Greater Noida Shiva Temple: ग्रेटर नोएडा के बिसरख स्थित प्राचीन शिव मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, जानें रावण से जुड़ा इतिहास, लोकेशन और खासियत
रावण की तपोस्थली माने जाने वाले बिसरख शिव मंदिर में सावन में उमड़ती है भक्तों की आस्था
Greater Noida Shiva Temple: पवित्र सावन महीने की शुरुआत के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) के सभी प्रमुख शिवालयों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंज रहे हैं। इसी क्रम में ग्रेटर नोएडा वेस्ट के ऐतिहासिक बिसरख गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर इस दौरान दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के शिवभक्तों के लिए आस्था का एक विशेष और अनोखा केंद्र बना हुआ है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बिसरख गांव लंकापति रावण का जन्मस्थल है और यहां स्थापित प्राचीन शिवलिंग की पूजा स्वयं रावण और उनके पिता महर्षि विश्रवा किया करते थे। सावन के दिनों में और विशेष रूप से सावन सोमवार के अवसर पर इस ऐतिहासिक मंदिर में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।
बिसरख गांव का रावण कनेक्शन और मंदिर का पौराणिक इतिहास
ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के सेक्टर-1 क्षेत्र के पास बसा बिसरख जलालपुर गांव पौराणिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस गांव का नाम रावण के पिता महर्षि विश्रवा के नाम पर ‘विश्रवा’ पड़ा था, जो कालान्तर में बदलकर ‘बिसरख’ हो गया। माना जाता है कि महर्षि विश्रवा ने इस तपोभूमि पर एक स्वयंभू शिवलिंग की स्थापना कर कठिन तपस्या की थी। रावण ने भी अपने बाल्यकाल में इसी मंदिर के शिवलिंग के समक्ष भगवान शिव की घोर आराधना कर अद्वितीय वरदान और सिद्धियां प्राप्त की थीं। यही कारण है कि देश के अन्य हिस्सों से अलग बिसरख गांव में रावण को एक महान विद्वान और अनन्य शिवभक्त के रूप में देखा जाता है, और सावन में इस शिवलिंग का जलाभिषेक करने से विशेष फल की प्राप्ति मानी जाती है।
मंदिर की सटीक लोकेशन और दिल्ली-एनसीआर से पहुँचने के आसान रास्ते
बिसरख का यह प्राचीन शिव मंदिर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-1 में मुख्य सड़क से कुछ ही दूरी पर गांव के भीतर स्थित है। दिल्ली और नोएडा से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एनएच-9 (दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे) या नोएडा-ग्रेटर नोएडा लिंक रोड के रास्ते यहाँ पहुंचना बेहद आसान है। सार्वजनिक परिवहन या मेट्रो से यात्रा करने वाले श्रद्धालु दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन से नोएडा सेक्टर 52 या एक्वा लाइन के सेक्टर 51 मेट्रो स्टेशन पर उतर सकते हैं। मेट्रो स्टेशन से बिसरख मंदिर की दूरी लगभग 10 से 11 किलोमीटर है, जहाँ से आसानी से ऑटो, ई-रिक्शा या कैब की सेवा ली जा सकती है। गौर सिटी चौक और नोएडा सेक्टर 71 से भी यहाँ के लिए सीधे वाहन उपलब्ध रहते हैं।
Greater Noida Shiva Temple: दर्शन का समय, भीड़ का प्रबंधन और पूजा विधि
सावन के पावन अवसर पर मंदिर के कपाट सुबह 05:00 बजे भक्तों के लिए खोल दिए जाते हैं, जो दोपहर 12:00 बजे तक खुले रहते हैं। इसके बाद शाम 04:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक पुनः दर्शन और पूजन की व्यवस्था रहती है। सावन सोमवार और सावन शिवरात्रि के दिन सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, इसलिए शांतिपूर्ण जलाभिषेक के लिए सुबह 06:00 से 08:00 बजे के बीच पहुँचना सबसे उत्तम रहता है। श्रद्धालु यहाँ तांबे के लोटे में गंगाजल, गाय का कच्चा दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, चंदन और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का पूजन करते हैं। मंदिर प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सावन में दूर-दराज से आने वाले कांवड़ियों और भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है।
मंदिर की अनूठी परंपराएं और सावधानियां
बिसरख गांव की एक और अनोखी परंपरा (Greater Noida Shiva Temple) यह है कि यहाँ विजयादशमी (दशहरा) पर रावण का दहन नहीं किया जाता, बल्कि उसे एक प्रकांड पंडित और शिवभक्त मानकर सम्मानित किया जाता है। मंदिर परिसर में शिवलिंग के साथ-साथ भगवान शिव परिवार की अन्य प्रतिमाएं और प्राचीन मूर्तियां भी स्थापित हैं। सावन के महीने में परिवार के साथ दर्शन के लिए जाने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वाहन मंदिर परिसर के बाहर निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़े करें। भीड़-भाड़ के समय अपने कीमती सामान और छोटे बच्चों का ध्यान रखें तथा मंदिर परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के नियमों का पालन करें।
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