Maharashtra Politics: महाराष्ट्र MLC चुनाव का एलान, 12 मई को 9 सीटों पर वोटिंग, क्या सुरक्षित रहेगी उद्धव ठाकरे की सीट? 23 अप्रैल से नामांकन का आगाज

महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों पर 12 मई को चुनाव, उद्धव ठाकरे की दावेदारी पर सबकी नजर

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Maharashtra Politics: महाराष्ट्र विधानसभा परिषद की 9 रिक्त सीटों के लिए चुनाव की घोषणा कर दी गई है। मतदान 12 मई 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। नामांकन प्रक्रिया 23 अप्रैल से शुरू होगी और पर्चा दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल है। उम्मीदवार 4 मई तक नामांकन वापस ले सकेंगे। 12 मई को ही मतगणना होगी।

किन सदस्यों की सीटें होंगी खाली?

13 मई 2026 को जिन 9 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें उद्धव ठाकरे (शिवसेना उबाठा), शशिकांत शिंदे (एनसीपी शरद पवार), अमोल मिटकरी (एनसीपी अजीत गुट), संजय केनेकर, नीलम दिवाकर, संदीप जोशी, दादा केचे, रणजीत मोहिते-पाटिल और राजेश राठौड़ शामिल हैं। इन सीटों पर चुनाव होने से महाराष्ट्र की सियासत में नई हलचल शुरू हो गई है।

उद्धव ठाकरे: दोबारा परिषद पहुंचने की चुनौती

शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे विधानसभा परिषद के सदस्य हैं। उनका कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो रहा है। शिवसेना (उबाठा) के पास महाराष्ट्र विधानसभा में 21 विधायक हैं। कांग्रेस के 16 और एनसीपी (शरद पवार) के 10 विधायक हैं। अन्य के खाते में 12 सीटें हैं। कुल मिलाकर विपक्ष के पास लगभग 59 विधायक हैं।

भाजपा के पास 132, शिंदे गुट के पास 56 और अजीत पवार गुट के पास 41 विधायक हैं। बहुमत के लिए 137 वोटों की जरूरत है। उद्धव ठाकरे को फिर से MLC बनने के लिए विपक्षी दलों का समर्थन चाहिए। विपक्ष के पास एक सीट जीतने की क्षमता है, लेकिन उद्धव ठाकरे की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।

चुनावी कार्यक्रम: महत्वपूर्ण तारीखों का पूरा विवरण

  • नामांकन दाखिल करने की शुरुआत: 23 अप्रैल 2026

  • नामांकन वापसी की अंतिम तारीख: 4 मई 2026

  • मतदान: 12 मई 2026 (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)

  • मतगणना: 12 मई 2026 शाम 5 बजे से

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान और मतगणना एक ही दिन होगी।

विधायक संख्या: सदन में मौजूदा सियासी समीकरण

महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सदस्य हैं। भाजपा और सहयोगी दलों के पास बहुमत है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा), कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी अपने बल पर एक भी सीट जीतने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में विपक्ष को गठबंधन की जरूरत पड़ेगी।

भाजपा का दावा है कि उनके पास स्पष्ट बहुमत है, इसलिए वे महापौर पद पर कब्जा करने की कोशिश करेंगे। वहीं विपक्ष का कहना है कि वे भाजपा के बहुमत को चुनौती देंगे।

बीता घटनाक्रम: पिछले चुनावों का संक्षिप्त अनुभव

पिछले साल कुछ चुनावों में AAP ने बहिष्कार किया था। उस समय विवाद हुआ था। इस बार दोनों प्रमुख दल सतर्क हैं और कोई भी पक्ष बहिष्कार नहीं करना चाहता। चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हो, इसके लिए प्रशासन तैयार है।

टिकट की रेस: उम्मीदवारों की बढ़ती तैयारियां

भाजपा और विपक्षी दल दोनों ही उम्मीदवारों को लेकर बैठकें कर रहे हैं। भाजपा में अनुभवी पार्षदों को प्राथमिकता दी जा रही है। विपक्ष भी मजबूत चेहरे को मैदान में उतारने की योजना बना रहा है। नामांकन शुरू होते ही तस्वीर साफ हो जाएगी।

दूरगामी परिणाम: महाराष्ट्र की राजनीति पर असर

यह चुनाव महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति को नई दिशा दे सकता है। भाजपा के बहुमत में महापौर बनने पर विकास कार्य तेज हो सकते हैं। विपक्ष अगर चुनौती देता है तो सियासी बहस बढ़ेगी।

प्रशासनिक सतर्कता: सुरक्षा और पुख्ता व्यवस्था

चुनाव को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। नामांकन और मतदान के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। कोई भी अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस अलर्ट है।

Maharashtra Politics: निष्कर्ष

महाराष्ट्र विधानसभा परिषद की 9 सीटों पर 12 मई को मतदान होगा। नामांकन 23 अप्रैल से शुरू होगा। उद्धव ठाकरे समेत कई प्रमुख नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। भाजपा बहुमत के दम पर दावा कर रही है, जबकि विपक्ष विरोध में सक्रिय है।

यह चुनाव महाराष्ट्र की सियासत में नया मोड़ ला सकता है। सभी दलों से अपील है कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हो।

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