NPS Vatsalya Scheme: महज 834 रुपये महीना जमा करें, बच्चे के लिए बन जाएगा 11 करोड़ का फंड

मासिक 834 रुपये जमा कर बच्चे के लिए 11 करोड़ का रिटायरमेंट फंड, कंपाउंडिंग की ताकत से 60 साल में बड़ा कोष

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NPS Vatsalya Scheme: केंद्र सरकार ने बच्चों के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए सितंबर 2024 में एक विशेष पेंशन योजना शुरू की है, जिसका नाम NPS वात्सल्य योजना है। इस अनूठी स्कीम में माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों के लिए निवेश कर सकते हैं और कंपाउंडिंग की ताकत का फायदा उठा सकते हैं। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर आप हर महीने सिर्फ 834 रुपये या सालाना 10,000 रुपये का निवेश करते हैं, तो आपके बच्चे के रिटायरमेंट तक करीब 11 करोड़ रुपये का विशाल फंड तैयार हो सकता है।

यह योजना उन माता-पिता के लिए वरदान साबित हो रही है जो कम बजट में अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं। कंपाउंडिंग यानी ब्याज पर ब्याज की अवधारणा इस योजना को खास बनाती है। जितनी जल्दी आप निवेश शुरू करेंगे, उतना ही ज्यादा फंड तैयार होगा। अगर आप अपने नवजात शिशु के लिए यह खाता खोलते हैं तो 60 साल की लंबी अवधि में आपका छोटा सा निवेश करोड़ों में बदल सकता है।

NPS Vatsalya Scheme: तीन निवेश विकल्प, आप चुनें अपनी पसंद

NPS वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya Scheme) में आपके पैसे को बाजार के विशेषज्ञ और अनुभवी फंड मैनेजर संभालते हैं। निवेशकों को उनकी जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर तीन अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं। पहला विकल्प ‘एग्रेसिव’ है, जिसमें आपके कुल निवेश का 75 प्रतिशत हिस्सा शेयर बाजार में लगाया जाता है। यह विकल्प उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो अधिक रिटर्न के लिए थोड़ा अधिक जोखिम लेने को तैयार हैं।

दूसरा विकल्प ‘मॉडरेट’ है जिसमें 50 प्रतिशत राशि शेयर मार्केट में निवेश की जाती है। यह संतुलित दृष्टिकोण उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो ना तो बहुत अधिक जोखिम लेना चाहते हैं और ना ही बहुत कम रिटर्न से संतुष्ट होना चाहते हैं। तीसरा विकल्प ‘कंजर्वेटिव’ है जिसमें केवल 25 प्रतिशत पैसा शेयर बाजार में लगता है। यह सबसे सुरक्षित विकल्प है और उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो जोखिम से बचना चाहते हैं।

इसके अलावा निवेशकों को यह भी स्वतंत्रता है कि वे अपनी पसंद के अनुसार तय कर सकें कि उनका पैसा सरकारी बॉन्ड्स में कितना लगे और कॉर्पोरेट डेट में कितना। यह लचीलापन इस योजना को और भी आकर्षक बनाता है। जैसे ही बच्चा 18 साल का होता है, यह खाता स्वचालित रूप से सामान्य NPS खाते में परिवर्तित हो जाता है और फिर बच्चा खुद इसे संचालित कर सकता है।

खाता खोलने की सरल प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

NPS Vatsalya Scheme
NPS Vatsalya Scheme

NPS वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya Scheme) का खाता खोलने की प्रक्रिया बेहद सरल और सीधी है। इसके लिए सबसे पहली शर्त यह है कि बच्चा भारत का नागरिक होना चाहिए और उसकी उम्र 18 साल से कम होनी चाहिए। खाता खोलने के लिए बच्चे का आधार कार्ड और पैन कार्ड होना अनिवार्य है। अगर नवजात शिशु के लिए खाता खोल रहे हैं तो जन्म प्रमाण पत्र भी स्वीकार किया जाता है।

निवेश की न्यूनतम राशि बेहद किफायती है। आप सालाना मात्र 250 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं। यह राशि इतनी कम है कि हर आय वर्ग का परिवार इस योजना का लाभ उठा सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। जिनके पास अधिक पैसा है, वे अपनी सुविधा के अनुसार जितना चाहें उतना निवेश कर सकते हैं।

खाता खोलने के दो तरीके हैं। पहला तरीका है कि आप अपने नजदीकी बैंक की शाखा में जाकर सभी दस्तावेजों के साथ आवेदन करें। दूसरा और आसान तरीका है ऑनलाइन eNPS पोर्टल का उपयोग करना। इस पोर्टल पर आप घर बैठे सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं और खाता खुलवा सकते हैं। डिजिटल युग में यह सुविधा माता-पिता के लिए बेहद सुविधाजनक है।

18 साल की उम्र में केवाईसी अपडेट जरूरी

जब बच्चा 18 साल का हो जाता है, तो उसे अपना केवाईसी (KYC) अपडेट करना अनिवार्य होता है। इसमें बच्चे को अपने नए दस्तावेज जैसे वयस्क आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान प्रमाण जमा करने होते हैं। केवाईसी अपडेट होने के बाद खाते का नियंत्रण माता-पिता से बच्चे के हाथ में चला जाता है। फिर बच्चा स्वतंत्र रूप से अपने खाते को संचालित कर सकता है, निवेश (NPS Vatsalya Scheme) की रणनीति बदल सकता है और भविष्य की योजना बना सकता है।

यह व्यवस्था बच्चों को वित्तीय जिम्मेदारी सिखाने का भी अच्छा माध्यम है। जब युवा अपने खाते को खुद संभालते हैं तो उन्हें निवेश, बचत और धन प्रबंधन की समझ विकसित होती है। यह जीवन कौशल उनके भविष्य में बेहद काम आता है।

पैसा निकालने की सुविधा और शर्तें

सरकार ने इस योजना (NPS Vatsalya Scheme) में पर्याप्त लचीलापन रखा है। हालांकि यह लंबी अवधि की योजना है, लेकिन आपात स्थिति में पैसा निकालने की सुविधा भी उपलब्ध है। खाता खुलने के तीन साल पूरे होने के बाद अगर बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए या किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए पैसे की जरूरत होती है, तो आप जमा राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकते हैं।

यह आंशिक निकासी की सुविधा बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही ऐसे क्षेत्र हैं जहां अचानक बड़ी रकम की जरूरत पड़ सकती है। उदाहरण के लिए, अगर बच्चा विदेश में पढ़ाई करना चाहता है या किसी विशेष पाठ्यक्रम में दाखिला लेना चाहता है, तो यह राशि बहुत काम आ सकती है। इसी तरह अगर बच्चे को कोई गंभीर बीमारी हो जाए तो इलाज के खर्च के लिए यह सुविधा जीवनरक्षक साबित हो सकती है।

NPS Vatsalya Scheme: रिटायरमेंट के समय मिलेगा बड़ा फंड

जब बच्चा 60 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो उसे इस योजना का पूरा लाभ मिलता है। अगर उस समय कुल फंड 2.5 लाख रुपये से अधिक है, तो नियमों के अनुसार 80 प्रतिशत हिस्से से पेंशन खरीदनी होगी। इससे व्यक्ति को जीवन भर नियमित मासिक पेंशन मिलती रहेगी। शेष 20 प्रतिशत राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है, जिसका उपयोग किसी बड़े खर्च के लिए किया जा सकता है।

यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि व्यक्ति के पास रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का स्रोत हो। आज के दौर में जब संयुक्त परिवार की परंपरा कमजोर हो रही है और बुजुर्गों को अपनी देखभाल खुद करनी पड़ती है, ऐसे में यह पेंशन योजना (NPS Vatsalya Scheme) जीवन में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।

कंपाउंडिंग की ताकत समझें

NPS वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya Scheme) की सफलता का राज कंपाउंडिंग में छिपा है। कंपाउंडिंग का मतलब है ब्याज पर ब्याज मिलना। शुरुआती सालों में आपका निवेश धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, वृद्धि की रफ्तार तेज होती जाती है। 40-50 साल की लंबी अवधि में छोटी राशियां भी करोड़ों में बदल जाती हैं।

माता-पिता को चाहिए कि वे जल्द से जल्द अपने बच्चों के लिए यह खाता खोलें। जितनी जल्दी शुरुआत होगी, उतना ही अधिक समय पैसे को बढ़ने के लिए मिलेगा। यह योजना न केवल आर्थिक सुरक्षा देती है बल्कि बच्चों को बचत और निवेश की आदत भी सिखाती है। NPS वात्सल्य योजना सच में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का सबसे अच्छा माध्यम है।

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