SBI Data Leak 2026: 3,897 ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर, बैंक ने फंड सुरक्षित बताया और अलर्ट जारी किया
SBI Data Leak 2026: 3,897 ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर, बैंक ने फंड सुरक्षित बताया और अलर्ट जारी किया
SBI Data Leak 2026: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कुछ ग्राहकों के डेटा लीक होने की घटना सामने आई है। बैंक ने पुष्टि की है कि डार्क वेब पर उपलब्ध रिकॉर्ड में 3,897 ग्राहकों की पहचान से जुड़ी जानकारी शामिल थी। प्रभावित ग्राहकों को ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए सूचित किया जा रहा है। बैंक ने साफ किया है कि ग्राहकों के खातों में जमा रकम पूरी तरह सुरक्षित है और मुख्य बैंकिंग परिचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
एसबीआई डेटा लीक में कितने ग्राहकों का डेटा प्रभावित हुआ?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार डार्क वेब पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड उपलब्ध थे। शुरुआती जांच में इनमें से 3,897 ऐसे रिकॉर्ड मिले जिनमें ग्राहकों की पहचान से जुड़ी जानकारी शामिल थी। बैंक ने साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से जांच शुरू की। थ्रेट इंटेलिजेंस सर्विस प्रोवाइडर, डिफेंस साइबर एजेंसी और सर्ट-इन से अलर्ट मिलने के बाद यह मामला सामने आया। बैंक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर स्थिति साफ की है।
बैंक ने ग्राहकों को कैसे सूचित किया और क्या कहा?
एसबीआई ने उन सभी ग्राहकों को ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अलग-अलग सूचना भेज दी है जिनका डेटा इस घटना से प्रभावित हुआ है। बैंक ने अपने बयान में कहा कि खाते की शेष राशि और फंड सुरक्षित हैं। इस घटना का बैंक के मुख्य बैंकिंग परिचालन, वित्तीय प्रदर्शन या कारोबार की निरंतरता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बैंक ने स्पष्ट किया कि फंड पूरी तरह सुरक्षित हैं।
कौन-सी जानकारी लीक होने की आशंका है?
जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई निजी जानकारियां शामिल होने की बात कही गई है। इनमें नाम और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, जन्मतिथि और ईमेल आईडी, घर का पता और जेंडर से जुड़ी जानकारी, बैंक शाखा और कस्टमर आईडी (CIF) से संबंधित विवरण तथा लोन और लीड रिकॉर्ड से जुड़ी कुछ जानकारियां शामिल हो सकती हैं। बैंक ने इन रिकॉर्ड की जांच कर प्रभावित लोगों की पहचान की और उन्हें सूचित किया है।
ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है या नहीं?
एसबीआई ने बार-बार स्पष्ट किया है कि ग्राहकों के खातों में जमा रकम सुरक्षित है। इस साइबर घटना का बैंक के मुख्य परिचालन या वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है। बैंक ने भरोसा दिलाया है कि फंड उनके पास सुरक्षित हैं। प्रभावित ग्राहकों को व्यक्तिगत रूप से सूचना दी जा रही है ताकि वे सतर्क रहें। बैंक ने साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों से मदद लेकर मामले की जांच की है।
ग्राहकों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
बैंक ने ग्राहकों को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के तरीके अपनाने की सलाह दी है। अपना ओटीपी, पिन या पासवर्ड कभी किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध कॉल, मैसेज या ईमेल को लेकर सतर्क रहें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें। अगर कोई असामान्य गतिविधि दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। डिजिटल बैंकिंग करते समय दो-तरफा सुरक्षा और अपडेटेड ऐप का इस्तेमाल करें।
एसबीआई ने डेटा लीक की पुष्टि के बाद प्रभावित 3,897 ग्राहकों को सूचित करना शुरू कर दिया है। बैंक का कहना है कि फंड सुरक्षित हैं और परिचालन सामान्य है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहें। साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बनाए रखना जरूरी है।
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