IGKV Paper Leak: IGKV में BSc Agriculture का पेपर लीक, 70% सवाल वायरल पेपर से मिले, परीक्षा रद्द; FIR और उच्चस्तरीय जांच शुरू
परीक्षा से दो घंटे पहले WhatsApp पर वायरल हुआ पेपर, 70% सवाल मूल पेपर से मिले
IGKV Paper Leak: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित प्रमुख शिक्षण संस्थान इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में सेमेस्टर परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। गुरुवार को आयोजित होने वाली बीएससी कृषि (B.Sc Agriculture) द्वितीय वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर की कीट विज्ञान (Entomology) विषय की अंतिम परीक्षा से लगभग दो घंटे पूर्व ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर तेजी से प्रसारित होने लगा। पेपर लीक की सूचना मिलते ही विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छात्रों ने भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता और प्रश्नपत्र में 70 प्रतिशत से अधिक समानता पाए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
विश्वविद्यालय से संबद्ध राज्यभर के दर्जनों कृषि महाविद्यालयों के लगभग 1,000 से 1,500 छात्र इस घटना से सीधे प्रभावित हुए हैं। परीक्षा व्यवस्था की शुचिता को बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एक बहुसदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है, साथ ही पुलिस के साइबर सेल में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।
IGKV Paper Leak: व्हाट्सएप पर परीक्षा से दो घंटे पहले वायरल हुआ प्रश्नपत्र, 70 फीसदी सवाल मिले
विश्वविद्यालय द्वारा जारी परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की ‘फसलों और संग्रहीत अनाज में कीट प्रबंधन-1 (रबी फसलें)’ (AENT-221) विषय की परीक्षा गुरुवार प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक निर्धारित थी। यह चालू सेमेस्टर की अंतिम सैद्धांतिक परीक्षा थी। हालांकि, सुबह लगभग 8:00 बजे ही परीक्षा का संभावित प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के कई छात्र समूहों में प्रसारित होना शुरू हो गया।
सुबह करीब 9:00 बजे डीन कार्यालय को एक अज्ञात ईमेल के माध्यम से पेपर लीक होने की औपचारिक शिकायत मिली। हालांकि उस ईमेल में प्रश्नपत्र की प्रति संलग्न नहीं थी, लेकिन कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल पेपर अधिकारियों के संज्ञान में आ गया। विश्वविद्यालय प्रशासन और विषय विशेषज्ञों की टीम ने जब वायरल हो रहे प्रश्नपत्र का मूल परीक्षा पेपर से मिलान किया, तो पाया गया कि यद्यपि प्रारूप में आंशिक अंतर था, परंतु लगभग 70 प्रतिशत प्रश्न मूल पेपर से हूबहू मेल खा रहे थे। परीक्षा की निष्पक्षता संदिग्ध होते देख अधिकारियों ने बिना किसी देरी के परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कृषि मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मामले के तूल पकड़ते ही राज्य सरकार भी पूरी तरह हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना को अत्यंत संवेदनशील और छात्रों के भविष्य से जुड़ा बताते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी स्तर पर धांधली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच समिति और पुलिस की रिपोर्ट सामने आते ही दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम के कड़े निर्देशों के बाद विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक और रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से स्थानीय थाने और साइबर सेल में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करा दिया गया है। पुलिस साइबर विशेषज्ञों की मदद से उस डिजिटल स्रोत का पता लगाने में जुटी है जहां से यह प्रश्नपत्र पहली बार व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किया गया था।
छात्रों में भारी आक्रोश, अब सितंबर के पहले सप्ताह में आयोजित होगी पुनः परीक्षा
अंतिम सेमेस्टर परीक्षा अचानक रद्द किए जाने के बाद परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे विद्यार्थियों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। कई छात्रों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे महीनों से इस महत्वपूर्ण विषय की तैयारी कर रहे थे और चंद असामाजिक तत्वों की करतूतों के कारण सभी ईमानदार छात्रों को मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर पेपर लीक में शामिल गिरोह और विभागीय लापरवाहों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।
स्थिति को नियंत्रित करते हुए परीक्षा नियंत्रक ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आधिकारिक परिपत्र प्रेषित कर दिया है। विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि रद्द की गई कीट विज्ञान विषय की यह परीक्षा अब सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में नए सिरे से आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और संशोधित परीक्षा समय-सारणी की आधिकारिक जानकारी हेतु विश्वविद्यालय के अधिकृत पोर्टल और अपने संबंधित महाविद्यालय के डीन कार्यालय के नियमित संपर्क में रहें।
IGKV Paper Leak: आंतरिक जांच समिति को एक सप्ताह का अल्टीमेटम
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति को पूरे मामले की तकनीकी व प्रशासनिक पड़ताल कर एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति इस बात की जांच कर रही है कि प्रश्नपत्र तैयार करने, मॉडरेशन, छपाई और वितरण की गोपनीय श्रृंखला में किस स्तर पर चूक हुई।
प्राथमिक जांच में अधिकारियों ने यह भी आशंका जताई है कि वायरल सामग्री के फॉन्ट और लेआउट को देखते हुए इसे आधुनिक डिजिटल टूल्स अथवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से त्वरित रूप से टाइप कर वितरित किया गया हो सकता है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि जांच की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा तंत्र में सुरक्षा के अतिरिक्त कड़े प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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