Aaj Ka Mausam 2 August 2026: दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश के आसार, उत्तर प्रदेश और बिहार में मानसून सक्रिय, जानें अपने शहर का पूरा हाल

दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश, यूपी-बिहार में मानसून सक्रिय, कई राज्यों में अलर्ट।

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Aaj Ka Mausam 2 August 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 2 अगस्त 2026 रविवार को देश के बड़े हिस्से में मानसून पूरी तरह से सक्रिय अवस्था में बना रहेगा। अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही उत्तर, पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में मानसूनी बादलों का जमावड़ा देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिमालयी राज्यों में गरज-चमक तथा तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पूरे अगस्त महीने के दौरान देश में समग्र रूप से औसत से थोड़ी कम वर्षा दर्ज की जा सकती है, लेकिन महीने के शुरुआती दिनों में उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के राज्यों में मानसून की रफ्तार अच्छी बनी रहेगी।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा, झमाझम बौछारें और उमस की स्थिति

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में रविवार को दिनभर आसमान बादलों से ढका रहेगा। सुबह से दोपहर के बीच कई क्षेत्रों में हल्की बारिश या गरज के साथ छिटपुट बौछारें पड़ने के आसार हैं। मौसम केंद्र का अनुमान है कि देर शाम या रात के वक्त भी एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है और गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।

इस दौरान मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्वी हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार सुबह के समय 20 से 22 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी ऐसा ही सुहावना लेकिन उमस भरा मौसम बना रहेगा। बारिश के कारण भले ही तापमान में थोड़ी गिरावट महसूस हो, लेकिन वातावरण में नमी का स्तर ऊंचा रहने से दिन में उमस बनी रहेगी। दिल्ली-एनसीआर के निचले इलाकों में तात्कालिक जलभराव की समस्या हो सकती है, इसलिए यात्रियों और वाहन चालकों को सड़क यात्रा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश में मानसून की मेहरबानी, पूर्वी और पश्चिमी जिलों में बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रविवार को मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह से सक्रिय रहेंगी। राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर और बस्ती में दिनभर बादल छाए रहेंगे और कई दौर की बौछारें गिर सकती हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़, आगरा और गाजियाबाद अंचल में भी हल्की से मध्यम बारिश होने का योग बना हुआ है। पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच स्थिर रहेगा। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में पानी के जमाव को रोकने के लिए उचित जल निकासी का प्रबंध रखें, ताकि फसलों की जड़ों को नुकसान न पहुंचे। शहरों में तेज बौछारों के दौरान दृश्यता कम होने और सडकों पर पानी भरने से यातायात की गति धीमी पड़ सकती है।

बिहार और पूर्वी भारत का हाल, कई जिलों में आंधी और वज्रपात का पीला अलर्ट

बिहार में 2 अगस्त को मानसूनी हवाएं काफी प्रभाव दिखाने वाली हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। उत्तर और पश्चिम बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और सीतामढ़ी जैसे जिलों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है।

राजधानी पटना और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी दिनभर बादल डेरा डाले रहेंगे और रुक-रुक कर फुहारें पड़ सकती हैं। इसके साथ ही बिहार के पड़ोसन राज्यों झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भी मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने का पूर्वानुमान है। तराई और सीमांचल के क्षेत्रों में बहने वाली नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

राजस्थान और मध्य भारत में मानसूनी हवाओं की चाल

पश्चिम और मध्य भारत के मौसम की बात करें तो राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी दोनों अंचलों में रविवार को बारिश का दौर जारी रह सकता है। राज्य की राजधानी जयपुर, दौसा, अलवर और भरतपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में काले बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें गिर सकती हैं।

मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भी हल्की वर्षा का योग बन रहा है। मध्य भारत में बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी, लेकिन हवा में आद्रता अधिक रहने के कारण उमस से पूरी तरह राहत मिलना मुश्किल रहेगा।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा, पंजाब-हरियाणा का मौसम

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में मानसून का असर व्यापक रूप से दिखाई देगा। इन राज्यों में तेज हवाओं, मेघगर्जन और बिजली की कड़क के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी ढालाकों पर भूस्खलन (Landslides) और मलबे के खिसकने की आशंका काफी बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों, ट्रेकर्स और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा करने से बचने और नदी-नालों के करीब न जाने की सख्त सलाह दी है। पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में भी कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ वर्षा होने का अनुमान है, जिससे तापमान में नरमी बनी रहेगी।

तापमान का समीकरण और उमस भरा माहौल

देश के मैदानी क्षेत्रों में रविवार को अधिकतम तापमान आमतौर पर 31 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किए जाने की उम्मीद है। जिन इलाकों में बारिश होगी, वहां का तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री कम रह सकता है। हालांकि, मानसून के इस दौर में वातावरण में आद्रता अधिक होने से लोगों को पसीने और उमस का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण भारत के तटीय राज्यों तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक में भी छिटपुट मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी, जबकि अंदरूनी इलाकों में तापमान अपेक्षाकृत थोड़ा अधिक बना रह सकता है।

Aaj Ka Mausam 2 August 2026: यातायात, उड़ानें और जनजीवन पर प्रभाव

रविवार को संभावित हल्की से मध्यम बारिश और तूफानी हवाओं के कारण कई बड़े शहरों में आम जनजीवन और परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। दिल्ली-एनसीआर के जलभराव वाले मार्गों, मुंबई-पुणे मार्ग, उत्तर प्रदेश के राज्य राजमार्गों और पहाड़ी इलाकों के संपर्क मार्गों पर वाहन चलाते समय विशेष एहतियात बरतने की आवश्यकता है। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण उड़ानों के समय में बदलाव और लंबी दूरी की ट्रेनों के विलंब से चलने की संभावना बनी हुई है। बारिश के मौसम को देखते हुए अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

नागरिकों और किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन

आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम केंद्र ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बारिश या बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, बड़े पेड़ों और लोहे के खंभों के नीचे आश्रय न लें। घरों के आसपास पानी के भराव को रोकने के लिए नालियों की सफाई का ध्यान रखें। दिल्ली-एनसीआर और यूपी के निवासियों को उमस से बचने के लिए कॉटन के ढीले कपड़े पहनने और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल टाल दें और खेतों में पानी का स्तर संतुलित रखें।

निष्कर्ष

2 अगस्त 2026 को मानसून की सक्रियता (Aaj Ka Mausam 2 August 2026)  देश के बड़े हिस्से विशेष रूप से उत्तर और पूर्वी भारत में बनी रहेगी। जहां एक तरफ दिल्ली-एनसीआर और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश से मौसम में ठंडक आएगी, वहीं दूसरी तरफ उमस का असर भी महसूस होता रहेगा। पहाड़ी राज्यों और बिहार के संवेदनशील जिलों में सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। मौसम पल-पल बदल सकता है, इसलिए बाहर निकलने से पहले ताजा मौसम बुलेटिन देखना ही सुरक्षित रहेगा।

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