IMD का हीटवेव अलर्ट जारी: दिल्ली, यूपी समेत सात राज्यों में भीषण गर्मी का कहर, अगले दो सप्ताह राहत नहीं
तापमान सामान्य से 4 डिग्री ऊपर; दिन के साथ रातें भी होंगी गर्म, 30 अप्रैल के बाद पहाड़ों पर बारिश की उम्मीद।
IMD heatwave alert: मैदानी इलाकों में गर्मी ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। 24 अप्रैल 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, अगले 14 दिनों तक चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं (Loo) से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
IMD heatwave alert: हीटवेव की शुरुआत और वर्तमान स्थिति
इस साल हीटवेव का सिलसिला 18 अप्रैल को हरियाणा से शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे पूरे उत्तर और मध्य भारत में फैल गया।
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तापमान का अंतर: अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है।
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गर्म रात की चेतावनी: दिल्ली, यूपी, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर है, जिससे रात के समय भी चैन नहीं मिल रहा है।
IMD heatwave alert: इन सात राज्यों में ‘हीटवेव’ का अलर्ट
मौसम विभाग ने विशेष रूप से निम्नलिखित राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है:
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राजस्थान और दिल्ली
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उत्तर प्रदेश और हरियाणा
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पंजाब और मध्य प्रदेश
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छत्तीसगढ़
इसके अलावा बिहार, विदर्भ (महाराष्ट्र) और झारखंड में भी लू चलने की प्रबल संभावना है।
IMD heatwave alert: पहाड़ों और उत्तर-पूर्व में राहत की फुहारें
जहाँ मैदानी इलाके तप रहे हैं, वहीं कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है:
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उत्तर-पूर्व भारत: असम, मेघालय और सिक्किम में 25 से 27 अप्रैल के बीच 60 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाएं और भारी बारिश हो सकती है।
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पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): 30 अप्रैल से 6 मई के बीच पहाड़ों पर सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर और आसपास के पहाड़ी राज्यों में हल्की बारिश से तापमान गिर सकता है।
हीटवेव से सुरक्षा: क्या करें और क्या न करें?
भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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समय का ध्यान: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
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हाइड्रेशन: प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहें। दिन में कम से कम 3-4 लीटर तरल पदार्थ (पानी, छाछ, नींबू पानी) लें।
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पहनावा: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को तौलिए, टोपी या छाते से ढकें।
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इनका रखें ख्याल: छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को लू लगने का खतरा सबसे अधिक होता है, अतः उन्हें ठंडे वातावरण में रखें।
निष्कर्ष: सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
अगले दो सप्ताह भारत के एक बड़े भूभाग के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विभाग की यह चेतावनी केवल तापमान की जानकारी नहीं, बल्कि सतर्क रहने का संकेत है। घर से बाहर निकलते समय पूरी सावधानी बरतें और हीट स्ट्रोक के किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।
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