Summer Vacation 2026: उत्तर प्रदेश में 20 मई से 15 जून तक स्कूल बंद, दिल्ली में 51 दिनों का महा-अवकाश – बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता
UP में 20 मई से 27 दिनों की छुट्टियां, दिल्ली में 51 दिन अवकाश, रेमेडियल क्लासेज व समर कैंप्स भी शुरू
Summer Vacation 2026: स्कूली शिक्षा व्यवस्था और करोड़ों छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों के लिए एक बहुत बड़ी और बहुप्रतीक्षित राहत की खबर लेकर आया है। इस समय उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर मध्य और पश्चिमी भारत के राज्यों में सूरज की तीखी किरणें और भीषण लू (Heatwave) अपने चरम प्रकोप पर हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह झुलस रहा है। चिलचिलाती धूप और आसमान से बरसती इस आग के बीच, छोटे स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चौतरफा चिंताएं बनी हुई थीं। इसी कड़े और संवेदनशील परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए, उत्तर प्रदेश समेत देश के कई प्रमुख राज्यों के शिक्षा मंत्रालयों और प्रादेशिक शिक्षा विभागों ने अपनी पूर्व-घोषित शैक्षणिक समय-सारणी के अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश यानी गर्मी की छुट्टियों (Summer Vacation) की आधिकारिक शुरुआत कर दी है।
बढ़ते तापमान और हीट स्ट्रोक के खतरों को देखते हुए राज्य सरकारों का यह कड़ा फैसला बच्चों को न केवल इस जानलेवा तपन से पूरी सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें अपने घरों के सुरक्षित माहौल में रहकर मानसिक रूप से तरोताजा होने का भी एक शानदार अवसर देगा। इस बार की छुट्टियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सरकार केवल स्कूलों को बंद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के समग्र मानसिक और सामाजिक विकास के लिए विशेष डिजिटल और फिजिकल ग्रीष्मकालीन शिविरों (Summer Camps) का भी एक वृहद खाका तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना और अन्य राज्यों में छुट्टियों की तारीखों, उनकी समयावधि और इस दौरान संचालित होने वाली गतिविधियों का एक विस्तृत, तथ्यपरक और राज्यवार विश्लेषण नीचे प्रस्तुत है।
Summer Vacation 2026: 20 मई से 15 जून तक का पूरा शेड्यूल और अतिरिक्त कक्षाएं
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज द्वारा जारी किए गए नवीनतम आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, समूचे उत्तर प्रदेश के सभी परिषदीय, सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गर्मी की छुट्टियां 20 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक प्रभावी रूप से संचालित रहेंगी। इस कड़े शैक्षणिक कैलेंडर के तहत पूरे प्रदेश में लगातार 27 दिनों तक स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे, जिससे राजधानी लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, मेरठ और गोरखपुर सहित सभी 75 जिलों के लाखों छात्र-छात्राओं को इस भीषण उमस और लू से एक बहुत बड़ी राहत मिलनी तय हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश सभी बोर्ड्स के प्राथमिक विद्यालयों पर कड़ाई से लागू होगा।
हालांकि, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं के सुचारू पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए एक छोटा सा अपवाद भी जोड़ा है; जिसके तहत कक्षा 9, 10 और 12 के उन विद्यार्थियों को, जिनकी अगले वर्ष बोर्ड परीक्षाएं होने वाली हैं, 20 मई के बाद भी कुछ विशेष दिनों के लिए ‘अतिरिक्त सुधारात्मक कक्षाओं’ (Remedial Classes) के लिए सुबह के ठंडे सत्र में बुलाया जा सकता है ताकि उनका सिलेबस समय पर पूरा हो सके। इसके साथ ही, बेसिक शिक्षा परिषद ने इस बार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में विशेष ग्रीष्मकालीन शिविर आयोजित करने की एक नई और अनूठी योजना तैयार की है। इन कैंपों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में गणित, विज्ञान के मजेदार प्रयोग, कहानी वाचन और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जाएगी, जिससे छुट्टियां केवल आराम का जरिया न रहकर रचनात्मक सीखने (Creative Learning) का एक बड़ा केंद्र बन सकें।
देश की राजधानी दिल्ली में लंबी छुट्टियां: 51 दिनों का महा-अवकाश और रेमेडियल क्लासेज
देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे इलाकों में इस साल मई के महीने में ही तापमान का कांटा 47 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है, जिसने बच्चों के स्वास्थ्य के सामने एक गंभीर आपातकालीन स्थिति खड़ी कर दी थी। इसी भयंकर गर्मी को भांपते हुए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (DoE) ने शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए गर्मी की छुट्टियों के एक बेहद लंबे और ऐतिहासिक शेड्यूल की घोषणा की है। दिल्ली के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां 11 मई 2026 से शुरू हो चुकी हैं और यह आगामी 30 जून 2026 तक लगातार जारी रहेंगी। लगभग 51 दिनों का यह महा-अवकाश दिल्ली के स्कूली इतिहास की सबसे लंबी छुट्टियों में से एक है, जो बच्चों को भीषण लू से पूरी तरह सुरक्षित रखेगा।
शिक्षा निदेशालय ने इस लंबी अवधि के दौरान बच्चों की पढ़ाई के नुकसान को रोकने के लिए एक बेहद संतुलित बीच का रास्ता भी निकाला है। इसके तहत कक्षा 9, 10 और 12 के बड़े छात्रों के लिए 11 मई से लेकर 23 मई तक के शुरुआती दो हफ्तों में स्कूलों के भीतर ही विशेष ‘रेमेडियल क्लासेस’ का संचालन अनिवार्य किया गया है, ताकि कमजोर विषयों पर छात्र अपनी पकड़ मजबूत कर सकें। दिल्ली के निजी स्कूलों (Private Schools) को भी यह कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे दोपहर की भीषण धूप के समय किसी भी प्रकार की शारीरिक खेल गतिविधि या बच्चों को खुले मैदान में एकत्र करने का काम बिल्कुल न करें।
दक्षिण भारत का हाल: तेलंगाना में अप्रैल से ही बंद हैं स्कूल, अन्य राज्यों की स्थिति
दक्षिण भारत के राज्यों में इस साल मानसून पूर्व की गर्मी बहुत पहले ही सक्रिय हो गई थी, जिसके कारण वहां के शिक्षा बोर्ड्स को काफी आक्रामक और त्वरित फैसले लेने पड़े थे। तेलंगाना बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने मौसम के इस रौद्र रूप को देखते हुए अपने राज्य के सभी सरकारी, निजी और एडेड स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों की शुरुआत बहुत पहले, यानी 24 अप्रैल 2026 से ही कर दी थी। तेलंगाना के सभी स्कूल आगामी 11 जून 2026 तक पूरी तरह से बंद रहेंगे, जिसके बाद वहां नया शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से शुरू किया जाएगा। बोर्ड ने अपने नोटिस में यह भी साफ किया है कि यदि जून के पहले सप्ताह में भी गर्मी का स्तर कम नहीं होता है, तो स्थानीय परिस्थितियों की समीक्षा करके इन छुट्टियों को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
यदि देश के अन्य हिस्सों की बात करें तो मरुस्थलीय राज्य राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार में भी शिक्षा विभागों द्वारा मई के इसी तीसरे हफ्ते से स्कूलों के समय में भारी कटौती करने या उन्हें पूरी तरह बंद करने की घोषणाएं की जा रही हैं। पहाड़ी राज्यों और देश के उन हिस्सों में जहाँ गर्मी का प्रकोप मैदानी इलाकों के मुकाबले काफी कम रहता है, वहाँ गर्मी की छुट्टियां जून के पहले सप्ताह से शुरू होकर जुलाई के मध्य तक चलने की संभावना है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एक राष्ट्रीय गाइडलाइन जारी करते हुए देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को यह कड़ा निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ कोई समझौता न किया जाए और मौसम विभाग के ‘ऑरेंज’ और ‘रेड’ अलर्ट के अनुसार ही स्कूलों के संचालन का फैसला तुरंत लिया जाए।
प्रमुख राज्यों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 2026 की वर्तमान स्थिति का तुलनात्मक चार्ट
| राज्य का नाम | छुट्टियां शुरू होने की तारीख | स्कूल पुनः खुलने की तिथि | कुल अवकाश की अवधि | शिक्षा विभाग के विशेष दिशा-निर्देश |
| उत्तर प्रदेश (UP) | 20 मई 2026 | 16 जून 2026 | कुल 27 दिन | परिषदीय स्कूलों में ग्रीष्मकालीन शिविरों का आयोजन; कक्षा 10-12 के लिए अतिरिक्त कक्षाएं संभव। |
| दिल्ली (Delhi-NCR) | 11 मई 2026 | 01 जुलाई 2026 | कुल 51 दिन | बोर्ड कक्षाओं के लिए 23 मई तक रेमेडियल क्लासेज का अनिवार्य संचालन; निजी स्कूलों पर पैनी नजर। |
| तेलंगाना (Telangana) | 24 अप्रैल 2026 | 12 जून 2026 | कुल 49 दिन | बढ़ते पारे के कारण अप्रैल में ही समय से पहले बंद; मौसम के अनुसार जून में छुट्टियां बढ़ने की संभावना। |
| अन्य मैदानी राज्य (राज., एमपी, हरियाणा) | 15 से 22 मई के बीच (संभावित) | जून के अंतिम सप्ताह में | लगभग 35 से 40 दिन | आईएमडी (IMD) की हीटवेव चेतावनी के आधार पर जिलाधिकारियों को त्वरित निर्णय लेने के अधिकार। |
ग्रीष्मकालीन शिविर (Summer Camps) और हॉबी क्लासेस: व्यक्तित्व विकास का आधुनिक माध्यम
आज के इस आधुनिक दौर में गर्मी की छुट्टियों का स्वरूप पूरी तरह से बदल चुका है; अब इन्हें केवल पढ़ाई से मिलने वाला एक साधारण ब्रेक नहीं माना जाता, बल्कि इसे बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास (Holistic Development) और नए कौशलों को सीखने का एक स्वर्ण कालखंड माना जाता है। उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों के सरकारी और निजी स्कूल इस बार अपनी छतरियों के नीचे विशाल समर कैंप्स का आयोजन कर रहे हैं। इन शिविरों के भीतर बच्चों को किताबी ज्ञान के बोझिल संसार से पूरी तरह मुक्त रखकर उनके भीतर छिपी हुई कलात्मक प्रतिभाओं को निखारने पर पूरा जोर दिया जाएगा।
इन समर कैंप्स के दौरान बच्चों को शास्त्रीय व आधुनिक संगीत, चित्रकला (पेंटिंग), मिट्टी के बर्तन बनाना, प्राचीन योगासन व ध्यान, कंप्यूटर कोडिंग के बुनियादी सिद्धांत, रोबोटिक्स और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए रीसाइक्लिंग के गुर सिखाए जाएंगे। शिक्षा विशेषज्ञों का कड़ा मत है कि इस तरह की गैर-शैक्षणिक गतिविधियां बच्चों के मस्तिष्क के रचनात्मक हिस्से (Right Brain) को सक्रिय करती हैं, जिससे उनके भीतर का मानसिक तनाव पूरी तरह दूर हो जाता है और जब वे छुट्टियों के बाद दोबारा स्कूल लौटते हैं, तो उनकी सीखने की क्षमता और एकाग्रता पहले से कहीं अधिक मजबूत होती है।
निष्कर्ष: अभिभावकों की सूझबूझ, बच्चों का डिजिटल डिटॉक्स और सुरक्षित छुट्टियों का संकल्प
निष्कर्षतः, साल 2026 की ये गर्मी की छुट्टियां स्कूली बच्चों के लिए प्रकृति की मार से बचने का एक बड़ा सुरक्षा कवच तो हैं ही, लेकिन इन छुट्टियों को सचमुच उपयोगी, सुखद और यादगार बनाना पूरी तरह से अभिभावकों की सूझबूझ और उनकी सही प्लानिंग पर निर्भर करता है। लंबी छुट्टियों के दौरान गृहणियों और कामकाजी माता-पिता के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि वे बच्चों को दिनभर घर के भीतर कैसे व्यस्त रखें। अक्सर देखा जाता है कि इस खाली समय में बच्चे टेलीविजन, वीडियो गेम्स और मोबाइल की स्क्रीन पर अत्यधिक समय (Screen Time) बिताने लगते हैं, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य, आंखों की रोशनी और सामाजिक व्यवहार को बुरी तरह से विकृत कर देता है।
इस गंभीर समस्या से बचने के लिए अभिभावकों को चाहिए कि वे छुट्टियों के पहले दिन ही बच्चों के साथ बैठकर उनकी दिनचर्या का एक बेहद मजेदार और व्यावहारिक टाइम-टेबल तैयार करें। बच्चों को रोज सुबह या शाम के ठंडे समय में शारीरिक खेलकूद के लिए प्रेरित करें, उन्हें महापुरुषों की जीवनियां व ज्ञानवर्धक कॉमिक्स पढ़ने की आदत डलवाएं, और घर के छोटे-छोटे दैनिक कार्यों (जैसे पौधों में पानी देना, अपनी अलमारी व्यवस्थित करना) में उनकी मदद लें जिससे उनके भीतर जिम्मेदारी का भाव जागे।read more here
दिल्ली के पास 5 सबसे ठंडे हिल स्टेशन, बिताएं अपना वीकेंड; बिना छुट्टी लिए मंडे को पहुँचें ऑफिस।
गर्मियों में धूप से हुई टैनिंग को घर पर ही दूर करें, त्वचा को वापस लाएं निखार और चमक