Rajya Sabha Election 2026: भाजपा ने कोयल मल्लिक और दिनेश आर्य को दिया राज्यसभा टिकट

बंगाल से रुक्मिणी मल्लिक उर्फ कोयल मल्लिक और उत्तराखंड से दिनेश आर्य को मिला टिकट

0
Rajya Sabha Election 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यसभा की खाली सीटों पर होने वाले उपचुनाव और द्विवार्षिक चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने गहन मंथन के बाद पश्चिम बंगाल से बंगाली सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री और पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कोयल मल्लिक (रुक्मिणी मल्लिक) को मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। वहीं देवभूमि उत्तराखंड से पार्टी के समर्पित और वरिष्ठ संगठनात्मक चेहरे दिनेश आर्य के नाम पर औपचारिक मुहर लगा दी गई है। दोनों नामों की घोषणा के साथ ही भाजपा ने पूर्वी और उत्तरी राज्यों में अपने सामाजिक व राजनीतिक समीकरणों को साधने की स्पष्ट दिशा तय कर दी है।

Rajya Sabha Election 2026: पश्चिम बंगाल से कोयल मल्लिक पर दांव, टीएमसी से इस्तीफे के बाद बीजेपी में एंट्री

पश्चिम बंगाल की राजनीति में कोयल मल्लिक की उम्मीदवारी को अत्यंत दिलचस्प और रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। बंगाली फिल्मों के दिग्गज अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी रुक्मिणी मल्लिक (कोयल मल्लिक) को इसी वर्ष तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा के उच्च सदन में भेजा था। उन्होंने 6 अप्रैल 2026 को संसद सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की थी, लेकिन राजनीतिक मतभेदों और परिस्थितियों के चलते उन्होंने महज तीन महीने बाद ही 16 जुलाई को राज्यसभा की सदस्यता और टीएमसी दोनों से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस अप्रत्याशित कदम से बंगाल की यह सीट रिक्त हो गई थी।
इस्तीफे के कुछ ही समय बाद कोयल मल्लिक ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। अब भाजपा ने उसी खाली हुई सीट पर होने वाले उपचुनाव में उन्हीं को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाकर तृणमूल कांग्रेस के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य के सांस्कृतिक और बौद्धिक वर्ग में गहरी पैठ रखने वाली अभिनेत्री को उच्च सदन का टिकट देकर भाजपा ने बंगाल में अपने प्रभाव को और अधिक विस्तार देने की ठोस योजना बनाई है।

उत्तराखंड से दिनेश आर्य को मौका, संगठन और सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड से भाजपा ने किसी बड़े राष्ट्रीय चेहरे के बजाय संगठन से जुड़े जमीनी कार्यकर्ता दिनेश आर्य पर भरोसा जताया है। नैनीताल जिले से ताल्लुक रखने वाले दिनेश आर्य लंबे समय से पार्टी के विभिन्न संगठनात्मक दायित्वों को निष्ठापूर्वक संभालते रहे हैं। वह उत्तराखंड सरकार में राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के पद पर आसीन रहे हैं, जहां उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त था। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा में भी प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने में केंद्रीय भूमिका निभाई है।
उत्तराखंड की इस एकमात्र सीट पर मौजूदा राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने जा रहा है। बंसल की जगह दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाकर भाजपा ने राज्य में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को साधने का प्रयास किया है। पार्टी के भीतर कई प्रमुख दावेदारों के नामों पर विचार-विमर्श किया जा रहा था, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने अंतिम रूप से एक अनुशासित और जमीनी पृष्ठभूमि वाले नेता को चुनकर कार्यकर्ताओं के बीच सकारात्मक संदेश दिया है।

16 अक्टूबर को होगा मतदान, चुनाव आयोग का पूरा कार्यक्रम

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की कुल 12 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान संपन्न कराया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम के तहत नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके उपरांत 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की विधिवत संवीक्षा (जांच) की जाएगी, जबकि प्रत्याशी 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।
मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संबंधित राज्य विधानसभाओं के परिसरों में कराया जाएगा। उसी दिन शाम 5 बजे से मतों की गिनती शुरू होगी और देर शाम तक परिणामों की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। चुनाव आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया को 19 अक्टूबर से पहले संपन्न करने का लक्ष्य रखा है। मतदान की शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग ने रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले विशेष बैंगनी रंग के स्केच पेन के इस्तेमाल का कड़ा नियम अनिवार्य किया है।

तीन राज्यों की 12 राज्यसभा सीटों पर कड़ा मुकाबला और संख्या बल

आगामी 16 अक्टूबर को होने वाले इस चुनावी मुकाबले में उत्तर प्रदेश की 10 नियमित सीटें, उत्तराखंड की 1 सीट और पश्चिम बंगाल की 1 उपचुनाव वाली सीट शामिल है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सदस्यों का 6 वर्ष का कार्यकाल नवंबर माह में पूर्ण हो रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल में यह चुनाव कोयल मल्लिक के त्यागपत्र के कारण उत्पन्न रिक्ति को भरने के लिए कराया जा रहा है।
उत्तराखंड विधानसभा में भाजपा के पास प्रचंड बहुमत उपलब्ध है, जिसके चलते दिनेश आर्य की जीत लगभग तय मानी जा रही है। वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में दलीय संख्या बल और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं के बीच मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश में भी विभिन्न दलों के बीच अपने-अपने आंकड़े जुटाने की कवायद शुरू हो चुकी है।

Rajya Sabha Election 2026: भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति का फैसला और भविष्य की दिशा

भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष और गृह मंत्री सहित वरिष्ठ नेताओं ने विभिन्न राज्यों की राजनीतिक स्थिति का आकलन करने के बाद ही इन दोनों नामों पर अपनी अंतिम सहमति व्यक्त की। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनावों और संसद के उच्च सदन में अपनी संख्यात्मक स्थिति को सुदृढ़ रखने के लिए बेहद सजगता से उम्मीदवारों का चयन कर रही है।
कोयल मल्लिक की उम्मीदवारी जहां पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाने की रणनीति का हिस्सा है, वहीं उत्तराखंड में दिनेश आर्य की ताजपोशी से पार्टी कैडर का मनोबल बढ़ा है। अब सभी राजनीतिक दलों की निगाहें 6 अक्टूबर को होने वाले नामांकन और उसके बाद बनने वाले गठबंधन व चुनावी समीकरणों पर टिकी हैं।

Read more here

Ekadashi October 2026: इंदिरा एकादशी 6 अक्टूबर और पापांकुशा 22 अक्टूबर, तिथि व पारण का समय

Navratri Special Baby Names: नवरात्रि में जन्मी बेटी का नाम, मां दुर्गा और शक्ति से जुड़े प्यारे विकल्प और उनके अर्थ

Mumbai CJP Protest: शिवाजी पार्क में बिना अनुमति प्रदर्शन पर मुंबई पुलिस का बड़ा एक्शन, आयोजकों समेत 500 लोगों पर FIR दर्ज

Vrat Aur Upvas Mein Antar: व्रत और उपवास को एक समझने की न करें भूल, जानें दोनों के अर्थ, नियम और शास्त्रीय भेद

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.