NEET PG: तीसरे राउंड के लिए घटाया गया कटऑफ, 18 हजार सीटें खाली रहने पर उठाया बड़ा कदम

18 हजार+ PG मेडिकल सीटें खाली रहने पर NBEMS ने लिया बड़ा फैसला:

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NEET PG: देश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय चिकित्सा परीक्षा बोर्ड (NBEMS) ने नीट पीजी (NEET PG) प्रवेश परीक्षा के लिए योग्यता अंकों में भारी कटौती की है। दूसरे चरण की काउंसलिंग के बाद भी जब देशभर में 18 हजार से अधिक पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सीटें खाली रह गईं, तब यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया।

अब सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम अंक 50 प्रतिशत से घटाकर मात्र 7 प्रतिशत कर दिए गए हैं, जबकि आरक्षित श्रेणियों के लिए 40 प्रतिशत के स्थान पर शून्य (0) प्रतिशत कर दिया गया है। यह संशोधन मंगलवार को एनबीईएमएस द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से किया गया।

हजारों सीटें रिक्त रहने से चिंतित प्रशासन

NEET PG
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दूसरे चरण की काउंसलिंग संपन्न होने के बावजूद जब पोस्ट ग्रेजुएट (NEET PG 2026) मेडिकल कोर्सों में 18 हजार से ज्यादा सीटें भरी नहीं जा सकीं, तब प्रशासन को गंभीरता से इस मुद्दे पर विचार करना पड़ा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में सीटों का खाली रहना न केवल शैक्षणिक संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि देश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के प्रयासों को भी कमजोर करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में पहले से ही चिकित्सा विशेषज्ञों की भारी कमी है, खासकर ग्रामीण इलाकों में। ऐसे में जब प्रशिक्षण की सीटें खाली रह जाती हैं, तो यह समस्या और बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए योग्यता अंकों में यह बड़ी कटौती की गई है ताकि सीटों का अधिकतम उपयोग हो सके।

NEET PG 2026: सामान्य और आरक्षित वर्ग के लिए नए मानदंड

नए निर्देशों के अनुसार, योग्यता के मानदंडों में निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:

श्रेणी पुराना कटऑफ (Percentile) नया कटऑफ (Percentile)
सामान्य (General) 50% 7%
आरक्षित (SC/ST/OBC) 40% 0%
दिव्यांग (PwD) 45% 2%

इसका मतलब यह है कि अब आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को काउंसलिंग में भाग लेने के लिए किसी न्यूनतम अंक की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, सीटों का आवंटन पूरी तरह से रैंक और मेरिट के आधार पर ही होगा।

NEET PG 2026: योग्यता आधारित प्रवेश की व्यवस्था बरकरार

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि न्यूनतम अंकों में कटौती का यह मतलब नहीं है कि शैक्षणिक मानकों से समझौता किया जा रहा है।

  • पारदर्शी प्रक्रिया: प्रवेश पूरी तरह योग्यता के आधार पर होंगे और केंद्रीकृत काउंसलिंग के माध्यम से ही सीटें आवंटित की जाएंगी।

  • मेरिट लिस्ट: जिन उम्मीदवारों की रैंक अच्छी होगी, उन्हें उनकी पसंद के अनुसार सीटें पहले मिलेंगी।

  • समान प्रशिक्षण: सभी छात्रों को उसी मानक पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण से गुजरना होगा जो पहले से निर्धारित है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की मांग पर कार्रवाई

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 12 जनवरी को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय चिकित्सा परीक्षा बोर्ड से योग्यता कटऑफ (NEET PG 2026) में संशोधन का अनुरोध किया था। आईएमए ने तर्क दिया था कि अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है, ऐसे में योग्य एमबीबीएस डॉक्टरों को विशेषज्ञता प्राप्त करने का मौका मिलना चाहिए ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिले। एनबीईएमएस ने इस मांग को स्वीकार करते हुए तीसरे चरण के लिए यह राहत प्रदान की है।

NEET PG 2026: तीसरे चरण की काउंसलिंग की तैयारी

तीसरे चरण की काउंसलिंग के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिन उम्मीदवारों ने नीट पीजी परीक्षा (NEET PG 2026) दी थी, लेकिन पहले योग्यता अंकों की कमी के कारण बाहर थे, वे अब इस चरण में आवेदन कर सकेंगे।

उम्मीदवारों के लिए निर्देश:

  1. एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित अपडेट चेक करें।

  2. तीसरे राउंड के लिए चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

  3. रैंक और कॉलेज की पसंद के आधार पर ऑनलाइन आवंटन किया जाएगा।

यह कदम मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जो देश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने में मददगार साबित होगा।

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