पंचांग 15 अप्रैल 2026: कल बुध प्रदोष और मासिक शिवरात्रि का दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय

वैशाख त्रयोदशी पर बुध प्रदोष और मासिक शिवरात्रि का संगम, शिव पूजा से चमकेगी किस्मत।

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Panchang 15 April 2026: ज्योतिष और हिंदू पंचांग के अनुसार 15 अप्रैल 2026, मंगलवार को वैशाख कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी और दिन बुधवार होगा। इस दिन बुध प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का अद्भुत संयोग बन रहा है, जो शिव भक्तों के लिए बेहद खास और फलदायी साबित होगा। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, त्रयोदशी तिथि रात 10 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:56 बजे से रात 9:13 बजे तक रहेगा, जो शिव पूजा के लिए सबसे अनुकूल समय है।

Panchang 15 April 2026: 15 अप्रैल 2026 का पूरा पंचांग और तिथि-नक्षत्र

15 अप्रैल 2026 को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी। यह तिथि रात 10 बजकर 32 मिनट तक चलेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार त्रयोदशी तिथि भगवान शिव को समर्पित होती है। दिन बुधवार होने के कारण इसे बुध प्रदोष कहा जाएगा। ब्रह्म योग दोपहर 1 बजकर 25 मिनट तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए उत्तम समय है। पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र दोपहर बाद 3 बजकर 23 मिनट तक प्रभावी रहेगा।

Panchang 15 April 2026: बुध प्रदोष और मासिक शिवरात्रि का संयोग: धार्मिक महत्व

15 अप्रैल को बनने वाला बुध प्रदोष और मासिक शिवरात्रि का संयोग दुर्लभ है। प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है और शिवरात्रि भी इसी तिथि पर मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बुध प्रदोष पर व्रत रखने से बुध ग्रह के दोष शांत होते हैं, जिससे नौकरी, व्यापार और शिक्षा में सफलता मिलती है। मासिक शिवरात्रि के साथ यह संयोग आर्थिक परेशानियों, कर्ज और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति दिलाता है।

शुभ मुहूर्त: पूजा और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उत्तम समय

15 अप्रैल 2026 के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:50 बजे से 5:36 बजे तक रहेगा, जो ध्यान, जप और पूजा के लिए सबसे अच्छा समय है। अभिजित मुहूर्त इस दिन नहीं है। विजय मुहूर्त दोपहर 2:44 बजे से 3:35 बजे तक रहेगा, जो किसी भी नई शुरुआत या महत्वपूर्ण काम के लिए शुभ है। गोधूलि मुहूर्त शाम 6:55 बजे से 7:18 बजे तक रहेगा। प्रदोष पूजा मुहूर्त शाम 6:56 बजे से रात 9:13 बजे तक रहेगा। इस दौरान शिव मंदिर जाना या घर पर शिव पूजा करना अत्यंत फलदायी होगा।

राहुकाल का समय: इन शहरों में सावधानी बरतें

राहुकाल अशुभ समय माना जाता है, इसलिए इस दौरान कोई शुभ कार्य या यात्रा न करें। विभिन्न शहरों में राहुकाल का समय इस प्रकार है:

  • दिल्ली: दोपहर 12:21 से 1:58 बजे तक

  • मुंबई: दोपहर 12:39 से 2:13 बजे तक

  • लखनऊ: दोपहर 12:07 से 1:43 बजे तक

  • कोलकाता: दोपहर 11:37 से 1:12 बजे तक

  • भोपाल: दोपहर 12:20 से 1:56 बजे तक

  • चेन्नई: दोपहर 12:09 से 1:42 बजे तक

  • अहमदाबाद: दोपहर 12:40 से 2:15 बजे तक

Panchang 15 April 2026: सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

15 अप्रैल 2026 को सूर्योदय सुबह 5:54 बजे और सूर्यास्त शाम 6:46 बजे होगा। सूर्योदय के बाद ब्रह्म मुहूर्त समाप्त हो जाएगा, इसलिए पूजा सुबह जल्दी शुरू करें। सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल शुरू होता है, जो शिव पूजा के लिए उत्तम है। निशिता मुहूर्त रात 12:15 बजे से 1:01 बजे तक (16 अप्रैल की सुबह) रहेगा।

Panchang 15 April 2026: इस दिन क्या करें और क्या न करें

15 अप्रैल को बुध प्रदोष और मासिक शिवरात्रि के संयोग में व्रत रखने वाले भक्त पूरे दिन फलाहार करें। शाम को प्रदोष मुहूर्त में शिव पूजा अवश्य करें। हरी मूंग, बेलपत्र और दूध से अभिषेक करें। गरीबों को अन्न या मूंग का दान दें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

न करें: क्रोध, झूठ बोलना या नकारात्मक विचार। मांसाहार या तामसिक भोजन से दूर रहें। राहुकाल में कोई नया काम शुरू न करें। विवाद या अनावश्यक खर्च से बचें।

Panchang 15 April 2026: ज्योतिषीय दृष्टि से दिन का महत्व

आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार इस दिन बुधवार और त्रयोदशी का संयोग बुध ग्रह को मजबूत करता है। जो लोग शिक्षा, व्यापार या संचार से जुड़े हैं, उन्हें विशेष लाभ मिलेगा। कुंडली में बुध दोष वाले लोगों को इस व्रत से राहत मिल सकती है। शिवरात्रि के साथ यह दिन स्वास्थ्य, धन और सुख के लिए शुभ है।

Panchang 15 April 2026: समाज में पंचांग की प्रासंगिकता

आज के युग में पंचांग केवल धार्मिक नहीं बल्कि दैनिक जीवन का मार्गदर्शक है। शुभ मुहूर्त जानकर लोग अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करते हैं। बुध प्रदोष जैसे व्रत मानसिक शांति देते हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाते हैं। लाखों लोग हर महीने पंचांग देखकर व्रत रखते और शिव कृपा प्राप्त करते हैं।

निष्कर्ष

15 अप्रैल 2026 को बनने वाला बुध प्रदोष और मासिक शिवरात्रि का संयोग शिव भक्तों के लिए एक सुनहरा अवसर है। पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्तों में पूजा कर अपनी मनोकामनाएं पूरी करें। राहुकाल का ध्यान रखकर दिन को सकारात्मक बनाएं। भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहे। सभी पाठकों को पंचांग की हार्दिक शुभकामनाएं।

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