JPSC Exam Cancellation 2026: झारखंड विधानसभा में हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, 14वीं JPSC समेत दो बैकलॉग परीक्षाएं रद्द

JPSC Exam Cancellation 2026: झारखंड विधानसभा में सीएम हेमंत सोरेन ने 14वीं JPSC और दो बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की, TDPL परीक्षा की जांच का भी ऐलान।

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JPSC Exam Cancellation 2026: झारखंड विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JPSC परीक्षाओं को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण ऐलान किया। सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चौदहवीं JPSC परीक्षा को पूरी तरह रद्द किया जाएगा, साथ ही दो बैकलॉग JPSC परीक्षाओं को भी निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा उन्होंने TDPL के माध्यम से कराई गई परीक्षा की भी जांच कराने की घोषणा की। यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब राज्य में परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है और विधानसभा में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी है।

JPSC Exam Cancellation 2026: छात्रों से बातचीत पर सरकार का गंभीर रुख

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में बताया कि छात्र प्रतिनिधिमंडल और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत में जो अहम मुद्दे सामने आए, उन पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की परेशानियों को भलीभांति समझती है और बातचीत के जरिए ही इसका स्थायी समाधान निकालने की दिशा में प्रयासरत है। हाल के दिनों में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर उभरे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान सरकार के रवैये में एक अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे आंदोलनरत छात्रों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

JPSC परीक्षा रद्द करने का ऐलान और जांच का भरोसा

विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JPSC परीक्षाओं से जुड़े विवाद पर सरकार का आधिकारिक पक्ष रखते हुए साफ किया कि चौदहवीं JPSC परीक्षा रद्द होगी और इसके साथ ही दो बैकलॉग परीक्षाओं को भी निरस्त किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षा की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। सरकार के इस फैसले से उन तमाम छात्रों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। हाल में हुई वार्ता में भी TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की जांच का मुद्दा प्रमुखता से उठा था, जिस पर अब सरकार ने सहमति जताई है।

मुख्यमंत्री का बीजेपी पर सीधा राजनीतिक प्रहार

छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष के लगातार हमलों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी भारतीय जनता पार्टी पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भाजपा के लोग गेरुआ वेश धारण कर जनता को ठगने का काम करते थे और अब छात्रों की आड़ में यही काम करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तीखी बहस हुई। भाजपा विधायक छात्रों की मांगों और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को लगातार घेरने की कोशिश करते रहे, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने सरकार की संवेदनशीलता का हवाला दिया।

छात्रों का आंदोलन अब भी जारी

विधानसभा में हुई इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह ध्यान रखना जरूरी है कि छात्र लंबे समय से JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलनरत हैं। सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत होने के बावजूद यह आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए गए लोगों पर सख्त कार्रवाई शामिल रही है, जिन पर अभी भी स्पष्ट सहमति नहीं बन पाई है।

सदन में नोटों की गड्डी दिखाकर विधायक ने साधा निशाना

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भाजपा विधायक सीपी सिंह ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सदन के भीतर नोटों की एक गड्डी दिखाकर राज्य में सरकारी नौकरियों और परीक्षा प्रक्रिया में कथित लेन-देन की तरफ इशारा करते हुए सवाल खड़े किए। सीपी सिंह के इस कदम का सत्ता पक्ष के विधायकों और मंत्रियों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद सदन का माहौल और अधिक गरमा गया। पहले से राजनीतिक विवाद का केंद्र बनी परीक्षा से जुड़ी मांगों के बीच इस घटना ने कार्यवाही को और हंगामेदार बना दिया।

JPSC Exam Cancellation 2026: घोषणाओं के बावजूद आंदोलन का रुख अस्पष्ट

मुख्यमंत्री ने सदन में दोहराया कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर पूरी तरह संवेदनशील है और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। 14वीं JPSC और दो बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने के साथ-साथ TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की जांच की घोषणा को आंदोलन के बीच एक अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि छात्रों की सभी मांगों पर अंतिम सहमति बनना अभी भी एक अलग और जटिल विषय है, क्योंकि सरकार की घोषणाओं के बाद भी आंदोलन को लेकर छात्रों का रुख पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है।

JPSC Exam Cancellation 2026: हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ सदन

लगातार बढ़ते हंगामे और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के चलते विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का फैसला लिया। हालांकि सदन की कार्यवाही मूल रूप से 12 अगस्त तक चलने का कार्यक्रम था, लेकिन तय समय से एक दिन पहले ही इसे समाप्त कर दिया गया। सत्र के आखिरी दिन विपक्षी विधायक छात्रों के मुद्दे और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर बने रहे, वहीं सरकार की तरफ से बातचीत और जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिया गया।

झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इन घोषणाओं के बाद अब सबकी नजरें सरकार के अगले कदमों पर टिकी हैं। खासतौर पर 14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने की प्रक्रिया और TDPL से जुड़ी जांच किस तरह आगे बढ़ती है, यह आने वाले दिनों में बेहद अहम साबित होगा। छात्र आंदोलन के बीच सरकार के इन फैसलों से विवाद को शांत करने की कोशिश जरूर नजर आती है, लेकिन असली परीक्षा घोषणाओं के सही क्रियान्वयन में होगी। छात्रों का भरोसा तभी पूरी तरह बहाल होगा, जब जमीनी स्तर पर इन वादों को अमल में लाया जाएगा।

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