Petrol-Diesel Price 2 August 2026: दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये, डीजल 95.20 रुपये पर स्थिर, जानें मुंबई से कोलकाता तक ताजा रेट
दिल्ली में ईंधन कीमतें स्थिर, मुंबई-कोलकाता समेत प्रमुख शहरों के ताजा पेट्रोल-डीजल रेट।
Petrol-Diesel Price 2 August 2026: भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की ओर से जारी ताजा अपडेट के अनुसार 2 अगस्त 2026 रविवार को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है। देश की प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने पिछले कई हफ्तों से ईंधन के खुदरा दामों को अपरिवर्तित रखा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई है। इसी तरह मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे सभी प्रमुख महानगरों और प्रांतीय राजधानियों में भी दरें अपने पिछले तय स्तरों पर ही स्थिर हैं।
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार में क्रूड ऑयल के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, लेकिन इसका सीधा और तत्काल प्रभाव घरेलू बाजार की खुदरा दरों पर नहीं पड़ने दिया जा रहा है। भारत में ईंधन की दरें प्रतिदिन सुबह छह बजे संशोधित की जाती हैं, लेकिन पिछले कई महीनों से सरकारी नियंत्रण और रणनीतिक फैसलों के चलते उपभोक्ता कीमतों को एक निश्चित दायरे में रोका गया है। मई के अंत में हुई हल्की समीक्षा के बाद से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे मानसून के इस दौर में यात्रा करने वाले आम लोगों और परिवहन व्यवसायियों को आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है।
दिल्ली-एनसीआर में पेट्रोल और डीजल के नवीनतम आंकड़े
देश की राजधानी दिल्ली में 2 अगस्त को भी पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जाएगा। दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के प्रमुख शहरों जैसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी कीमतें लगभग इसी सीमा के आसपास दर्ज की जा रही हैं। स्थानीय वैट और परिवहन भाड़े के कारण इन शहरों की दरों में मामूली पैसे का अंतर देखने को मिलता है।
अन्य मेट्रो शहरों की तुलना में दिल्ली में राज्य करों (VAT) की दर अपेक्षाकृत कम होने के कारण ईंधन सस्ता उपलब्ध है। प्रतिदिन कार्यालय जाने वाले कामकाजी लोगों, दोपहिया चालकों और कैब चालकों के लिए ईंधन दरों का स्थिर रहना बेहद राहत भरा साबित हो रहा है। इसके साथ ही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में लगे हल्के और भारी व्यावसायिक वाहनों के परिचालन लागत पर भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ रहा है।
मुंबई और महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों का हाल
आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत करीब 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है। महाराष्ट्र के अन्य शहरों जैसे पुणे, नासिक, नागपुर और ठाणे में भी ईंधन के भाव इसी ऊंचे दायरे में दर्ज किए गए हैं। महाराष्ट्र सरकार द्वारा ईंधन पर लगाए जाने वाले उच्च स्थानीय करों और उपकरों के कारण मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में दिल्ली के मुकाबले पेट्रोल काफी महंगा पड़ता है।
मुंबई जैसे विशाल महानगर में व्यावसायिक परिवहन और लंबी दूरी की दैनिक आवाजाही के लिए ईंधन बजट का बड़ा हिस्सा तय करता है। कीमतों में लंबे समय से जारी इस स्थिरता ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर और कैब एग्रीगेटर्स को अपने किराए में अचानक होने वाली बढ़ोतरी से रोके रखा है, जिसका सीधा लाभ आम मध्यमवर्गीय परिवारों और यात्रियों को मिल रहा है।
कोलकाता, चेन्नई और दक्षिण भारत के महानगरों में ईंधन दरें
पूर्वी और दक्षिणी भारत के प्रमुख शहरों की बात करें तो कोलकाता में पेट्रोल का भाव लगभग 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पेट्रोल 107.77 से 108.00 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर पर बेचा जा रहा है। आईटी हब बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 110.93 रुपये प्रति लीटर और डीजल 98.80 रुपये प्रति लीटर के करीब दर्ज की गई है।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में देश की सबसे ऊंची खुदरा दरों में से एक लागू है, जहां पेट्रोल 115 रुपये प्रति लीटर से ऊपर और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर के पार बिक रहा है। दक्षिण भारत और पूर्वी भारत के अधिकांश राज्यों में स्थानीय बिक्री कर और वैट अधिक होने की वजह से ईंधन के दाम उत्तर भारत के मैदानी राज्यों की तुलना में काफी अधिक बने हुए हैं।
उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में खुदरा भाव
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 2 अगस्त को पेट्रोल 101.56 से 101.89 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.06 से 95.14 रुपये प्रति लीटर के आसपास उपलब्ध रहेगा। प्रदेश के अन्य बड़े औद्योगिक शहरों जैसे कानपुर, वाराणसी, आगरा और गोरखपुर में भी दरें इसी के आसपास स्थिर हैं। बिहार की राजधानी पटना में वैट की ऊंची दरों के कारण पेट्रोल 113 रुपये प्रति लीटर के करीब और डीजल 99 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है।
राजस्थान के जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे शहरों में भी पेट्रोल 112 से 114 रुपये प्रति लीटर और डीजल 98 से 99 रुपये प्रति लीटर की सीमा में बना हुआ है। इन राज्यों में स्थानीय राज्य स्तरीय करों का सीधा असर आम जनता की जेब पर दिखता है, जहां पड़ोसी राज्यों की तुलना में दरों में कुछ रुपयों का बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
वैश्विक कच्चे तेल के बावजूद घरेलू दरों में स्थिरता के कारण
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमतों में बीच-बीच में तेजी आने के बावजूद भारत में ईंधन की दरें नियंत्रित हैं। वैश्विक ऊर्जा संकट, विभिन्न व्यापारिक मार्गों पर व्यवधान और विदेशी मुद्रा विनिमय दर में डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने बफर व्यवस्था के तहत खुदरा दरों को नहीं बढ़ाया है।
केंद्र सरकार की मूल्य स्थिरता नीति और तेल कंपनियों द्वारा पिछले समय में अर्जित लाभ के समायोजन के कारण मई महीने के बाद से कोई बड़ा मूल्य संशोधन देखने को नहीं मिला है। सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं और माल ढुलाई क्षेत्र को मुद्रास्फीति के प्रतिकूल प्रभावों से बचाना है।
Petrol-Diesel Price 2 August 2026: आम जनता, ट्रांसपोर्टर और कृषि क्षेत्र पर व्यापक प्रभाव
ईंधन की स्थिर दरों का सीधा और सकारात्मक प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिक के मासिक बजट पर पड़ रहा है। निजी वाहन मालिकों को अपनी दैनिक यात्रा लागत का अनुमान लगाने में आसानी हो रही है और अनिश्चितता का माहौल खत्म हुआ है। ट्रक ऑपरेटरों, बस सेवा प्रदाताओं और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए ईंधन खर्च स्थिर रहने से माल भाड़ा और अंतरराज्यीय परिवहन किराया नियंत्रित बना हुआ है।
कृषि क्षेत्र में भी मानसून के दौरान सिंचाई पंप सेटों, ट्रैक्टरों और अन्य कृषि उपकरणों के संचालन के लिए डीजल की स्थिर दरें किसानों के लिए राहत का सबब बनी हुई हैं। जब परिवहन लागत स्थिर रहती है, तो मंडियों में हरी सब्जियों, खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामानों की आवक लागत भी नियंत्रित रहती है, जिससे कुल खुदरा महंगाई दर पर दबाव कम होता है।
भविष्य की संभावनाएं और उपभोक्ताओं के लिए सलाह
आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की दरों का रुख पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल के रुझान, ओपेक (OPEC) देशों के उत्पादन संबंधी निर्णयों और भारतीय रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करेगा। यदि वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर काफी समय तक बनी रहती हैं, तो तेल कंपनियां मामूली मूल्य संशोधन पर विचार कर सकती हैं। हालांकि, वर्तमान आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक घरेलू दरों में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम ही नजर आ रही है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी पंप पर अपने वाहन में ईंधन भरवाने से पहले अपने शहर की अद्यतन दरों की जांच अवश्य कर लें। राज्य के भीतर भी अलग-अलग जिलों और डीलरशिप के स्थान के अनुसार परिवहन शुल्क के चलते कुछ पैसों का मामूली अंतर होना स्वाभाविक है।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहा जाए तो 2 अगस्त 2026 (Petrol-Diesel Price 2 August 2026) को देश के किसी भी बड़े शहर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से ही उपलब्ध रहेगा। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद जैसे राज्यों के मुख्य केंद्रों पर भी दरें पिछले स्तरों पर बनी रहेंगी। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर जारी अनिश्चितता के बीच यह स्थिरता देश के आम बजट और परिवहन अर्थव्यवस्था के लिए सुखद संकेत है।
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