National Highways: 28 नेशनल हाईवे से ₹35,000 करोड़ जुटाएगी सरकार, एसेट मोनेटाइजेशन और InvIT मॉडल से इंफ्रा को नई रफ्तार

28 नेशनल हाईवे के एसेट मोनेटाइजेशन से ₹35,000 करोड़ जुटाएगी सरकार, InvIT और TOT मॉडल का इस्तेमाल

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National Highways: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देने का बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। सरकार 28 राष्ट्रीय राजमार्गों की संपत्तियों के मोनेटाइजेशन के जरिए करीब 35,000 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। इन हाईवे की कुल लंबाई 1,800 किलोमीटर से ज्यादा है।

हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा हाईवे इस लिस्ट में शामिल हैं। सरकार इन सड़कों को बेच नहीं रही है, बल्कि एसेट रीसाइक्लिंग मॉडल के तहत प्राइवेट कंपनियों या इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट को ऑपरेट करने का अधिकार देगी। प्राप्त राशि को नए हाईवे प्रोजेक्ट्स में लगाया जाएगा। यह कदम इंफ्रा फंडिंग की कमी को दूर करने और निजी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एसेट मोनेटाइजेशन क्या है और कैसे काम करता है?

एसेट मोनेटाइजेशन सरकारी संपत्तियों से पैसा जुटाने का आधुनिक तरीका है। इसमें सरकार पहले से बने और चालू हाईवे या एक्सप्रेसवे का मालिकाना हक अपने पास रखती है। लेकिन कुछ निश्चित वर्षों (आमतौर पर 15-30 साल) के लिए प्राइवेट ऑपरेटर को टोल वसूली और रखरखाव का अधिकार सौंप देती है।

प्राइवेट कंपनी या ट्रस्ट सरकार को एकमुश्त बड़ी राशि देती है। सरकार इस पैसे को नए प्रोजेक्ट्स में लगाती है। इसे एसेट रीसाइक्लिंग भी कहा जाता है। इस मॉडल का फायदा यह है कि सरकार को बिना नई सड़क बेचे तुरंत पूंजी मिल जाती है और नई इंफ्रा का काम तेज होता है।

InvIT मॉडल: म्यूचुअल फंड जैसा निवेश का नया रूप

NHAI इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए Infrastructure Investment Trust (InvIT) और Toll Operate Transfer (TOT) मॉडल का इस्तेमाल करेगा। InvIT म्यूचुअल फंड की तरह काम करता है। सरकार तैयार हाईवे को एक ट्रस्ट में डालती है। फिर बाजार से निवेशक पैसा लगाते हैं।

निवेशकों को टोल कमाई से नियमित डिविडेंड मिलता है। यह मॉडल आम निवेशकों के लिए भी आकर्षक है क्योंकि इसमें स्थिर आय का विकल्प मिलता है। पिछले वित्त वर्ष में NHAI ने InvIT मॉडल से अच्छी सफलता हासिल की थी।

National Highways: पिछले साल का रिकॉर्ड प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में सड़क परिवहन मंत्रालय ने एसेट मोनेटाइजेशन से 29,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसमें पब्लिक InvIT के जरिए चार राज्यों के 260 किलोमीटर से ज्यादा हाईवे सेक्शन से 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आई थी।

यह आंकड़ा दिखाता है कि मॉडल सफल रहा है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। अब सरकार इस सफलता को और आगे बढ़ाना चाहती है।

28 हाईवे और 1,800 किलोमीटर: कहां-कहां होगा मोनेटाइजेशन?

NHAI ने 28 हाईवे की लिस्ट तैयार की है। हरियाणा में सबसे ज्यादा खंड शामिल हैं, उसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर है। इनमें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसे व्यस्त और कमाई वाले रूट शामिल हो सकते हैं।

कुल 1,800 किलोमीटर से ज्यादा लंबाई वाले इन प्रोजेक्ट्स से 35,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। अगले 3-5 साल में और 1,500 किलोमीटर अतिरिक्त हाईवे को इस मॉडल में शामिल करने की योजना है।

फायदे: नई सड़कें, रोजगार और आर्थिक विकास

एसेट मोनेटाइजेशन से सरकार को तुरंत पूंजी मिलेगी, जिसे नए हाईवे, ब्रिज और एक्सप्रेसवे बनाने में लगाया जाएगा। इससे इंफ्रा विकास तेज होगा। प्राइवेट कंपनियां रखरखाव पर फोकस करेंगी, जिससे सड़कें बेहतर स्थिति में रहेंगी।

निर्माण कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी क्योंकि बेहतर सड़क नेटवर्क माल ढुलाई और पर्यटन को बढ़ावा देगा।

National Highways: चुनौतियां और सावधानियां

मोनेटाइजेशन में कुछ चुनौतियां भी हैं। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अच्छे रिटर्न सुनिश्चित करने होंगे। टोल दरें, ट्रैफिक वॉल्यूम और रखरखाव की जिम्मेदारी साफ होनी चाहिए।

सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जनता पर टोल का बोझ ज्यादा न बढ़े। पारदर्शिता और सख्त निगरानी जरूरी है ताकि प्राइवेट कंपनियां गुणवत्ता से समझौता न करें।

राष्ट्रीय इंफ्रा पाइपलाइन और भविष्य की दिशा

सरकार का लक्ष्य 2025 तक 2 लाख करोड़ रुपये के एसेट मोनेटाइजेशन का है। NHAI का यह प्लान उस बड़ी तस्वीर का हिस्सा है। देश में हाईवे नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है।

2026-27 में भी कई नए प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे। एसेट मोनेटाइजेशन से पुरानी संपत्तियों को नई संपत्तियों में बदलने का चक्र चल रहा है।

National Highways: निवेशकों के लिए अवसर

यह मॉडल पेंशन फंड, इंश्योरेंस कंपनियों और आम निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प है। InvIT में निवेश करके वे स्थिर आय कमा सकते हैं। पिछले सफल InvIT ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।

निष्कर्ष: इंफ्रा विकास की नई राह

NHAI का 35,000 करोड़ रुपये का एसेट मोनेटाइजेशन प्लान देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में नया अध्याय जोड़ने वाला है। 28 हाईवे और 1,800 किलोमीटर से ज्यादा नेटवर्क को कवर करते हुए सरकार न सिर्फ पूंजी जुटा रही है बल्कि निजी क्षेत्र को भी इंफ्रा क्षेत्र में सक्रिय बना रही है।

यह प्लान आर्थिक विकास, रोजगार और बेहतर सड़क नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। आम नागरिकों को लंबे समय में बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। आने वाले दिनों में और अपडेट्स के साथ यह योजना और मजबूत होती नजर आएगी।

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