Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर ‘वंदे मातरम् और आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर होगी भव्य परेड

कर्तव्य पथ पर भव्य परेड, 30 झांकियां, यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि, सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक उत्सव

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Republic Day 2026: भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस अभूतपूर्व उत्साह और राष्ट्रीय गौरव के साथ मनाने की तैयारी में जुटा है। इस वर्ष दिल्ली के प्रतिष्ठित कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड की मुख्य थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ निर्धारित की गई है। यह आयोजन न केवल देश की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करेगा बल्कि भारत की निरंतर बढ़ती आर्थिक सामर्थ्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक होगा।

Republic Day 2026: थीम का महत्व और संदेश

सरकार का उद्देश्य इस परेड के माध्यम से विश्व को यह संदेश देना है कि भारत अपनी परंपराओं और मूल्यों से गहराई से जुड़ा हुआ है और साथ ही भविष्य की ओर तीव्र गति से अग्रसर है। स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास और आधुनिक भारत के विकास की गाथा इस बार परेड (Republic Day 2026) के प्रत्येक पहलू में प्रतिबिंबित होगी। ‘वंदे मातरम’ देशभक्ति की भावना को जागृत करेगा जबकि ‘आत्मनिर्भर भारत’ देश की आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों को दर्शाएगा।

यह थीम भारत की समग्र प्रगति को रेखांकित करती है – एक ओर जहां हम अपनी स्वतंत्रता के संघर्ष और शहीदों के बलिदान को याद करते हैं, वहीं दूसरी ओर विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की उपलब्धियों का उत्सव मनाते हैं।

यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि

इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day 2026) में अंतरराष्ट्रीय महत्व की विशेष उपस्थिति देखने को मिलेगी। मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सम्मिलित होंगी। यह पहला अवसर है जब यूरोपीय संघ के इन दोनों सर्वोच्च नेताओं को एक साथ भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है।

उनकी यह उपस्थिति भारत और यूरोप के बीच विस्तारित हो रहे व्यापारिक, सामरिक और कूटनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई प्रदान करेगी। वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को देखते हुए इन प्रतिष्ठित नेताओं का आगमन अंतरराष्ट्रीय संबंधों के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Republic Day 2026: 30 झांकियों का भव्य प्रदर्शन

Republic Day 2026
Republic Day 2026

कर्तव्य पथ पर इस बार कुल 30 झांकियां भारत की विविधता और एकता को प्रदर्शित करेंगी। इनमें से 17 झांकियां विभिन्न राज्यों (Republic Day 2026) और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करेंगी जबकि 13 झांकियां केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों द्वारा तैयार की गई हैं। प्रत्येक झांकी अपनी क्षेत्रीय विशिष्टता, सांस्कृतिक धरोहर और विकास की कहानी प्रस्तुत करेगी।

इन झांकियों के साथ देशभर से आए लगभग 2500 कलाकार अपनी पारंपरिक और समकालीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। ये कलाकार विविध लोक नृत्य, शास्त्रीय संगीत और क्षेत्रीय कला रूपों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का साक्षात्कार कराएंगे। इस वर्ष विशेष रूप से उन राज्यों को भी अवसर प्रदान किया गया है जो पिछले वर्ष किसी कारणवश भाग नहीं ले पाए थे, जिससे संपूर्ण राष्ट्र का समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।

Republic Day 2026: राज्यों की झांकियों में दिखेगी हस्तकला और परंपरा

इस बार की झांकियों (Republic Day 2026) में राज्यों की पारंपरिक कलाओं और शिल्प को विशेष प्रमुखता दी गई है। असम की झांकी में आशिरकांडी गांव की प्रसिद्ध मिट्टी के बर्तनों की हस्तकला का प्रदर्शन होगा। महाराष्ट्र ने गणेशोत्सव को आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है।

पश्चिम बंगाल की झांकी भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बंगाल के अतुलनीय योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित करेगी। राजस्थान, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्य अपनी सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। गुजरात और छत्तीसगढ़ ‘वंदे मातरम’ की थीम को अभिनव और प्रभावशाली तरीके से दर्शाएंगे, जिससे संपूर्ण वातावरण देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो जाएगा।

प्रत्येक झांकी न केवल दृश्य सौंदर्य प्रस्तुत करेगी बल्कि अपने क्षेत्र की विशिष्ट पहचान, ऐतिहासिक महत्व और समकालीन विकास की गाथा भी सुनाएगी।

सैन्य शक्ति का प्रदर्शन

गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेनाओं – थल सेना, नौसेना और वायु सेना – की टुकड़ियां भाग लेंगी। अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों, टैंकों, मिसाइलों और रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता को दर्शाएगा। वायु सेना के लड़ाकू विमान आकाश में करतब दिखाते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगे।

विशेष बल, परेड दल और विभिन्न रेजिमेंटों की मार्चिंग अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगी। देश की रक्षा में तैनात इन वीर जवानों का प्रदर्शन राष्ट्रीय गौरव और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक होगा।

सांस्कृतिक विविधता का उत्सव

2500 कलाकारों की उपस्थिति इस आयोजन को एक भव्य सांस्कृतिक महोत्सव (Republic Day 2026) में परिवर्तित कर देगी। विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य जैसे पंजाब का भांगड़ा, राजस्थान का घूमर, गुजरात का गरबा, असम का बिहू, केरल का कथकली और तमिलनाडु का भरतनाट्यम भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाएंगे।

आदिवासी समुदायों की पारंपरिक कलाएं भी इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। ये प्रस्तुतियां भारत की ‘एकता में विविधता’ के सिद्धांत को साकार रूप देंगी।

Republic Day 2026: आत्मनिर्भर भारत का संदेश

‘आत्मनिर्भर भारत’ थीम के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति को प्रदर्शित किया जाएगा। स्वदेशी रक्षा उत्पादन, डिजिटल क्रांति, अंतरिक्ष अभियान, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में भारत की उपलब्धियों को रेखांकित किया जाएगा।

यह परेड दुनिया को बताएगी कि भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि एक प्रमुख निर्माता और नवप्रवर्तक के रूप में उभर रहा है। 77वां गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) भारत के गौरवशाली अतीत, गतिशील वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य का संगम होगा।

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