेंगे, भूपेश बघेल ने की तैयारी

0

Rahul Gandhi: कांग्रेस का मनरेगा बचाओ अभियान अब और तेज होने जा रहा है। मनरेगा का नाम बदलकर VB-G RAM-G करने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ कांग्रेस पार्टी पूरे देश में आंदोलन चला रही है और अब इसी सिलसिले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पंजाब में चार बड़ी रैलियां करने जा रहे हैं। कांग्रेस के पंजाब प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में पंजाब के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और इस दौरान रैलियों की रूपरेखा तैयार की गई। बघेल ने बताया कि उत्तर भारत में इस अभियान के लिए पंजाब को प्रमुख राज्य के रूप में चुना गया है। रैलियों के लिए सटीक तारीख और स्थान तय करने की जिम्मेदारी पंजाब कांग्रेस को सौंपी गई है और यह रैलियां फरवरी के अंत या मार्च के दूसरे सप्ताह में आयोजित हो सकती हैं।

Rahul Gandhi: क्यों भड़की कांग्रेस

दरअसल केंद्र सरकार ने संसद में एक नया विधेयक पेश किया है जिसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर VB-G RAM-G रखने का प्रस्ताव है। कांग्रेस इस कदम को महात्मा गांधी के अपमान और गरीबों के अधिकारों पर हमला मान रही है। राहुल गांधी ने इस फैसले को नोटबंदी जैसा विनाशकारी बताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को दो चीजों से नफरत है, पहली महात्मा गांधी के विचारों से और दूसरी गरीबों के अधिकारों से। राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि यह फैसला सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से लिया गया, न तो कैबिनेट से विचार-विमर्श किया गया और न ही राज्यों से कोई चर्चा की गई। उन्होंने इसे देश में चल रहे वन मैन शो का उदाहरण बताया।

5 जनवरी से चल रहा है अभियान

कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की दिसंबर 2025 में दिल्ली के इंदिरा भवन में हुई बैठक में मनरेगा के नाम और स्वरूप बदलने के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का फैसला लिया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 5 जनवरी 2026 से मनरेगा बचाओ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके बाद 10 जनवरी से 45 दिवसीय मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत हुई। इस अभियान के तहत देशभर में पदयात्राएं, महापंचायतें और रैलियां आयोजित की जा रही हैं। हाल ही में मेरठ में कांग्रेस ने बड़ी पदयात्रा निकाली जिसमें मनरेगा बचाओ और मजदूर बचाओ के नारे गूंजे। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस 30 महापंचायतों का आयोजन करने की योजना बना रही है। खड़गे ने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं बल्कि संविधान द्वारा दिया गया काम का अधिकार है और कोविड काल में इसी योजना ने करोड़ों ग्रामीणों को रोजगार और आजीविका दी।

Rahul Gandhi: पंजाब की रैलियों को लेकर क्या है तैयारी

कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने पंजाब के नेताओं के साथ विस्तृत बैठक की और रैलियों की रणनीति तैयार की। पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस मौके पर कई अहम सुझाव दिए। वड़िंग ने प्रभारी को यह सलाह भी दी कि जो सांसद हैं उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया जाना चाहिए ताकि नए चेहरों को मौका मिल सके। पंजाब में राहुल गांधी की चार रैलियां अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित होंगी जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण आबादी तक यह संदेश पहुंच सके। पंजाब कृषि प्रधान राज्य होने के कारण यहां मनरेगा का मुद्दा सीधे किसानों और मजदूरों की आजीविका से जुड़ा है, इसलिए कांग्रेस ने इस राज्य को उत्तर भारत में अभियान का केंद्र बनाया है।

नए विधेयक पर कांग्रेस की मुख्य आपत्तियां क्या हैं?

कांग्रेस का कहना है कि नया विधेयक सिर्फ नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें योजना की मूल भावना को ही बदलने का प्रयास किया गया है। राहुल गांधी ने तीन प्रमुख आपत्तियां उठाई हैं। पहली, बजट योजनाओं और नियम अब केंद्र तय करेगा जिससे राज्यों की स्वायत्तता समाप्त होगी। दूसरी, राज्यों को 40 प्रतिशत खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जाएगा जो आर्थिक रूप से कमजोर राज्यों के लिए बड़ा बोझ होगा। तीसरी, बजट खत्म होने या फसल कटाई के मौसम में दो महीने तक किसी को काम नहीं मिलेगा जो ग्रामीण गरीबों के लिए सबसे बड़ा झटका है। प्रियंका गांधी ने भी लोकसभा में नियम 72(1) के तहत इस विधेयक का विरोध दर्ज कराते हुए कहा था कि मनरेगा की सबसे बड़ी ताकत इसकी मांग आधारित व्यवस्था है जिसमें काम की जरूरत गांव तय करते हैं और नया कानून इस अधिकार को छीन लेगा। संसद में विधेयक पेश होने के दौरान विपक्षी सांसदों ने कॉपियां फाड़कर और सदन के वेल में प्रवेश करके अपना तीखा विरोध जताया था।

Rahul Gandhi: क्या है सरकार का पक्ष?

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने कैबिनेट में इस मुद्दे पर कहा था कि नाम को लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए क्योंकि समय के साथ सब कुछ बदलता है और महात्मा तथा राम दोनों की भावना का सम्मान किया जाता है। हालांकि कांग्रेस इस तर्क को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। राहुल गांधी ने राष्ट्रीय मनरेगा श्रमिक सम्मेलन में कहा कि मनरेगा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी की दूरदर्शिता का परिणाम है और इसे कमजोर करने की किसी भी कोशिश का पूरी ताकत से विरोध किया जाएगा।

इस सम्मेलन में देशभर से आए श्रमिकों ने अपने कार्यस्थलों से मुट्ठीभर मिट्टी लाकर प्रतीकात्मक रूप से पौधों में डाली, जो मनरेगा से जुड़ी उनकी भावनाओं को दर्शाता है। पंजाब में होने वाली चार रैलियों से कांग्रेस इस मुद्दे को ग्रामीण भारत की सबसे बड़ी आवाज बनाना चाहती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह अभियान कांग्रेस की ग्रामीण रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है। पंजाब में किसानों और ग्रामीण मजदूरों के बीच मनरेगा का मुद्दा भावनात्मक रूप से भी जुड़ा है क्योंकि इस योजना ने लाखों परिवारों को सुनिश्चित रोजगार दिया है। ऐसे में राहुल गांधी की रैलियां पंजाब की राजनीतिक तस्वीर को प्रभावित कर सकती हैं और कांग्रेस को ग्रामीण वोट बैंक में मजबूती दे सकती हैं।

Read More Here

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.