महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में सत्ता की जंग, कल मतदान, परसों नतीजे, जानें किस शहर में किसकी बल्ले बल्ले
15 जनवरी को 29 महानगरपालिकाओं में मतदान, 16 जनवरी को गिनती
Mahapalika Election 2026: महाराष्ट्र के 29 शहरी निकायों में बुधवार 15 जनवरी को मतदान होने जा रहा है। यह चुनाव महज नगर पालिकाओं की सत्ता के लिए नहीं बल्कि अगले तीन सालों की राजनीतिक दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। राजनीतिक जानकार इसे 2029 के विधानसभा चुनाव की पूर्व पीठिका मान रहे हैं। गुरुवार 16 जनवरी को वोटों की गिनती होगी और शहरी इलाकों में किसका जनाधार मजबूत है यह स्पष्ट हो जाएगा। कई नगर निगम पिछले काफी समय से प्रशासक के अधीन चल रहे थे इसलिए बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में जनता पहली बार अपनी पसंद जाहिर करने वाली है।
नए गठजोड़ और बदली राजनीति
प्रदेश में इस समय एक तरफ महायुति का गठबंधन है जिसमें भारतीय जनता पार्टी एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस शामिल हैं। दूसरी तरफ महाविकास आघाड़ी खड़ी है जिसमें कांग्रेस उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस एकजुट हैं। इनके अलावा राज मनसे AIMIM वंचित बहुजन आघाड़ी और स्थानीय संगठन कई जगहों पर निर्णायक साबित हो सकते हैं। आइए प्रमुख शहरों की स्थिति पर नजर डालते हैं।
Mahapalika Election 2026: देश के सबसे अमीर नगर निगम मुंबई का संघर्ष
मुंबई महानगरपालिका देश का सबसे धनी शहरी निकाय है जहां कुल 227 वार्डों में चुनाव (Mahapalika Election 2026) होना है। पिछली बार उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यहां सत्ता में थी। इस बार मुकाबला कई कोणों से हो रहा है।
भाजपा ने 136 वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं हालांकि दो जगह नामांकन खारिज होने से यह संख्या 134 रह गई है। शिंदे गुट 91 वार्डों में चुनाव लड़ रहा है। दूसरी ओर उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने 163 मनसे ने 53 और शरद पवार के राष्ट्रवादी ने 11 वार्डों में उम्मीदवार खड़े किए हैं। कांग्रेस ने 143 वंचित ने 50 और रिपब्लिकन पार्टी ने 5 वार्डों में अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस 96 वार्डों में संघर्ष कर रही है। मुंबई का परिणाम पूरे प्रदेश की राजनीति को प्रभावित करेगा।
ठाणे में शिंदे की प्रतिष्ठा दांव पर
ठाणे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गृह क्षेत्र माना जाता है। यहां कुल 131 वार्ड हैं। भाजपा ने 40 और शिवसेना शिंदे गुट ने 87 वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं। विपक्ष में शिवसेना उद्धव ठाकरे 62 मनसे 28 और शरद पवार गुट 41 वार्डों में लड़ रहा है। कांग्रेस ने 95 वंचित ने 60 और अजित पवार गुट ने 75 वार्डों में अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। यहां का नतीजा शिंदे की लोकप्रियता की परीक्षा होगा।
कल्याण डोंबिवली में पहले ही 20 सीटें तय
कल्याण डोंबिवली की कुल 122 सीटों में से 20 सीटों पर बिना मुकाबले के चुनाव (Mahapalika Election 2026) हो गया है। इनमें भाजपा को 14 और शिंदे गुट को 6 सीटें मिली हैं। बाकी सीटों पर शिंदे शिवसेना 62 और भाजपा 40 वार्डों में चुनाव लड़ रही है। उद्धव गुट 53 और मनसे 35 वार्डों में मैदान में है। कांग्रेस 52 वंचित 15 और शरद पवार गुट 33 वार्डों में संघर्ष कर रहा है।
पुणे और पिंपरी चिंचवड में भाजपा का दबदबा

पश्चिमी महाराष्ट्र के इन दोनों शहरों में भाजपा की मजबूत (Mahapalika Election 2026) पकड़ रही है। पुणे में कुल 165 वार्ड हैं जिनमें भाजपा ने सभी वार्डों में उम्मीदवार खड़े किए हैं। शिंदे गुट 125 वार्डों में चुनाव लड़ रहा है। विपक्ष में कांग्रेस 98 मनसे 125 और शिवसेना उद्धव गुट कुछ वार्डों में संघर्ष कर रहा है। अजित पवार की पार्टी 122 और शरद पवार गुट 43 वार्डों में चुनाव लड़ रहा है।
पिंपरी चिंचवड में 128 वार्डों में से भाजपा 123 और आरपीआई 5 वार्डों में मैदान में है। भाजपा के दो उम्मीदवार पहले ही बिना चुनाव जीत गए हैं। अजित पवार गुट 118 और शरद पवार गुट 11 वार्डों में संघर्ष कर रहा है। यहां कुछ जगह दोनों राष्ट्रवादी गुटों के बीच सीधा मुकाबला भी है।
Mahapalika Election 2026: विदर्भ की राजधानी नागपुर में तिकोना संघर्ष
नागपुर (Mahapalika Election 2026) में कुल 151 वार्ड हैं जहां भाजपा का परंपरागत वर्चस्व रहा है। भाजपा ने 143 और शिंदे शिवसेना ने 8 वार्डों में उम्मीदवार उतारे हैं। कांग्रेस ने सभी 151 वार्डों में अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं। अजित पवार गुट 96 शिवसेना उद्धव गुट 56 मनसे 22 और शरद पवार गुट 79 वार्डों में चुनाव लड़ रहा है। नागपुर का नतीजा विदर्भ में राजनीतिक समीकरण समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
संभाजीनगर में ओवैसी की पार्टी का दबदबा
छत्रपति संभाजीनगर जिसे पहले औरंगाबाद कहा जाता था वहां 115 वार्डों में AIMIM एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरी है। भाजपा 92 शिवसेना उद्धव गुट 95 शिंदे गुट 96 कांग्रेस 71 अजित पवार गुट 75 और शरद पवार गुट 23 वार्डों में मैदान में हैं। AIMIM ने 47 वार्डों में उम्मीदवार उतारे हैं और वंचित 61 वार्डों में चुनाव लड़ रही है। यहां का मुकाबला बहुआयामी है।
Mahapalika Election 2026: मालेगांव में मुस्लिम वोट बैंक की अहमियत
मालेगांव की 84 सीटों में मुस्लिम बहुल आबादी के कारण AIMIM सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है। ओवैसी की पार्टी ने 57 वार्डों में प्रत्याशी खड़े किए हैं। इस्लाम पार्टी 47 और समाजवादी पार्टी 20 वार्डों में चुनाव लड़ रही है। भाजपा 25 शिंदे गुट 24 और अजित पवार गुट 5 वार्डों में संघर्ष कर रहा है। उद्धव गुट 11 शरद पवार गुट 12 कांग्रेस 22 और वंचित 4 वार्डों में मैदान में है।
2029 की तस्वीर साफ होगी
भाजपा शहरी इलाकों में अपनी मजबूती बरकरार रखने के प्रयास में जुटी है। शिवसेना उद्धव गुट मुंबई ठाणे क्षेत्र में अपना जनाधार बचाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस को विदर्भ और मराठवाड़ा से पुनरुत्थान की आशा है। AIMIM और वंचित कई शहरों में सत्ता निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
ये 29 नगर निकाय चुनाव सिर्फ स्थानीय प्रशासन का भविष्य तय नहीं करेंगे बल्कि आगामी तीन वर्षों में महाराष्ट्र की राजनीति किस दिशा में बढ़ेगी यह भी स्पष्ट करेंगे। क्या भाजपा शहरी महाराष्ट्र पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगी या महाविकास आघाड़ी नया संदेश देगी या फिर क्षेत्रीय शक्तियां सत्ता के समीकरण बदल देंगी इन सभी प्रश्नों के उत्तर गुरुवार को मिलने वाले हैं। नतीजे महाराष्ट्र की राजनीति की नई इबारत लिखेंगे।
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