Mumbai FDA Action: 5 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड, ₹15.15 लाख का संदिग्ध घी जब्त

गंदगी और बिना लाइसेंस कारोबार पर कार्रवाई, मलाड में 2,464 किलो संदिग्ध सामग्री जब्त

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Mumbai FDA Action: आगामी त्योहारी मौसम के दृष्टिगत आम नागरिकों के स्वास्थ्य और खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मुंबई महानगर में व्यापक और आक्रामक कार्रवाई प्रारंभ की है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत विभाग ने नियमों का खुला उल्लंघन करने वाले शहर के पांच प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों और रेस्तरांओं के लाइसेंस व पंजीकरण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

अधिकारियों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान कहीं रेस्तरां की रसोई में गंभीर अस्वच्छता, कीड़े-मकोड़े और दूषित बर्फ पाई गई, तो कहीं बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस के धड़ल्ले से कारोबार संचालित होता मिला। इस संपूर्ण कार्रवाई में सबसे गंभीर और चौंकाने वाला मामला मलाड ईस्ट स्थित गुरुकृपा डेयरी प्रोडक्ट्स से सामने आया है, जहां सूरजमुखी तेल और वनस्पति मिलाकर कथित पूजा घी के नाम पर बड़े पैमाने पर मिलावटी घी तैयार किया जा रहा था। प्रशासन ने मौके से 15 लाख रुपये से अधिक मूल्य का मिलावटी घी, रासायनिक उत्पाद और उपकरण जब्त करते हुए संबंधित संचालकों के विरुद्ध विधिक प्रक्रिया तेज कर दी है।

Mumbai FDA Action: महालक्ष्मी रेसकोर्स के प्रतिष्ठित गैलप्स रेस्तरां में मिलीं चौंकाने वाली कमियां

एफडीए के उड़नदस्ते द्वारा किए गए निरीक्षण में दक्षिण मुंबई के पॉश इलाके महालक्ष्मी रेसकोर्स स्थित बीजेआरएस यानी विख्यात ‘गैलप्स रेस्तरां’ (Gallops Restaurant) की रसोई में खाद्य सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी उजागर हुई है। विभागीय जांच रिपोर्ट के अनुसार रेस्तरां के रेफ्रिजरेटर में रखी बर्फ के ऊपर मांसाहारी खाद्य पदार्थों से रिसने वाले खून और टोमैटो केचप के स्पष्ट धब्बे पाए गए, जो सीधे तौर पर क्रॉस-कंटेमिनेशन और गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

इसके अतिरिक्त रसोई की दीवारों पर वर्षों से जमी ग्रीस व कालिख, टूटी-फूटी जल निकासी व्यवस्था, फर्श पर जमा गंदा पानी और परिसर के भीतर कॉकरोच व चींटियों का खुला विचरण दर्ज किया गया। खाद्य पदार्थों को तैयार करने और परोसने वाले कर्मचारियों के अनिवार्य वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण तथा टीकाकरण का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड प्रबंधन प्रस्तुत नहीं कर सका। खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियमों की अनुसूची 4 के इन गंभीर उल्लंघनों को देखते हुए प्रशासन ने जनहित में गैलप्स रेस्तरां का खाद्य संचालन लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

गुफरान सीख कॉर्नर के पास नहीं मिला वैध लाइसेंस, कारोबार पूरी तरह बंद

पश्चिमी उपनगर वर्सोवा के यारी रोड स्थित प्रसिद्ध नॉन-वेज आउटलेट ‘गुफरान सीख कॉर्नर’ पर जब खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने छापा मारा, तो संचालक के पास भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का कोई वैध लाइसेंस अथवा आवश्यक पंजीकरण ही उपलब्ध नहीं पाया गया। बिना किसी विधिक अनुमति के खुलेआम खाद्य सामग्री तैयार कर बेची जा रही थी।

लाइसेंस के अभाव के साथ-साथ प्रतिष्ठान में खाद्य संरक्षण की बुनियादी व्यवस्था पूरी तरह नदारद मिली। कच्चे और पके हुए मांसाहारी भोजन को बिना किसी उचित तापमान नियंत्रण के एक साथ रखा गया था। बर्तनों की सफाई, कीट नियंत्रण और खाना पकाने में प्रयुक्त होने वाले पेयजल की गुणवत्ता की जांच का कोई प्रमाण मौजूद नहीं था। एफडीए ने कड़ा रुख अपनाते हुए गुफरान सीख कॉर्नर को तत्काल प्रभाव से शटर गिराने और कारोबार पूरी तरह बंद करने का आदेश जारी किया है। स्पष्ट किया गया है कि अनिवार्य अनुमतियां प्राप्त करने और स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम होने तक इसे दोबारा संचालित नहीं करने दिया जाएगा।

बांद्रा वेस्ट के ड्रीमर हॉस्पिटैलिटी और मिरारी रेस्तरां पर भी गिरी गाज

बांद्रा वेस्ट स्थित ‘ड्रीमर हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड’ और इसी संभाग में स्थित प्रीमियम आउटलेट ‘मिरारी’ के खिलाफ भी एफडीए ने निलंबन की सख्त कार्रवाई की है। दोनों ही प्रतिष्ठानों में खाद्य स्वच्छता, स्वास्थ्य मानकों और भंडारण प्रोटोकॉल की अनदेखी पाई गई।

खाद्य सुरक्षा विनियमों की अनुसूची 4 (Schedule 4) किसी भी वाणिज्यिक रसोई के लिए स्वच्छ वातावरण, वायु संचार, कचरा प्रबंधन और व्यक्तिगत स्वच्छता के अनिवार्य मानक निर्धारित करती है। मिरारी और ड्रीमर हॉस्पिटैलिटी दोनों में ही इन वैधानिक दिशानिर्देशों का उल्लंघन पाया गया, जिसके चलते इनके लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल आलीशान बैठने की व्यवस्था या बाह्य साज-सज्जा पर्याप्त नहीं है; बैक-एंड रसोई की शुद्धता ही ग्राहक सुरक्षा का मुख्य आधार है।

मलाड में मिलावटी घी का बड़ा भंडाफोड़: रिफाइंड तेल और वनस्पति का खतरनाक खेल

इस अभियान का सबसे सनसनीखेज मामला मलाड ईस्ट स्थित ‘गुरुकृपा डेयरी प्रोडक्ट्स’ में पकड़ा गया। एफडीए की खुफिया शाखा को सूचना मिली थी कि इस विनिर्माण इकाई में खाद्य घी के नाम पर मिलावट का एक संगठित सिंडिकेट चलाया जा रहा है। छापे के दौरान अधिकारियों ने पाया कि अत्यधिक मुनाफे के लालच में रिफाइंड सूरजमुखी तेल और घटिया वनस्पति घी को ब्रांडेड शुद्ध घी के साथ एक निश्चित अनुपात में मिश्रित किया जा रहा था।

इस मिश्रण को बॉयलरों में खौलाकर सफेद और पीले रंग का ऐसा उत्पाद तैयार किया जाता था जो देखने और सुगंध में हुबहू शुद्ध देसी घी जैसा प्रतीत होता था। इस कृत्रिम उत्पाद को डिब्बों में पैक करके बहुत बारीक अक्षरों में “पूजा घी” लिखकर बाजार में उतारा जा रहा था, ताकि सामान्य ग्राहक धोखे से इसे खाद्य उपयोग के लिए खरीद लें। इस प्रकार धार्मिक आस्था की आड़ में आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। इसके साथ ही विनिर्माण इकाई के भीतर चूहों और कॉकरोचों की भरमार पाई गई।

2,464 किलो संदिग्ध सामग्री और भारी मशीनरी जब्त: कुल मूल्य 15.15 लाख रुपये

गुरुकृपा डेयरी प्रोडक्ट्स से एफडीए की टीम ने बड़े पैमाने पर मिलावटी स्टॉक और उपकरण बरामद किए हैं। जब्ती सूची के अनुसार कुल 2,464.05 किलोग्राम संदिग्ध व भ्रामक लेबल वाला मिलावटी घी, रिफाइंड सूरजमुखी तेल और वनस्पति का भंडार सील किया गया है, जिसका बाजार मूल्य लगभग 13.55 लाख रुपये आंका गया है।

इसके अतिरिक्त मिलावट प्रक्रिया में प्रयुक्त किए जा रहे दो विशाल औद्योगिक बॉयलर और एक खोया मेकिंग मशीन को भी भौतिक रूप से जब्त कर लिया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 1.60 लाख रुपये है। इस प्रकार कुल 15.15 लाख रुपये की संपत्ति और सामग्री को कानूनी अभिरक्षा में लिया गया है। बरामद नमूनों को परीक्षण के लिए शासकीय खाद्य प्रयोगशाला में भेजा गया है, जिसकी रासायनिक रिपोर्ट आने के उपरांत संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में आपराधिक अभियोजन दायर किया जाएगा।

त्योहारों के दृष्टिगत प्रशासन का सघन अभियान और हेल्पलाइन जारी

गणेशोत्सव के समापन और आगामी नवरात्रि, करवाचौथ व दीपावली के आगमन के साथ ही बाजार में खोया, मावा, घी, पनीर और मिठाइयों की मांग में कई गुना वृद्धि हो जाती है। इसी मांग का अनुचित लाभ उठाने के लिए असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। महाराष्ट्र एफडीए ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मिलावटखोरों और अस्वच्छ माहौल में खाना बनाने वाले होटलों के विरुद्ध यह दंडात्मक अभियान पूरे राज्य में निरंतर जारी रहेगा।

विभाग ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने का आह्वान किया है। किसी भी खाद्य उत्पाद पर अस्पष्ट लेबलिंग, असामान्य स्वाद या मिलावट की आशंका होने पर उपभोक्ता महाराष्ट्र एफडीए के टोल-फ्री नंबर 1800222365 पर सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार के ऑनलाइन ‘फूड एंड ड्रग ग्रीवेंस पोर्टल’ के माध्यम से भी डिजिटल शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं, जिस पर त्वरित जांच दल गठित करने का प्रावधान किया गया है।

Mumbai FDA Action: निष्कर्ष

मुंबई के पांच प्रमुख प्रतिष्ठानों पर की गई यह कठोर कार्रवाई खाद्य सुरक्षा तंत्र की बढ़ती सजगता को रेखांकित करती है। चाहे वह महालक्ष्मी का कोई हाई-प्रोफाइल डाइनिंग रेस्तरां हो या मलाड की कोई डेयरी निर्माण इकाई, जनस्वास्थ्य के साथ समझौता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। त्योहारी खुशियों के बीच उपभोक्ताओं का यह मौलिक अधिकार है कि उन्हें सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री प्राप्त हो। एफडीए की इस मुहिम से जहां लापरवाह खाद्य कारोबारियों को सख्त संदेश गया है, वहीं मिलावटखोरी के संगठित नेटवर्क पर भी प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक ठोस आधार तैयार हुआ है।

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