गर्भावस्था में शराब का सेवन करना चाहिए या नहीं? डॉक्टरों ने बताया प्रेगनेंसी और बच्चे पर कितना खतरनाक असर, फीटल अल्कोहल स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से लेकर जन्मजात समस्याओं तक, आयुर्वेदिक दृष्टिकोण और स्वस्थ विकल्प
गर्भावस्था में शराब का सेवन कितना खतरनाक? FASD, कम वजन, मस्तिष्क विकास प्रभावित, डॉक्टरों की सलाह और स्वस्थ विकल्प, प्रेगनेंसी में शराब बिल्कुल नहीं पीनी चाहिए
Side Effects Of Alcohol In Pregnancy: गर्भावस्था हर महिला के जीवन का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण दौर होता है। इस दौरान मां का हर आहार, हर आदत और हर व्यवहार सीधे गर्भ में पल रहे शिशु पर असर डालता है। डॉक्टरों और आयुर्वेदाचार्यों की एक आवाज है कि प्रेगनेंसी में शराब बिल्कुल नहीं पीनी चाहिए। फिर चाहे मात्रा कितनी भी कम क्यों न हो। शराब का एक छोटा घूंट भी बच्चे के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।
Side Effects Of Alcohol In Pregnancy: गर्भावस्था में शराब पीना कितना खतरनाक है?
शराब में मौजूद अल्कोहल (एथिल अल्कोहल) गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा के जरिए सीधे बच्चे तक पहुंच जाता है। बच्चे का लीवर अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए अल्कोहल को तोड़ने और बाहर निकालने की क्षमता उसमें नहीं होती। नतीजा यह होता है कि शराब का असर बच्चे पर मां से कहीं ज्यादा गंभीर और लंबे समय तक रहता है। डॉक्टरों के अनुसार गर्भावस्था के किसी भी महीने में शराब का सेवन सुरक्षित नहीं माना जाता। पहले तीन महीनों में तो यह सबसे ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि इसी दौरान बच्चे के अंगों का निर्माण हो रहा होता है।
Side Effects Of Alcohol In Pregnancy: आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से गर्भावस्था में शराब का सेवन
आयुर्वेद के अनुसार गर्भावस्था में शराब पीने से पित्त दोष बढ़ जाता है। पित्त दोष के बढ़ने से मां की ऊर्जा कम होने लगती है और ओज (जीवन शक्ति) का संतुलन बिगड़ जाता है। ओज बच्चे के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है। जब ओज कमजोर होता है तो बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास ठीक से नहीं हो पाता। शराब तामसिक पदार्थ है। यह मां के मन और शरीर दोनों को अशुद्ध करता है। गर्भ में पल रहे शिशु को सात्विक ऊर्जा की जरूरत होती है, जबकि शराब तामसिक ऊर्जा बढ़ाती है।
Side Effects Of Alcohol In Pregnancy: एलोपैथी डॉक्टरों की राय और वैज्ञानिक प्रमाण
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार गर्भावस्था में शराब का सेवन बच्चे को पोषण नहीं पहुंचा पाता। इससे बच्चे का वजन कम रह जाता है, लंबाई प्रभावित होती है और मस्तिष्क का विकास ठीक से नहीं हो पाता। वैश्विक स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) दोनों ही कहते हैं कि प्रेगनेंसी में शराब का कोई भी स्तर सुरक्षित नहीं है। थोड़ी मात्रा में पीने से भी बच्चे में फीटल अल्कोहल स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (FASD) हो सकता है।
Side Effects Of Alcohol In Pregnancy: बच्चे पर शराब के दीर्घकालिक दुष्प्रभाव
गर्भावस्था में शराब पीने से बच्चे पर पड़ने वाले प्रभाव जन्म के समय ही दिखाई देते हैं और कई बार जीवन भर रह जाते हैं। मुख्य प्रभाव इस प्रकार हैं:
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जन्म के समय कम वजन और छोटी लंबाई।
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चेहरे की बनावट में असामान्यता (छोटी आंखें, पतली ऊपरी होंठ)।
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मस्तिष्क विकास में कमी से सीखने, याद रखने और समस्या सुलझाने की क्षमता प्रभावित।
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ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत (ADHD जैसी समस्या)।
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हृदय, किडनी और अस्थि तंत्र की जन्मजात समस्याएं।
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चिड़चिड़ापन, नींद न आने की समस्या और व्यवहार संबंधी विकार।
Side Effects Of Alcohol In Pregnancy: मां पर शराब के सेवन का असर
शराब सिर्फ बच्चे को ही नहीं, मां को भी नुकसान पहुंचाती है। गर्भावस्था में अल्कोहल का सेवन मां के ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है, लीवर पर बोझ डाल सकते है और एनीमिया की समस्या पैदा कर सकता है। इससे प्री-टर्म डिलीवरी, मिसकैरेज और प्लेसेंटा से जुड़ी जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। मां की मानसिक स्थिति भी प्रभावित होती है जिससे पोस्ट डिलीवरी डिप्रेशन का खतरा ज्यादा हो जाता है।
Side Effects Of Alcohol In Pregnancy: गर्भावस्था में शराब से बचने के उपाय और स्वस्थ विकल्प
डॉक्टरों की सलाह है कि गर्भावस्था की पुष्टि होते ही शराब को पूरी तरह छोड़ दें। स्वस्थ विकल्प के रूप में:
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हर्बल टी, नारियल पानी, ताजे फलों का जूस, दूध और हल्दी वाला दूध लें।
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योग, प्राणायाम और हल्की वॉक से तनाव कम करें।
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परिवार और पति का सहयोग इस दौरान बहुत जरूरी है।
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नियमित चेकअप करवाएं और डॉक्टर की दी गई डाइट फॉलो करें।
Side Effects Of Alcohol In Pregnancy: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं, “गर्भावस्था में शराब का सेवन बच्चे के विकास को स्थायी रूप से प्रभावित करता है। मां को सात्विक भोजन, योग और सकारात्मक वातावरण देना चाहिए। शराब की जगह हर्बल ड्रिंक्स और फल लें।” आयुर्वेदाचार्य भी यही सलाह देते हैं कि नशीले पदार्थों से दूर रहने से स्वस्थ और तेजस्वी बच्चे का जन्म होता है।
निष्कर्ष: एक घूंट भी नहीं, बच्चे की खुशहाली के लिए
गर्भावस्था में शराब का सेवन मां और बच्चे दोनों के लिए बेहद खतरनाक है। डॉक्टर, आयुर्वेदाचार्य और स्वास्थ्य विशेषज्ञ एकमत हैं कि प्रेगनेंसी के नौ महीनों में शराब, सिगरेट या कोई भी नशीला पदार्थ बिल्कुल नहीं लेना चाहिए। पौष्टिक आहार, योग, पर्याप्त नींद और परिवार का सहयोग ही स्वस्थ गर्भावस्था की कुंजी है। एक छोटा सा त्याग आपके बच्चे को स्वस्थ और खुशहाल जीवन दे सकता है।
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