Indias Got Latent 2 फिर विवादों में, मुकेश छाबड़ा और नेटफ्लिक्स के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा को लेकर शिकायत दर्ज

Indias Got Latent 2 फिर विवादों में, मुकेश छाबड़ा और नेटफ्लिक्स के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा को लेकर शिकायत दर्ज

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Indias Got Latent 2: समय रैना का चर्चित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ एक बार फिर विवादों की जद में आ गया है। इस बार शो के दूसरे सीजन के एक एपिसोड में कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा और नेटफ्लिक्स इंडिया के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता अनुराग श्रीवास्तव का दावा है कि 22 सितंबर 2026 की शाम मुंबई के एक होटल में अपने लैपटॉप पर नेटफ्लिक्स देखते समय उन्होंने इस एपिसोड को देखा, जिसमें होस्ट समय रैना के साथ एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी, एक्टर-यूट्यूबर भुवन बाम, कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा और स्टैंड-अप कॉमेडियन कौस्तुभ अग्रवाल पैनल में मौजूद थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एपिसोड के दौरान मुकेश छाबड़ा ने कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक और संबंध बनाने से जुड़ी भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर अब जांच की मांग उठाई गई है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर स्ट्रीमिंग कंटेंट की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे सामने आया पूरा मामला

शिकायतकर्ता अनुराग श्रीवास्तव के अनुसार वह 22 सितंबर 2026 की शाम को मुंबई पहुंचे थे। होटल के कमरे में अपने लैपटॉप पर नेटफ्लिक्स पर समय था बिताते हुए उन्होंने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का एक एपिसोड देखना शुरू किया। इस एपिसोड में होस्ट समय रैना के साथ पैनल में चार जाने-माने चेहरे मौजूद थे, जिनमें एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी, एक्टर और यूट्यूबर भुवन बाम, कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा और स्टैंड-अप कॉमेडियन कौस्तुभ अग्रवाल शामिल थे। एपिसोड देखते समय शिकायतकर्ता को कुछ ऐसी बातें सुनाई दीं, जिन्हें उन्होंने आपत्तिजनक और गंभीर सामाजिक असर वाला बताया।

मुकेश छाबड़ा के बयान पर उठे सवाल

शिकायत में विशेष रूप से मुकेश छाबड़ा के एक बयान का जिक्र किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एपिसोड के दौरान मुकेश छाबड़ा ने कथित तौर पर कहा, ‘मेरे आराम नगर में आओ’ और इसके आगे कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। शिकायत में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि इस पैनल चर्चा के दौरान मुकेश छाबड़ा को बेहद गलत, आपत्तिजनक और संबंध बनाने से जुड़ी भाषा इस्तेमाल करते हुए सुना गया। शिकायतकर्ता ने इस बयान को दर्शकों की गरिमा पर सीधा असर डालने वाला बताया है।

असली रिकॉर्डिंग से पुष्टि की मांग

शिकायत में यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस बयान की असलियत, आवाज या बोलने वाले व्यक्ति की पहचान, पूरा संदर्भ और सही टाइमस्टैम्प की पुष्टि मूल और बिना एडिट की गई रिकॉर्डिंग के जरिए की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता ने साफ किया है कि अगर जांच में यह बयान सही साबित होता है, तो यह न सिर्फ दर्शकों की गरिमा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, बल्कि बच्चों की साइबर सुरक्षा को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। इसी वजह से शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

नेटफ्लिक्स की भूमिका पर भी उठे सवाल

इस शिकायत में सिर्फ मुकेश छाबड़ा ही नहीं, बल्कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स की भूमिका की जांच की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ता ने यह सवाल उठाया है कि आखिर किस आधार पर इस तरह के कथित आपत्तिजनक कंटेंट को नेटफ्लिक्स के प्लेटफॉर्म पर दिखाने की इजाजत दी गई। इसके साथ ही नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेंट चीफ मोनिका शेरगिल की भूमिका की भी जांच की मांग शिकायत में शामिल की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कंटेंट अप्रूवल प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई।

शो का विवादों से पुराना नाता

‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के लिए यह पहला मौका नहीं है जब शो किसी विवाद में घिरा हो। इससे पहले फरवरी 2025 में शो के पहले सीजन के एक एपिसोड के दौरान कंटेंट क्रिएटर और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया को माता-पिता और संबंध बनाने से जुड़ी अपनी टिप्पणी को लेकर भारी आलोचना झेलनी पड़ी थी। उस विवाद ने देशभर में काफी सुर्खियां बटोरी थीं और शो की सामग्री को लेकर लंबे समय तक बहस चलती रही थी। अब एक बार फिर इसी तरह के आरोपों के साथ शो सुर्खियों में है, जिससे इसकी कंटेंट पॉलिसी को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं।

स्ट्रीमिंग कंटेंट की निगरानी को लेकर उठे सवाल

यह मामला एक बार फिर स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर दिखाए जाने वाले कंटेंट की निगरानी और नियमन से जुड़े सवालों को सामने लाता है। जहां एक तरफ स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को क्रिएटिव आजादी दी जाती है, वहीं दूसरी तरफ दर्शकों की गरिमा और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी जिम्मेदारी तय की जाती है। ऐसे में जब भी किसी शो के कंटेंट को लेकर शिकायत दर्ज होती है, तो यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि प्लेटफॉर्म पर कंटेंट अपलोड करने से पहले किस स्तर की समीक्षा प्रक्रिया अपनाई जाती है।

आगे की जांच पर टिकी हैं निगाहें

फिलहाल यह पूरा मामला शिकायत दर्ज होने के स्तर पर है, और शिकायतकर्ता ने खुद स्पष्ट किया है कि आरोपों की पुष्टि मूल रिकॉर्डिंग की जांच के बाद ही हो पाएगी। ऐसे में अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां इस मामले में क्या कार्रवाई करती हैं और क्या मुकेश छाबड़ा या नेटफ्लिक्स इंडिया की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक इन आरोपों को केवल शिकायत के तौर पर ही देखा जाना उचित होगा।

‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो को लेकर उठा यह ताजा विवाद एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल कंटेंट को लेकर समाज में संवेदनशीलता कितनी बढ़ चुकी है। मुकेश छाबड़ा और नेटफ्लिक्स इंडिया के खिलाफ दर्ज हुई इस शिकायत के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। पहले भी इसी शो को लेकर विवाद हो चुका है, ऐसे में यह घटना स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स की कंटेंट पॉलिसी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब तक आधिकारिक जांच पूरी नहीं होती, तब तक इस मामले पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

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