मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 38 वर्ष की अल्पायु में आकस्मिक निधन, लखनऊ में शोक की लहर, बैकुण्ठ धाम में अंतिम संस्कार

मुलायम के छोटे पुत्र प्रतीक यादव का 38 वर्ष में आकस्मिक निधन, अखिलेश-शिवपाल सहित परिवार शोक में

0

Prateek Yadav Death: मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के अनुज प्रतीक यादव का मात्र 38 वर्ष की अल्पायु में आकस्मिक निधन संपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक जगत के लिए एक स्तब्ध कर देने वाली घटना है। 13 मई 2026 की सुबह लखनऊ के सिविल अस्पताल में उनकी अंतिम सांसें थम गईं, जिसके बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार, 14 मई को जब उनकी अंतिम यात्रा विक्रमादित्य मार्ग स्थित उनके आवास से शुरू हुई, तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। ‘प्रतीक यादव अमर रहें’ और ‘मुलायम के लाल प्रतीक अमर रहें’ जैसे भावुक नारों के बीच उनका पार्थिव शरीर लखनऊ के बैकुण्ठ धाम (भैंसाकुंड) पहुँचा, जहाँ भारी मन से उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दुखद घड़ी में पूरा यादव परिवार एकजुट नजर आया और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने के लिए विभिन्न दलों के नेताओं का तांता लगा रहा।

Prateek Yadav Death: अंतिम यात्रा और बैकुण्ठ धाम में भावुक दृश्य

14 मई की सुबह से ही प्रतीक यादव के आवास पर समर्थकों और शुभचिंतकों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। उनकी अंतिम यात्रा में अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव और परिवार के अन्य वरिष्ठ सदस्य कंधे से कंधा मिलाकर चलते दिखाई दिए। अपर्णा यादव और उनकी दोनों बेटियों के लिए यह अपार दुख का क्षण था, जिसे देख हर आँख नम हो गई। यद्यपि पहले अंतिम संस्कार के लिए पिपरा घाट का विचार किया गया था, परंतु बाद में परिवार ने सर्वसम्मति से बैकुण्ठ धाम में अंत्येष्टि का निर्णय लिया। अपर्णा यादव ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की कि उनके पति और नेताजी के प्रिय पुत्र का अंतिम संस्कार सुबह 11 बजे संपन्न होगा। रास्ते भर लोगों ने पुष्प वर्षा कर अपने प्रिय युवा उद्यमी को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।

Prateek Yadav Death: पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय कारण

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के विशेषज्ञों द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म (फेफड़ों में रक्त का थक्का जमना) बताया गया है। इस स्थिति के कारण प्रतीक यादव को ‘कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स’ का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी हृदय और श्वसन प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया। रिपोर्ट में शरीर पर कुछ पुरानी और कुछ ताजी चोटों के निशान (एंटीमॉर्टम इंजरी) का भी उल्लेख किया गया है, जिसके चलते पुलिस ने एहतियातन विसरा और अन्य सैंपल्स को सुरक्षित रखा है। प्रतीक यादव पहले से ही उच्च रक्तचाप और श्वसन संबंधी जटिलताओं से जूझ रहे थे, जिसके लिए उनका इलाज मेदांता जैसे बड़े अस्पतालों में भी चला था। 13 मई की सुबह घर में अचेत पाए जाने के बाद उन्हें बचाने के सभी प्रयास विफल रहे।

Prateek Yadav Death: राजनीतिक जगत में शोक और एकजुटता

प्रतीक यादव के निधन ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलीय सीमाओं को पीछे छोड़ दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं अपर्णा यादव के आवास पहुँचकर शोक संवेदना व्यक्त की और इसे परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। अखिलेश यादव ने अपने भाई को याद करते हुए कहा कि प्रतीक अपनी फिटनेस और व्यापारिक जिम्मेदारियों के प्रति अत्यंत सजग थे। समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी दोनों ही दलों ने अपने पूर्व निर्धारित राजनीतिक कार्यक्रमों को स्थगित कर शोक प्रकट किया। शिवपाल सिंह यादव ने भावुक होकर कहा कि नेताजी के जाने के बाद प्रतीक का इस तरह चले जाना परिवार के लिए एक ऐसा घाव है जो कभी नहीं भरेगा। विभिन्न दलों के प्रदेश अध्यक्षों और मंत्रियों ने भी बैकुण्ठ धाम पहुँचकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव का व्यक्तित्व और सामाजिक योगदान

यद्यपि प्रतीक यादव ने स्वयं को सक्रिय राजनीति की चकाचौंध से दूर रखा, परंतु उन्होंने व्यापार और समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने लखनऊ में ‘द फिटनेस प्लैनेट’ जैसे प्रतिष्ठित जिम की स्थापना की। वे पशु कल्याण के प्रति भी समर्पित थे और उनकी संस्था ‘जीव आश्रय’ वर्षों से लावारिस पशुओं की सेवा में संलग्न रही है। अपर्णा यादव के साथ उनका दांपत्य जीवन और अपनी दोनों बेटियों के प्रति उनका अनुराग उनके मिलनसार और शांत स्वभाव का परिचायक था। उनके मित्रों और परिजनों के लिए वे हमेशा एक ऊर्जावान व्यक्तित्व और फिटनेस के प्रति उत्साही मित्र के रूप में याद किए जाएंगे।

निष्कर्ष: एक शून्य जो हमेशा खलेगा

निष्कर्षतः, प्रतीक यादव की विदाई ने यादव परिवार में एक ऐसा शून्य पैदा कर दिया है जिसे भरना असंभव है। बैकुण्ठ धाम में अंतिम संस्कार के साथ ही एक अल्पायु लेकिन प्रभावशाली जीवन का पटाक्षेप हो गया। यह घटना न केवल एक परिवार का व्यक्तिगत दुख है, बल्कि यह आधुनिक जीवनशैली में छिपे गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति एक चेतावनी भी है। पूरा प्रदेश इस घड़ी में अपर्णा यादव और अखिलेश यादव के परिवार के साथ खड़ा है। प्रतीक यादव की स्मृति उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों और उनके सरल व्यक्तित्व के माध्यम से सदैव जीवित रहेगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवार को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति दे।

read more here

Six Pack Abs Plan: डाइट, वर्कआउट, आराम और जीवनशैली में बदलाव — 12-16 हफ्तों में परिणाम

Motorola Razr Fold: भारत में लॉन्च! 8.1-इंच फोल्डेबल डिस्प्ले, 16GB RAM, Snapdragon 8 Gen 5 और 6000mAh बैटरी के साथ प्रीमियम मार्केट में मचाएगा तहलका

Narendra Modi Appeal: PM मोदी की अपील का उल्टा असर! सोना खरीदने उमड़ी भीड़, शादी सीजन और कीमत बढ़ने के डर से सर्राफा बाजारों में ‘पैनिक बाइंग’ तेज

Gold-Silver Rate 14 May 2026: सोना ₹1,60,000 प्रति 10 ग्राम के पार, चांदी ₹2,95,000 प्रति किलो पर नया रिकॉर्ड, वैश्विक तनाव से निवेशकों में तेजी

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.