राघव चड्ढा समेत AAP के 7 राज्यसभा सांसदों ने BJP का दामन थामा, केजरीवाल बोले BJP ने पंजाबियों के साथ किया धोखा
राघव चड्ढा और हरभजन सिंह समेत 7 सांसदों ने छोड़ी AAP; केजरीवाल ने BJP पर लगाया धोखे का आरोप।
Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी के लिए आज का दिन बड़े राजनीतिक झटके के रूप में दर्ज हो गया। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के नेतृत्व में पार्टी के सात सांसदों ने BJP में विलय की औपचारिक घोषणा कर दी। इस घटनाक्रम पर AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए BJP पर पंजाब विरोधी नीतियों का आरोप लगाया।
Raghav Chadha: AAP को बड़ा झटका, सात सांसदों ने थामा BJP का हाथ
भारतीय राजनीति में शुक्रवार का दिन एक नया मोड़ लेकर आया। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दोपहर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और ऐलान किया कि पार्टी के सात सांसद अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत के संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने BJP में विलय कर लिया है। उन्होंने बताया कि सात सांसदों ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए जो राज्यसभा के माननीय अध्यक्ष को सौंपा गया।
Raghav Chadha: कौन हैं वे सात सांसद जो AAP छोड़ BJP में हुए शामिल
इस विलय में शामिल सांसदों के नाम राजनीतिक हलकों में हलचल मचाने के लिए काफी हैं। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ क्रिकेटर से नेता बने हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल भी इस विलय का हिस्सा बने।
राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने BJP अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। यह AAP के संगठनात्मक ढांचे के लिए एक बड़ा धक्का माना जा रहा है।
Raghav Chadha: केजरीवाल का पलटवार, BJP पर लगाया धोखे का आरोप
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटनाक्रम पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि BJP ने फिर से पंजाबियों के साथ धक्का किया है। हालांकि उनकी प्रतिक्रिया संक्षिप्त रही, लेकिन इसमें BJP को सीधे निशाने पर लिया गया।
केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम को महज पार्टी छोड़ने की घटना नहीं बल्कि पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात करार दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बयान आने वाले चुनावी माहौल को देखते हुए रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण है।
Raghav Chadha: भगवंत मान की प्रेस कॉन्फ्रेंस, संगठन को बताया सर्वोपरि
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर विस्तार से प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि पार्टी बड़ी होती है, संगठन बड़ा होता है और कोई भी व्यक्ति संगठन से बड़ा नहीं होता।
मान ने BJP पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि BJP जिस भी पार्टी से गठबंधन करती है, उसे ही खत्म कर देती है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की जनता उनका तहे दिल से समर्थन करती है और BJP को पंजाब के विकास से समस्या है।
Raghav Chadha: संवैधानिक प्रावधान और दलबदल कानून की जटिलता
राघव चड्ढा ने अपने बयान में संविधान के प्रावधानों का उल्लेख किया। दरअसल, दल-बदल विरोधी कानून के तहत यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई सांसद एकजुट होकर किसी दूसरी पार्टी में विलय करें तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह विलय यदि संवैधानिक मानकों को पूरा करता है तो इन सांसदों की सदस्यता सुरक्षित रह सकती है। यही कारण है कि राघव चड्ढा ने इस कदम को पूरी तरह से संविधान सम्मत बताया।
Raghav Chadha: AAP का राज्यसभा में क्या रहेगा भविष्य
आम आदमी पार्टी के लिए राज्यसभा में यह झटका संगठनात्मक दृष्टि से बड़ा नुकसान है। सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने से पार्टी की उच्च सदन में उपस्थिति और प्रभाव दोनों कम होंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह घटनाक्रम आने वाले समय में पंजाब और दिल्ली की राजनीति पर भी गहरा असर डाल सकता है। AAP को अपने शेष सांसदों और विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती अब और बड़ी हो गई है।
निष्कर्ष
आज का यह राजनीतिक घटनाक्रम AAP के लिए सिर्फ एक संख्यात्मक नुकसान नहीं है बल्कि यह पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। एक तरफ BJP अपने कुनबे को मजबूत कर रही है तो दूसरी तरफ केजरीवाल और भगवंत मान को अपनी जड़ें मजबूत करने की कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। पंजाब की जनता और AAP के शेष नेता अब यह देखेंगे कि पार्टी इस चुनौती से कैसे उबरती है।
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