Meerut Crime News: मेरठ में ट्यूशन टीचर पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, परिवार समेत केस दर्ज

Meerut Crime News: मेरठ में ट्यूशन टीचर पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, परिवार समेत केस दर्ज

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Meerut Crime News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नौचंदी थाना क्षेत्र में एक ट्यूशन शिक्षक पर 16 साल की छात्रा के साथ दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। इंटरमीडिएट की यह छात्रा करीब एक साल से उसके यहां पढ़ने जाती थी। आरोप यह भी है कि शिक्षक ने वीडियो वायरल करने का डर दिखाकर कई लाख रुपये वसूले। पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान गोपनीय रखी गई है।

Meerut Crime News: यह मामला क्या है और शिकायत में क्या कहा गया है?

शिकायत के मुताबिक कक्षा 12 में पढ़ने वाली किशोरी पिछले करीब एक वर्ष से आरोपी शिक्षक के पास ट्यूशन ले रही थी। पिता का आरोप है कि इसी अवधि में शिक्षक ने उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर डराया गया और कई लाख रुपये ऐंठ लिए गए।

पिता ने अपनी तहरीर में शिक्षक के साथ उसकी मां, बहन और बहनोई को भी नामजद किया है। उनका आरोप है कि ये लोग भी कथित साजिश में शामिल थे। यह सभी बातें फिलहाल शिकायतकर्ता के आरोप हैं। इनकी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

परिवार को इस कथित घटना की जानकारी कब और कैसे मिली?

पिता के अनुसार चार महीने पहले उनकी बेटी अचानक चुप-चुप रहने लगी थी। पूछने पर उसने तबीयत ठीक न होने की बात कहकर टाल दिया। परिवार ने तब इसे सामान्य परेशानी समझा।

असली मोड़ 27 सितंबर की शाम आया। पिता का कहना है कि उस दिन उनके घर एक लिफाफा पहुंचा। उसमें आरोपी शिक्षक और उनकी बेटी के नाम का विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र तथा शादी से जुड़े अन्य कागज थे। इन दस्तावेजों को देखकर परिवार सन्न रह गया। पूछताछ के बाद उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली और उन्होंने पुलिस के पास जाने का फैसला किया। ध्यान रहे कि लिफाफा किसने भेजा और दस्तावेज कितने वैध हैं, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इसकी भी जांच कर सकती है।

पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?

पिता की तहरीर के आधार पर नौचंदी पुलिस ने शिक्षक और उसके परिजनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।

जांच में पुलिस आमतौर पर शिकायत में बताई गई घटनाओं का क्रम, कथित लेन-देन, मोबाइल या डिजिटल सबूत और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल करती है। पीड़िता का बयान भी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज कराया जाता है। इस मामले में कौन-सी कार्रवाई हुई, इसका ब्योरा पुलिस की ओर से आगे साझा किया जा सकता है।

नाबालिग से जुड़े ऐसे मामलों में कानून क्या कहता है?

भारत में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ यौन अपराध के मामले सामान्यतः पॉक्सो कानून के दायरे में आते हैं। इसमें सख्त सजा का प्रावधान है। साथ ही यौन हिंसा की पीड़िता का नाम, पता, फोटो या कोई भी पहचान उजागर करना कानूनन प्रतिबंधित है। इसी कारण इस खबर में पीड़िता से जुड़ी कोई पहचान नहीं दी गई है।

धमकाकर पैसे वसूलने जैसे आरोप अलग कानूनी धाराओं के तहत देखे जाते हैं। इस केस में कौन-सी धाराएं लगाई गई हैं, इसकी पुष्टि एफआईआर की प्रति या पुलिस के बयान से ही हो सकेगी। फिलहाल आरोपी निर्दोष माने जाएंगे जब तक अदालत में दोष सिद्ध न हो।

माता-पिता और अभिभावकों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

ऐसी घटनाएं अभिभावकों के लिए सीख भी हैं। विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि बच्चों से रोज खुलकर बात करें, ताकि वे बिना डर के अपनी परेशानी बता सकें। अगर बच्चा अचानक गुमसुम हो जाए, पढ़ाई से जी चुराने लगे या किसी खास व्यक्ति के पास जाने से कतराए, तो इसे हल्के में न लें।

ट्यूशन या कोचिंग चुनते समय संस्थान या शिक्षक की पृष्ठभूमि जरूर जांचें और समय-समय पर वहां जाकर देखें। बच्चों को “गुड टच, बैड टच” और किसी भी धमकी की स्थिति में तुरंत घर पर बताने की सीख दें। किसी भी संदिग्ध स्थिति में चाइल्डलाइन 1098 या पुलिस हेल्पलाइन 112 पर संपर्क किया जा सकता है।

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