LPU Campus News: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से 14 हजार छात्र घर लौटे, वॉकी-टॉकी वाले 5 संदिग्ध निकले सेना के अधिकारी
हिंसक प्रदर्शन के बाद LPU में 10 दिन कक्षाएं बंद, वॉकी-टॉकी वाले पांच लोग सेना से जुड़े मिले
LPU Campus News: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) परिसर में सप्ताहांत पर हुए उग्र प्रदर्शन, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद सोमवार को कैंपस में तनावपूर्ण शांति देखी गई। रविवार को हुए उपद्रव के दौरान विश्वविद्यालय की संपत्तियों को क्षति पहुंचाई गई थी, वाहनों को आग के हवाले किया गया था और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर यातायात भी बाधित हुआ था। सुरक्षा और शांति व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 28 सितंबर से आगामी 10 दिनों के लिए सभी शैक्षणिक गतिविधियों और नियमित कक्षाओं को स्थगित करने का आदेश जारी किया है, जिसके बाद देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों छात्र-छात्राएं हॉस्टल छोड़कर अपने गृह नगरों के लिए रवाना हो गए हैं।
LPU Campus News: 14 हजार से अधिक छात्रों का पलायन और परीक्षाएं स्थगित
प्रशासन द्वारा कक्षाएं बंद किए जाने और तनावपूर्ण माहौल के चलते कैंपस में मौजूद लगभग 40 हजार विद्यार्थियों में से आधे से अधिक अपने परिजनों के साथ घर लौट चुके हैं। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला के अनुसार, अब तक 14 हजार से अधिक छात्र औपचारिक रूप से कैंपस खाली कर चुके हैं। पंजाब के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में अभिभावक स्वयं अपने निजी वाहनों से बच्चों को सुरक्षित ले जाने के लिए फगवाड़ा पहुंचे।
सुरक्षा और व्यवस्थागत कारणों से कैंपस के भीतर इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से प्रभावित रही हैं, जिसके चलते विद्यार्थियों को डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री जुटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय प्रशासन ने 1 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली सभी मिड-टर्म परीक्षाओं को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है, जिनकी नई समय-सारिणी स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के उपरांत घोषित की जाएगी।
वॉकी-टॉकी वाले पांच व्यक्तियों पर पुलिस का बड़ा खुलासा
रविवार के हंगामे के दौरान कैंपस के भीतर वॉकी-टॉकी वायरलेस सेट के साथ घूम रहे पांच अज्ञात व्यक्तियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर घुसपैठ और बाहरी उपद्रवियों को लेकर तरह-तरह की भ्रामक अटकलें शुरू हो गई थीं। हालांकि पुलिस ने सघन पूछताछ और आधिकारिक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
डीआईजी नवीन सिंगला ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि हिरासत में लिए गए पांचों व्यक्ति भारतीय सेना और पैराशूट रेजिमेंट की स्पेशल फोर्सेज बटालियन से जुड़े सेवारत सैन्य अधिकारी थे। जांच में यह सिद्ध हुआ कि वे किसी दुर्भावना या उपद्रव के उद्देश्य से नहीं, बल्कि कैंपस में मचे बवाल की सूचना पाकर वहां पढ़ रहे अपने बच्चों और परिचितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पहुंचे थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी तरह के असामाजिक तत्व या घुसपैठिए नहीं पाए गए हैं।
कथित घटना और हिंसा के कारणों की जांच हेतु एसआईटी गठित
विश्वविद्यालय में तनाव की शुरुआत 26 और 27 सितंबर की मध्यरात्रि को एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ी बातों और सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं के बाद हुई थी, जिसने देखते ही देखते उग्र प्रदर्शन का रूप ले लिया था। जहां एलपीयू प्रबंधन ने इस कथित घटना को सिरे से खारिज करते हुए इसे आधारहीन अफवाह करार दिया है, वहीं पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध दंगा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मामले की गहराई से तहकीकात करने के लिए पंजाब पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों, साइबर विशेषज्ञों और फोरेंसिक विश्लेषकों की एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। एसआईटी की टीम सीसीटीवी कैमरों के फुटेज, मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट्स की तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि भीड़ को किसने उकसाया और तोड़फोड़ में कौन-कौन से बाहरी तत्व शामिल थे।
डीजीपी गौरव यादव का दौरा और छात्रों की मांगों पर संवाद
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने सोमवार को स्वयं एलपीयू परिसर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल ने अत्यधिक संयम का परिचय देते हुए छात्रों पर किसी भी प्रकार के कठोर बल प्रयोग से परहेज किया और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने का प्रयास किया। डीजीपी ने आम जनता और विद्यार्थियों से किसी भी असत्यापित वीडियो या अफवाह पर विश्वास न करने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता में विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रशासनिक अधिकारियों और छात्र प्रतिनिधियों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक भी संपन्न हुई। बैठक में छात्र प्रतिनिधियों ने महिला हॉस्टलों में शत-प्रतिशत महिला कर्मचारियों की तैनाती, सुरक्षा तंत्र में संरचनात्मक बदलाव और छात्रावास प्रशासन से जुड़ी अपनी प्रमुख मांगों को प्रबंधन के समक्ष रखा है, जिस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
LPU Campus News: शांति बहाली की ओर कैंपस, जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
वर्तमान समय में एलपीयू परिसर पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। हॉस्टल में रुकने वाले शेष छात्रों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी गई है।
सेना के अधिकारियों को लेकर फैली भ्रांतियां दूर होने के बाद अब मुख्य ध्यान एसआईटी की जांच पर केंद्रित है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि हिंसा की वास्तविक पृष्ठभूमि क्या थी और अफवाहें किस सुनियोजित तरीके से फैलाई गईं। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य 10 दिनों की इस अवकाश अवधि में सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर शैक्षणिक वातावरण को पुनः पटरी पर लाना है।
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